हमीरपुर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान नेरी हमीरपुर पहुंच कर यहां शोध संस्थान परिसर, पुस्तकालय, अभिलेखागार, ठाकुर रामसिंह संग्रहालय, सभागार व नवनिर्मित भवन का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने यहां आगामी निर्माण संबंधी परियोजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ठाकुर रामसिंह शोध संस्थान सभ्यताओं के अध्ययन केंद्र के रूप विकसित हो रहा है। उन्होंने शोध संस्थान से होने वाले प्रकाशन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस कार्य को निरंतर आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
धर्मेंद्र प्रधान ने शोध संस्थान की ओर से गांव के इतिहास लेखन पर किए जा रहे शोध व अध्ययन की प्रशंसा की। कहा कि हिमालय क्षेत्र में इतिहास एवं संस्कृति की समृद्ध परंपरा है। हिमालय क्षेत्र में लोकगाथाओं में इतिहास की समृद्ध परंपरा व व्यापक पुरातात्विक स्रोत हैं, जो भविष्य में इतिहास को एक नई दिशा प्रदान कर सकते हैं, जिनका अध्ययन अति आवश्यक है। शोध संस्थान नेरी के निदेशक डॉ. चेतराम गर्ग ने संस्थान की विस्तार से जानकारी देते हुए यहां प्रकाशित पावन पत्राचार, इतिहास लेखन में लोकगाथाओं का योगदान, स्वराज संघर्ष में हिमाचल के नेपथ्य-उचयनायक पुस्तकें भेंट कीं। इस मौके पर डॉ. ओम उपाध्याय निदेशक, भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद व उच्च शिक्षा, मंत्रालय भारत सरकार वीके सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री का संस्थान में पहुंचने पर कौशल विकास निगम के प्रदेश समन्वयक नवीन शर्मा, संस्थान के महासचिव भूमिदत्त शर्मा, सह सचिव डॉ. विकास शर्मा आदि ने स्वागत किया।