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Hamirpur (Himachal) News: नाम और नंबर प्लेट गायब, शहर में अवैध रेहड़ियों का बोलबाला
Tue, 24 Dec 2024 12:32 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 24 Dec 2024 12:32 AM IST
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हमीरपुर बाजार में बिना नाम और नंबर प्लेट के लगाई गई रेहड़ी। संवाद
हमीरपुर। नगर परिषद हमीरपुर की ओर से वर्षों पहले रेहड़ी धारकों को दिए गए नाम और नंबर प्लेट अब रेहड़ियों से गायब हो चुके हैं। इससे बाजार में रेहड़ी धारकों की स्थिति अराजक हो गई है। नगर परिषद क्षेत्र में लगने वाली रेहड़ी-फड़ी किसके नाम पर पंजीकृत है और अब उसका कौन संचालन कर रहा है, इसकी कोई जानकारी नहीं है।
नगर परिषद के पास कुल 200 पंजीकृत रेहड़ी धारकों का रिकॉर्ड है, लेकिन शहर के गांधी चौक से लेकर भोटा चौक तक अवैध रेहड़ी धारक बेतरतीब तरीके से कारोबार कर रहे हैं। नगर परिषद की टीम महीने में कभी कभार अभियान चलाकर रेहड़ी-फड़ी धारकों से 100, 200 रुपये का जुर्माना वसूल कर उन्हें चेतावनी देकर छोड़ देती है। इससे बाजार में लचर व्यवस्था बनी हुई है।
शहर के दुकानदार प्रवासी रेहड़ी-फड़ी धारकों को अपनी दुकानों के सामने बैठाकर मासिक किराया वसूल रहे हैं। मगर नगर परिषद रेहड़ी-फड़ी धारकों के पंजीकरण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। वर्ष 2020 में नगर परिषद ने रेहड़ी धारकों को नंबर प्लेट और नाम प्लेट दी थीं, लेकिन इसके बाद रेहड़ी धारकों को कोई रिकॉर्ड नहीं रखा गया। कई रेहड़ी धारक शहर छोड़कर भी चले गए हैं।
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शहरवासियों में प्रदीप, अश्वनी, मुन्ना, संजीत, बलदेव, कांता, रजनीश रांगड़ा आदि ने बताया कि बाजार में रेहड़ी धारकों की संख्या में वृद्धि हो रही है। इनमें प्रवासियों की संख्या ज्यादा है। नप के पास 11 वार्डों में महज 200 रेहड़ी धारक पंजीकृत हैं। मगर अवैध रूप से सज रहीं रेहड़ियों का कोई ठोस रिकॉर्ड नहीं है।
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नगर परिषद के पास कुल 200 पंजीकृत रेहड़ी धारकों का रिकॉर्ड है, लेकिन शहर के गांधी चौक से लेकर भोटा चौक तक अवैध रेहड़ी धारक बेतरतीब तरीके से कारोबार कर रहे हैं। नगर परिषद की टीम महीने में कभी कभार अभियान चलाकर रेहड़ी-फड़ी धारकों से 100, 200 रुपये का जुर्माना वसूल कर उन्हें चेतावनी देकर छोड़ देती है। इससे बाजार में लचर व्यवस्था बनी हुई है।
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शहर के दुकानदार प्रवासी रेहड़ी-फड़ी धारकों को अपनी दुकानों के सामने बैठाकर मासिक किराया वसूल रहे हैं। मगर नगर परिषद रेहड़ी-फड़ी धारकों के पंजीकरण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। वर्ष 2020 में नगर परिषद ने रेहड़ी धारकों को नंबर प्लेट और नाम प्लेट दी थीं, लेकिन इसके बाद रेहड़ी धारकों को कोई रिकॉर्ड नहीं रखा गया। कई रेहड़ी धारक शहर छोड़कर भी चले गए हैं।
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शहरवासियों में प्रदीप, अश्वनी, मुन्ना, संजीत, बलदेव, कांता, रजनीश रांगड़ा आदि ने बताया कि बाजार में रेहड़ी धारकों की संख्या में वृद्धि हो रही है। इनमें प्रवासियों की संख्या ज्यादा है। नप के पास 11 वार्डों में महज 200 रेहड़ी धारक पंजीकृत हैं। मगर अवैध रूप से सज रहीं रेहड़ियों का कोई ठोस रिकॉर्ड नहीं है।

हमीरपुर बाजार में बिना नाम और नंबर प्लेट के लगाई गई रेहड़ी। संवाद