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जिला में बांस उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एक करोड़ की कार्य योजना तैयार
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हमीरपुर। राष्ट्रीय बांस मिशन के अंतर्गत जिला के लिए गठित जिला स्तरीय बांस विकास एजेंसी की एक बैठक उपायुक्त हरिकेश मीणा की अध्यक्षता में हुई। जिसमें मिशन के अंतर्गत वर्ष 2019-20 के लिए कार्य योजना पर चर्चा की गई। इस जिला स्तरीय एजेंसी का अध्यक्ष उपायुक्त को बनाया गया है। सदस्यों के रूप में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी एवं उपनिदेशक, जिला पंचायत अधिकारी, जनजातीय विभाग के परियोजना अधिकारी, जिला उद्योग केंद्र के महा प्रबंधक, उपनिदेशक बागवानी, जिला वन अधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र के परियोजना समन्वयक सरकारी तथा विभिन्न स्वयं सेवी संगठनों, कृषक समितियों, स्वयं सहायता समूहों व किसान फोरम के प्रतिनिधियों को गैर सरकारी सदस्यों के रूप में नामित किया गया है।
उपनिदेशक कृृषि को इस समिति का सदस्य सचिव बनाया गया है। गैर वन भूमि में बांस उत्पादन व इसके विकास के लिए विभिन्न गतिविधियों का संचालन, समन्वय व नियंत्रण इस जिला स्तरीय एजेंसी द्वारा किया जाएगा। एजेंसी उपमंडल, तहसील व खंड स्तर पर बांस उत्पादन की स्थिति, संभावना, मांग तथा अपेक्षित सहयोग के संदर्भ में बेस लाइन सर्वेक्षण करेगी। उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए किसानों व उनसे जुड़ी संस्थाओं तथा स्वयं सहायता समूहों को जोड़कर कलस्टर आधारित बाजार व उद्यम को अपनाने पर बल दिया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए लगभग एक करोड़ चार लाख रुपये की एक कार्य योजना तैयार की गई है। इसके अंतर्गत 40 हेक्टेयर क्षेत्र को लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें से सरकारी गैर वन भूमि व निजी भूमि पर उत्तम प्रजाति के बांस उत्पादन को बढ़ावा देने के प्रयास किए जाएंगे।
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उपनिदेशक कृृषि को इस समिति का सदस्य सचिव बनाया गया है। गैर वन भूमि में बांस उत्पादन व इसके विकास के लिए विभिन्न गतिविधियों का संचालन, समन्वय व नियंत्रण इस जिला स्तरीय एजेंसी द्वारा किया जाएगा। एजेंसी उपमंडल, तहसील व खंड स्तर पर बांस उत्पादन की स्थिति, संभावना, मांग तथा अपेक्षित सहयोग के संदर्भ में बेस लाइन सर्वेक्षण करेगी। उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए किसानों व उनसे जुड़ी संस्थाओं तथा स्वयं सहायता समूहों को जोड़कर कलस्टर आधारित बाजार व उद्यम को अपनाने पर बल दिया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए लगभग एक करोड़ चार लाख रुपये की एक कार्य योजना तैयार की गई है। इसके अंतर्गत 40 हेक्टेयर क्षेत्र को लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें से सरकारी गैर वन भूमि व निजी भूमि पर उत्तम प्रजाति के बांस उत्पादन को बढ़ावा देने के प्रयास किए जाएंगे।
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