फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Mandeep used to show off by claiming to be a member of Bishnoi gang, plotted suicide while on parole

Hamirpur (Himachal) News: बिश्नोई गैंग का सदस्य होने का रौब दिखाता था मंनदीप, पेरोल पर रचा आत्महत्या का षड्यंत्र

Wed, 08 Jan 2025 06:43 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.) Updated Wed, 08 Jan 2025 06:43 AM IST
विज्ञापन
हमीरपुर में वर्ष 2011 में ठेकेदार की थी हत्या, जिला पुलिस की जांच में बड़े खुलासे
विज्ञापन

हमीरपुर पुलिस ने हत्या के मामले में उद्घोषित अपराधी को चंड़ीगढ़ से धरा
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। चंड़ीगढ़ से पांच जनवरी को गिरफ्तार उद्घोषित अपराधी मनदीप सिंह के मामले की जांच में बड़े खुलासे हुए हैं। जांच में यह भी पाया गया है कि आरोपी वर्तमान में जहां रह रहा था, वहां भी खुद को कथित तौर पर बिश्नोई गैंग का सदस्य बता रौब दिखाता था।
उद्घोषित अपराधी ने साल 2011 में हमीरपुर में सुभाष नाम के ठेकेदार की डंडों से पीटकर हत्या कर दी थी। अपराधी ने पेरोल के दौरान वर्ष 2017 में औट थाना के तहत ब्यास किनारे अपनी बाइक, सुसाइड नोट और कुछ सामान छोड़कर आत्महत्या का षड्यंत्र रचा था। इस दौरान बाइक और सामान की पुष्टि परिजनों ने की थी।
विज्ञापन

परिजनों ने भी इसे मरा हुआ मान लिया था, लेकिन पुलिस इस पहलू पर जांच कर रही है कि क्या इस तमाम षड्यंत्र में इसके परिजनों का हाथ है या नहीं। यदि परिजनों की इसमें संलिप्तता पाई जाती है पुलिस मामले में कार्रवाई करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

एसपी हमीरपुर भगत सिंह ठाकुर ने मंगलवार को प्रेसवार्ता कर इस मामले की जांच हुए इन खुलासों की जानकारी दी। एएसपी हमीरपुर राजेश कुमार, डीएसपी नितिन डोगरा, भोरंज एसएचओ प्रशांत ठाकुर और पीओ सैल की टीम के अपराधी को पकड़ने में अहम प्रयास रहे हैं। अदालत ने वर्ष 2012 में आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। जिला कारागार हमीरपुर से वर्ष 2013 पेरोल पर बाहर आए कैदी मनदीप पुत्र विशंभर दास गांव घुमारवीं पंचायत लगमनवीं ज़िला बिलासपुर को चंडीगढ़ में बीते रविवार को गिरफ्तार किया है।
वर्ष 2013 में पैरोल के दौरान कैदी ने भोरंज थाना के क्षेत्राधिकार में एक चोरी की वारदात को भी अंजाम दे दिया। चोरी के मामले में चार्जशीट के बाद वर्ष 2017 में कैदी उम्रकैद की सजा के दौरान फिर पैरोल पर बाहर आया। इस दौरान कैदी ने आत्महत्या की झूठी कहानी रची। अपराधी ने सुनील नाम से फर्जी आधार कार्ड बना लिया था और एक गाड़ी भी खरीदी थी। वह चंडीगढ़ में टैक्सी चलाने का कार्य भी कर रहा था। इस दौरान बीच में वह अपने रिश्तेदारों से मिलने हमीरपुर भी आया था। औट में मौत का ढोंग रचने के बाद पुलिस ने अपराधी के शव को ढूंढने के प्रयास भी किए। शव न मिलने पर इसे मरा हुआ मान लिया गया था, लेकिन पुलिस की ओर से इसे ढूंढने के प्रयास जारी रखे गए थे। अब अपराधी को अदालत ने 10 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर भेजा है। आरोपी को शिनाख्त के लिए उसके रिश्तेदारों के घरों में पुलिस लेकर गई है।



कोट
मामले में अपराधी फिलहाल पुलिस रिमांड पर है। हर पहलू की जांच की जा रही है। अपराधी ने अपनी मौत का झूठा षड्यंत्र रचा था। इस मामले में छानबीन जारी है। -भगत सिंह ठाकुर एसपी हमीरपुर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed