{"_id":"669f9d04866a3157360bc081","slug":"maize-crop-affected-by-fall-armyworm-disease-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1001-132034-2024-07-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: मक्की की फसल को लगा फॉल आर्मी वर्म रोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: मक्की की फसल को लगा फॉल आर्मी वर्म रोग
विज्ञापन
दंगड़ी और बड़ा के किसानों की बढ़ी मुश्किलें, 50 फीसदी फसल चपेट में आई
पिछली बार भी इस रोग से किसानों की 30 फीसदी फसल हो गई थी बर्बाद
कीट की सुंडी मक्की के पत्तों को पहुंचाती है नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ा (नादौन)। उपमंडल नादौन में मक्की की फसल फॉल आर्मी वर्म रोग की चपेट में आने से किसान काफी चिंतित हैं। दंगड़ी और बड़ा पंचायत में यह बीमारी फैली हुई है। किसानों की 50 फीसदी फसल इस बीमारी की चपेट में आ चुकी है। किसानों का कहना है कि पिछले वर्ष भी इस बीमारी के फैलने से उनकी लगभग 30 फीसदी फसल बर्बाद हो गई थी। इस बार भी बारिश न होने से उनकी फसल पहले ही दम तोड़ रही है। उधर, कृषि विज्ञान केंद्र हमीरपुर स्थित धनपुर की कृषि कीट विशेषज्ञ डॉ. छवि ने कहा कि फॉल आर्मी वर्म इस फसल का एक मुख्य कीट है जो मक्की की फसल को नुकसान पहुंचाकर फसल को तबाह कर देता है। इसके प्रभाव से सारे के सारे मक्की के खेत तबाह होकर खाली हो जाते हैं। इस कीट की सुंडी मक्की के पत्तों को नुकसान करती है। शुरुआत में नव सुंडियां पत्तों के ऊपर सुई के आकार के छोटे छोटे सुराख बना देती हैं तथा पारदर्शी झिल्ली जैसे या कागज जैसे लंबे सुराख कर देती हैं।
ऐसे करें बचाव
डॉ. छवि ने कहा इस रोग से फसल को बचाने के लिए 10 फीसदी एमामैक्टिन बेंजोएट 5 एसजी 0.4 ग्राम प्रति एक लीटर पानी या स्पाइनेतोरम 11.7 एसजी 0.4 मिलीलीटर प्रति एक लीटर पानी या क्लोर-एंट्रीनीलीप्रोल 18.5 एसजी (कोराजन) 0.4 मिलीलीटर प्रति एक लीटर पानी में घोल बनाकर फसल पर छिड़काव करें।
विज्ञापन
पिछली बार भी इस रोग से किसानों की 30 फीसदी फसल हो गई थी बर्बाद
कीट की सुंडी मक्की के पत्तों को पहुंचाती है नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ा (नादौन)। उपमंडल नादौन में मक्की की फसल फॉल आर्मी वर्म रोग की चपेट में आने से किसान काफी चिंतित हैं। दंगड़ी और बड़ा पंचायत में यह बीमारी फैली हुई है। किसानों की 50 फीसदी फसल इस बीमारी की चपेट में आ चुकी है। किसानों का कहना है कि पिछले वर्ष भी इस बीमारी के फैलने से उनकी लगभग 30 फीसदी फसल बर्बाद हो गई थी। इस बार भी बारिश न होने से उनकी फसल पहले ही दम तोड़ रही है। उधर, कृषि विज्ञान केंद्र हमीरपुर स्थित धनपुर की कृषि कीट विशेषज्ञ डॉ. छवि ने कहा कि फॉल आर्मी वर्म इस फसल का एक मुख्य कीट है जो मक्की की फसल को नुकसान पहुंचाकर फसल को तबाह कर देता है। इसके प्रभाव से सारे के सारे मक्की के खेत तबाह होकर खाली हो जाते हैं। इस कीट की सुंडी मक्की के पत्तों को नुकसान करती है। शुरुआत में नव सुंडियां पत्तों के ऊपर सुई के आकार के छोटे छोटे सुराख बना देती हैं तथा पारदर्शी झिल्ली जैसे या कागज जैसे लंबे सुराख कर देती हैं।
ऐसे करें बचाव
डॉ. छवि ने कहा इस रोग से फसल को बचाने के लिए 10 फीसदी एमामैक्टिन बेंजोएट 5 एसजी 0.4 ग्राम प्रति एक लीटर पानी या स्पाइनेतोरम 11.7 एसजी 0.4 मिलीलीटर प्रति एक लीटर पानी या क्लोर-एंट्रीनीलीप्रोल 18.5 एसजी (कोराजन) 0.4 मिलीलीटर प्रति एक लीटर पानी में घोल बनाकर फसल पर छिड़काव करें।
विज्ञापन