{"_id":"64876759e90ec6acc8098a54","slug":"maharal-players-forced-to-practice-in-the-open-field-hamirpur-hp-news-c-19-1-sml1027-178374-2023-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: खुले मैदान में अभ्यास करने को मजबूर महारल के खिलाड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: खुले मैदान में अभ्यास करने को मजबूर महारल के खिलाड़ी
Tue, 13 Jun 2023 12:13 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 13 Jun 2023 12:13 AM IST
विज्ञापन
बड़सर(हमीरपुर)। राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला महारल में विद्यार्थी खेलकूद गतिविधियों के लिए खरीदी गई खेल सामग्री का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। हालात यह है अंडर-14 खंड स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता के लिए अभ्यास करने वाले खिलाड़ी मिट्टी, पत्थरों में अभ्यास करने को मजबूर हैं।
अभिभावकों राजेश कुमार, कमलेश कुमारी, धर्मसिंह, अनुराधा, सुनील, हरनाम सिंह आदि ने बताया कि वर्ष 2021 में स्कूल का उत्कृष्ट विद्यालय योजना के अंतर्गत चयन हुआ था। शिक्षा विभाग ने स्कूल के लिए विभिन्न विकास कार्यों के लिए 44 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि जारी की। प्रोत्साहन स्वरूप बजट से खेल सामग्री की खरीद पर अभिभावकोंं ने धांधली के आरोप लगाए थे। आरटीआई कार्यकर्ता यशपाल कुमार ने खुलासा किया की स्कूल के लिए खरीदा गया सामान बेहतर गुणवत्ता का नहीं है। बाजार के मूल्य से अधिक दाम पर खेल का सामान खरीदा गया है। आरोप है कि ढाई लाख रुपये से स्कूल के लिए 20 एमएम के 104 मैट खरीदे गए। बाजार में इनकी कीमत डेढ़ लाख के करीब थी। वहीं स्कूल के डीपीई राजेश चोपड़ा के अनुसार कबड्डी फेडरेशन के नियमों के अनुसार 40 एमएमएम के 180 मैट की जरूरत थी।
मामले में तत्कालीन प्रधानाचार्य के खिलाफ विभाग ने जांच शुरू की और आरोपी प्रधानाचार्य को निलंबित कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद भी जांच अभी तक पूरी नहीं हुई है। जांच प्रक्रिया पूरी न होने के कारण खिलाड़ी खेल सामग्री का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। वहीं इस बारे में स्कूल प्रधानाचार्य अजय कुमार ने कहा, की जो मैट खरीदे गए थे उनका उपयोग नहीं किया जा सकता है। इसका कारण खेल सामग्री की खरीद मामले की जांच अभी जारी है। अभी स्कूल के पास इतने फंड नहीं हैं कि दो लाख रुपये के और मैट खरीद सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभिभावकों राजेश कुमार, कमलेश कुमारी, धर्मसिंह, अनुराधा, सुनील, हरनाम सिंह आदि ने बताया कि वर्ष 2021 में स्कूल का उत्कृष्ट विद्यालय योजना के अंतर्गत चयन हुआ था। शिक्षा विभाग ने स्कूल के लिए विभिन्न विकास कार्यों के लिए 44 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि जारी की। प्रोत्साहन स्वरूप बजट से खेल सामग्री की खरीद पर अभिभावकोंं ने धांधली के आरोप लगाए थे। आरटीआई कार्यकर्ता यशपाल कुमार ने खुलासा किया की स्कूल के लिए खरीदा गया सामान बेहतर गुणवत्ता का नहीं है। बाजार के मूल्य से अधिक दाम पर खेल का सामान खरीदा गया है। आरोप है कि ढाई लाख रुपये से स्कूल के लिए 20 एमएम के 104 मैट खरीदे गए। बाजार में इनकी कीमत डेढ़ लाख के करीब थी। वहीं स्कूल के डीपीई राजेश चोपड़ा के अनुसार कबड्डी फेडरेशन के नियमों के अनुसार 40 एमएमएम के 180 मैट की जरूरत थी।
विज्ञापन
मामले में तत्कालीन प्रधानाचार्य के खिलाफ विभाग ने जांच शुरू की और आरोपी प्रधानाचार्य को निलंबित कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद भी जांच अभी तक पूरी नहीं हुई है। जांच प्रक्रिया पूरी न होने के कारण खिलाड़ी खेल सामग्री का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। वहीं इस बारे में स्कूल प्रधानाचार्य अजय कुमार ने कहा, की जो मैट खरीदे गए थे उनका उपयोग नहीं किया जा सकता है। इसका कारण खेल सामग्री की खरीद मामले की जांच अभी जारी है। अभी स्कूल के पास इतने फंड नहीं हैं कि दो लाख रुपये के और मैट खरीद सकें।
विज्ञापन