{"_id":"5e8369128ebc3e729f68a440","slug":"korona-increase-pain-of-serious-patient-hamirpur-hp-news-sml3291695144","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना ने बढ़ाया गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों का मर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना ने बढ़ाया गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों का मर्ज
विज्ञापन
बड़सर (हमीरपुर)। गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को उपचार के लिए बाहरी राज्य में जाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई मरीजों को पीजीआई चंडीगढ़ समेत अन्य निजी सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में कीमोथैरेपी या किडनी ट्रांसप्लांट के लिए पहुंचना मुश्किल हो गया है। चिकित्सा परामर्श या दवाई न मिलने पर मृत्यु का भय उन्हें सता रहा है। क्षेत्र के रमेश चंद का किडनी ट्रांसप्लांट हुआ है। इसे नियमित दवाई का सेवन करना पड़ता है। दवाई खत्म हो चुकी है। कर्फ्यू के दौरान वह चंडीगढ़ से अपनी दवाई कैसे लाएं, उसे समझ नहीं आ रहा। इसके पास गाड़ी की सुविधा भी नहीं है। हिमाचल पथ परिवहन निगम की गाड़ियों में उनको निशुल्क बस पास की सुविधा रहती है।
उनके साथ एक अटेंडेंट भी जा सकता है। लेकिन, अब उनके सामने समस्या यह है कि वह कैसे दवाई लाएं व इलाज करवाएं। सूरम चंद डेराबस्सी में एक निजी अस्पताल के आईसीयू में है। इनकी देखभाल करने के लिए इनके रिश्तेदार को वहां पर जाना है। लेकिन, उसे जाने के लिए कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है। कोटला गांव में अपनी पत्नी के साथ रह रहे हरवंश दत्त ने बताया कि उनकी पत्नी का पंचकूला के एक बड़े अस्पताल में ऑपरेशन हुआ है और उसे विशेष इंजेक्शन लगाने के लिए पंचकूला ले जाया जाना है। इसी तरह बिझड़ी की कांता रानी को अस्पताल से हमीरपुर रेफर किया है। इन लोगों का कहना है कि यदि उन्हें जीवन रक्षक दवाई ही नहीं मिलेगी तो वह कोरोना से कैसे लड़ पाएंगे। प्रशासन से इन लोगों ने आग्रह किया कि बाहरी राज्यों के लिए ऐसी दवाई लाने या जाने की सुविधा का प्रावधान किया जाए। क्षेत्र में इस तरह की बीमारियों से पीड़ित लोग सबसे अधिक परेशान हैं। कई लोग तो ऐसे हैं जिनके पास दवाई के लिए बड़ी मुश्किल से पैसे एकत्रित होते हैं। वह बाहर प्राइवेट गाड़ी में जाने के लिए खर्च वहन नहीं कर सकते हैं। संकट की घड़ी में ऐसे लोगों को मदद की दरकार है। इस बारे में एसडीएम प्रदीप कुमार ने बताया कि अगर इन लोगों को कर्फ्यू पास की जरूरत है तो इनके पास बना दिए जाएंगे।
विज्ञापन
उनके साथ एक अटेंडेंट भी जा सकता है। लेकिन, अब उनके सामने समस्या यह है कि वह कैसे दवाई लाएं व इलाज करवाएं। सूरम चंद डेराबस्सी में एक निजी अस्पताल के आईसीयू में है। इनकी देखभाल करने के लिए इनके रिश्तेदार को वहां पर जाना है। लेकिन, उसे जाने के लिए कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है। कोटला गांव में अपनी पत्नी के साथ रह रहे हरवंश दत्त ने बताया कि उनकी पत्नी का पंचकूला के एक बड़े अस्पताल में ऑपरेशन हुआ है और उसे विशेष इंजेक्शन लगाने के लिए पंचकूला ले जाया जाना है। इसी तरह बिझड़ी की कांता रानी को अस्पताल से हमीरपुर रेफर किया है। इन लोगों का कहना है कि यदि उन्हें जीवन रक्षक दवाई ही नहीं मिलेगी तो वह कोरोना से कैसे लड़ पाएंगे। प्रशासन से इन लोगों ने आग्रह किया कि बाहरी राज्यों के लिए ऐसी दवाई लाने या जाने की सुविधा का प्रावधान किया जाए। क्षेत्र में इस तरह की बीमारियों से पीड़ित लोग सबसे अधिक परेशान हैं। कई लोग तो ऐसे हैं जिनके पास दवाई के लिए बड़ी मुश्किल से पैसे एकत्रित होते हैं। वह बाहर प्राइवेट गाड़ी में जाने के लिए खर्च वहन नहीं कर सकते हैं। संकट की घड़ी में ऐसे लोगों को मदद की दरकार है। इस बारे में एसडीएम प्रदीप कुमार ने बताया कि अगर इन लोगों को कर्फ्यू पास की जरूरत है तो इनके पास बना दिए जाएंगे।
विज्ञापन