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Hamirpur (Himachal) News: कम शिक्षकों वाले स्कूलों में बच्चों को पढ़ाएंगे जेबीटी प्रशिक्षु
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गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए डाइट ने की पहल
112 दिन तक स्कूलों में आयोजित होती है प्रशिक्षु अध्यापकों की टीपी
जेबीटी प्रशिक्षुओं के लिए आयोजित की जा रही हैं सूक्ष्म शिक्षण कार्यशालाएं
हमीरपुर। जिलेभर के कम शिक्षकों वाले प्राइमरी स्कूलों में जेबीटी प्रशिक्षु विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे। विभाग ने अस्थायी तौर पर इंटर्नशिप कार्यक्रम के तहत इन प्रशिक्षुओं को कम शिक्षकों वाले स्कूलों में लगाया है। इससे इनकी इंटर्नशिप भी पूरी होगी और विद्यार्थियों की आगामी आने वाली एफए वन परीक्षा की तैयारी भी होगी। जिले के कुल 416 प्राइमरी स्कूलों में से 168 एक-एक अध्यापक के सहारे चल रहे हैं। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है। जिला प्रशिक्षण संस्थान के इंटर्नशिप कार्यक्रम के तहत जेबीटी प्रशिक्षु कम अध्यापक संख्या वाले स्कूलों में अपनी सेवाएं देंगे। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए इन जेबीटी प्रशिक्षुओं की सूक्ष्म कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही हैं। जेबीटी प्रशिक्षु 112 दिन बच्चों को स्कूल में पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियां भी सिखाएंगे। इससे बच्चों को पढ़ाई करने में आसानी होगी। वहीं, प्रशिक्षुओं को पढ़ाने का अनुभव प्राप्त होगा। वर्तमान में एक-एक शिक्षक वाले स्कूलों में एक अध्यापक को एक समय में सभी विद्यार्थियों को पढ़ाने में परेशानी हो रही है। विभाग की ओर से अंतिम वर्ष के जेबीटी प्रशिक्षुओं के लिए इंटर्नशिप कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इसमें प्रशिक्षुओं को 16 सप्ताह का फील्ड अनुभव दिया जाता है। इस बारे में डाइट गौना करौर के मीडिया प्रभारी भवानी सिंह ने कहा कि जेबीटी प्रशिक्षुओं को विशेषकर उन स्कूलों में भेजा गया है, जहां पर विद्यार्थियों की संख्या अधिक और शिक्षक महज एक-एक कार्यरत है। इन प्रशिक्षुओं के विद्यालय जाने से शिक्षकों को सहायता मिलेगी। वहीं, प्राथमिक शिक्षा की नींव भी मजबूत होगी। बवीता चंदेल
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112 दिन तक स्कूलों में आयोजित होती है प्रशिक्षु अध्यापकों की टीपी
जेबीटी प्रशिक्षुओं के लिए आयोजित की जा रही हैं सूक्ष्म शिक्षण कार्यशालाएं
हमीरपुर। जिलेभर के कम शिक्षकों वाले प्राइमरी स्कूलों में जेबीटी प्रशिक्षु विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे। विभाग ने अस्थायी तौर पर इंटर्नशिप कार्यक्रम के तहत इन प्रशिक्षुओं को कम शिक्षकों वाले स्कूलों में लगाया है। इससे इनकी इंटर्नशिप भी पूरी होगी और विद्यार्थियों की आगामी आने वाली एफए वन परीक्षा की तैयारी भी होगी। जिले के कुल 416 प्राइमरी स्कूलों में से 168 एक-एक अध्यापक के सहारे चल रहे हैं। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है। जिला प्रशिक्षण संस्थान के इंटर्नशिप कार्यक्रम के तहत जेबीटी प्रशिक्षु कम अध्यापक संख्या वाले स्कूलों में अपनी सेवाएं देंगे। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए इन जेबीटी प्रशिक्षुओं की सूक्ष्म कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही हैं। जेबीटी प्रशिक्षु 112 दिन बच्चों को स्कूल में पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियां भी सिखाएंगे। इससे बच्चों को पढ़ाई करने में आसानी होगी। वहीं, प्रशिक्षुओं को पढ़ाने का अनुभव प्राप्त होगा। वर्तमान में एक-एक शिक्षक वाले स्कूलों में एक अध्यापक को एक समय में सभी विद्यार्थियों को पढ़ाने में परेशानी हो रही है। विभाग की ओर से अंतिम वर्ष के जेबीटी प्रशिक्षुओं के लिए इंटर्नशिप कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इसमें प्रशिक्षुओं को 16 सप्ताह का फील्ड अनुभव दिया जाता है। इस बारे में डाइट गौना करौर के मीडिया प्रभारी भवानी सिंह ने कहा कि जेबीटी प्रशिक्षुओं को विशेषकर उन स्कूलों में भेजा गया है, जहां पर विद्यार्थियों की संख्या अधिक और शिक्षक महज एक-एक कार्यरत है। इन प्रशिक्षुओं के विद्यालय जाने से शिक्षकों को सहायता मिलेगी। वहीं, प्राथमिक शिक्षा की नींव भी मजबूत होगी। बवीता चंदेल