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बिना स्वीकृति प्लॉटों का रजिस्ट्रीकरण न करे राजस्व विभाग : आशा
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सुजानपुर (हमीरपुर)। मंडलीय नगर योजना कार्यालय हमीरपुर ने शुक्रवार को सुजानपुर में आशा मेहता नगर एवं ग्राम योजनाकार हमीरपुर की अध्यक्षता में जागरूकता शिविर का आयोजन किया। इसमें सुजानुपर योजना क्षेत्र में सम्मिलित क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों, नगर परिषद सुजानपुर के अधिकारियों/ कर्मचारियों, पंचायत प्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों को नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम-1977 के तहत इस क्षेत्र में लागू नियमों और विनियमों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
टीसीपी अधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्रों में विकासात्मक गतिविधियों के लिए अधिनियम के तहत प्रदान की गई छूट और नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम, 1977 की धारा 16 सी के प्रावधानों के बारे में भी विस्तार से बताया। राजस्व अधिकारियों से आग्रह किया कि वे विभाग से स्वीकृति लिए बिना प्लॉटों का रजिस्ट्रीकरण न करें।
लोगों को भी बताया गया कि वे विभाग की ओर से स्वीकृत उपविभाजन भूमि से ही प्लॉट खरीदना सुनिश्चित करें ताकि उन्हें वर्गाकार, आयताकार प्लॉट रास्ते व अन्य सुविधाओं सहित मिल सकें। आशा मेहता ने भू-संपदा (विनियमन और विकास अधिनियम प्राधिकरण) रेरा के प्रावधानों के बारे में भी अवगत करवाया। कहा कि जो व्यक्ति 500 वर्ग मीटर भूमि पर प्लॉट या 8 से अधिक फ्लैट का निर्माण कर विक्रय करना चाहेगा तो उसे भू-संपदा (विनियमन और विकास अधिनियम प्राधिकरण) रेरा में पंजीकृत होना पड़ेगा। इसके अतिरिक्त जिले में कहीं भी 2500 वर्ग मीटर से ज्यादा भूमि पर प्लॉट बनाने या फ्लैट का निर्माण विक्रय करना हो तो उस क्षेत्र को डीम्ड योजना क्षेत्र समझा जाएगा और वहां भी विभाग की स्वीकृति लेना व भू-संपदा (विनियमन और विकास अधिनियम प्राधिकरण) रेरा के तहत पंजीकृत होना अनिवार्य है। लोग घर बैठे ही विभाग की वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं और घर बैठे ही उन्हें विभाग की स्वीकृति मिल जाएगी।
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टीसीपी अधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्रों में विकासात्मक गतिविधियों के लिए अधिनियम के तहत प्रदान की गई छूट और नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम, 1977 की धारा 16 सी के प्रावधानों के बारे में भी विस्तार से बताया। राजस्व अधिकारियों से आग्रह किया कि वे विभाग से स्वीकृति लिए बिना प्लॉटों का रजिस्ट्रीकरण न करें।
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लोगों को भी बताया गया कि वे विभाग की ओर से स्वीकृत उपविभाजन भूमि से ही प्लॉट खरीदना सुनिश्चित करें ताकि उन्हें वर्गाकार, आयताकार प्लॉट रास्ते व अन्य सुविधाओं सहित मिल सकें। आशा मेहता ने भू-संपदा (विनियमन और विकास अधिनियम प्राधिकरण) रेरा के प्रावधानों के बारे में भी अवगत करवाया। कहा कि जो व्यक्ति 500 वर्ग मीटर भूमि पर प्लॉट या 8 से अधिक फ्लैट का निर्माण कर विक्रय करना चाहेगा तो उसे भू-संपदा (विनियमन और विकास अधिनियम प्राधिकरण) रेरा में पंजीकृत होना पड़ेगा। इसके अतिरिक्त जिले में कहीं भी 2500 वर्ग मीटर से ज्यादा भूमि पर प्लॉट बनाने या फ्लैट का निर्माण विक्रय करना हो तो उस क्षेत्र को डीम्ड योजना क्षेत्र समझा जाएगा और वहां भी विभाग की स्वीकृति लेना व भू-संपदा (विनियमन और विकास अधिनियम प्राधिकरण) रेरा के तहत पंजीकृत होना अनिवार्य है। लोग घर बैठे ही विभाग की वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं और घर बैठे ही उन्हें विभाग की स्वीकृति मिल जाएगी।
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