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Hamirpur (Himachal) News: बजट नहीं मिला तो लोगों के सहयोग से संवार दिया आंगनबाड़ी केंद्र
Tue, 28 Oct 2025 05:07 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 28 Oct 2025 05:07 AM IST
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कुसुम लता।
झनिक्कर आंगनबाड़ी की कार्यकर्ता ने पेश की मिसाल, बच्चों की संख्या को बढ़ाने के लिए चलाया अभियान
भवन में कुर्सियों के साथ अन्य सुविधाओं में भी किया इजाफा
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। सुविधाओं का अभाव और समय पर बजट जारी न होने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने लोगों का सहयोग लेकर आंगनबाड़ी केंद्र का विकास कर दिया। विकास खंड टौणी देवी के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कुसुम लता अन्य महिलाओं के लिए मिसाल बनी हैं। कार्यकर्ता को तीन वर्ष पूर्व आंगनबाड़ी केंद्र झनिक्कर चलाने के लिए एक कमरा किराये पर मिला था लेकिन केंद्र में संसाधनों की कमी और अव्यवस्था के चलते लोग बच्चों को आंगनबाड़ी की जगह प्ले स्कूल में दाखिल करवा रहे थे। इससे केंद्र में विद्यार्थियों की संख्या दो ही रह गई थी। केंद्र में संख्या कम होने नौनिहालों को विभाग की ओर से संचालित योजनाओं का लाभ नहीं मिला पा रहा था।
इससे परेशान कार्यकर्ता ने बिना किसी सहायता के निजी तौर गांव और आसपास के क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाया। लोगों को जागरूक कर उन्होंने केंद्र के लिए उपयोगी सामान देने के लिए प्रेरित किया। लोगों ने आपसी सहयोग से नौनिहालों की सुविधाओं के लिए रंग बिरंगी छोटी कुर्सियां, मैट्स, खिलौने, टेबल, रंगीन चार्ट, घड़ी, अलमारी सहित प्रेशर कुकर आदि प्रदान किया। इसके बाद कार्यकर्ता ने नौनिहालों को पढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम शुरू किए। इसके बाद अभिभावकों ने स्वयं जागरूक होकर प्ले स्कूल से बच्चों को निकालकर आंगनबाड़ी केंद्र में भेजना शुरू किया। इससे अब केंद्र में नौनिहालों की संख्या दो से बढ़कर चार हो गई है। केंद्र में कार्यरत सहायिका बच्चों की देखभाल के साथ उन्हें पौष्टिक आहार देती हैं जबकि कार्यकर्ता बच्चों को पढ़ाती हैं।
कोट
आंगनबाड़ी केंद्रों में नौनिहालों के विकास के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाता है ताकि बच्चों के विकास में सहयोग मिल सके।- कुसुम लता, कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी केंद्र झनिक्कर
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भवन में कुर्सियों के साथ अन्य सुविधाओं में भी किया इजाफा
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। सुविधाओं का अभाव और समय पर बजट जारी न होने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने लोगों का सहयोग लेकर आंगनबाड़ी केंद्र का विकास कर दिया। विकास खंड टौणी देवी के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कुसुम लता अन्य महिलाओं के लिए मिसाल बनी हैं। कार्यकर्ता को तीन वर्ष पूर्व आंगनबाड़ी केंद्र झनिक्कर चलाने के लिए एक कमरा किराये पर मिला था लेकिन केंद्र में संसाधनों की कमी और अव्यवस्था के चलते लोग बच्चों को आंगनबाड़ी की जगह प्ले स्कूल में दाखिल करवा रहे थे। इससे केंद्र में विद्यार्थियों की संख्या दो ही रह गई थी। केंद्र में संख्या कम होने नौनिहालों को विभाग की ओर से संचालित योजनाओं का लाभ नहीं मिला पा रहा था।
इससे परेशान कार्यकर्ता ने बिना किसी सहायता के निजी तौर गांव और आसपास के क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाया। लोगों को जागरूक कर उन्होंने केंद्र के लिए उपयोगी सामान देने के लिए प्रेरित किया। लोगों ने आपसी सहयोग से नौनिहालों की सुविधाओं के लिए रंग बिरंगी छोटी कुर्सियां, मैट्स, खिलौने, टेबल, रंगीन चार्ट, घड़ी, अलमारी सहित प्रेशर कुकर आदि प्रदान किया। इसके बाद कार्यकर्ता ने नौनिहालों को पढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम शुरू किए। इसके बाद अभिभावकों ने स्वयं जागरूक होकर प्ले स्कूल से बच्चों को निकालकर आंगनबाड़ी केंद्र में भेजना शुरू किया। इससे अब केंद्र में नौनिहालों की संख्या दो से बढ़कर चार हो गई है। केंद्र में कार्यरत सहायिका बच्चों की देखभाल के साथ उन्हें पौष्टिक आहार देती हैं जबकि कार्यकर्ता बच्चों को पढ़ाती हैं।
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कोट
आंगनबाड़ी केंद्रों में नौनिहालों के विकास के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाता है ताकि बच्चों के विकास में सहयोग मिल सके।- कुसुम लता, कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी केंद्र झनिक्कर

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कुसुम लता।
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