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Hamirpur (Himachal) News: मसलाना कलां गांव की हरिजन बस्ती आज भी सड़क से महरूम
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मरीजों को गांव से ले जाने के लिए लेना पड़ता है चारपाई का सहारा
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़सर (हमीरपुर)। बड़सर उपमंडल के मसलाना कलां गांव में हरिजन बस्ती को आज तक सड़क सुविधा नहीं मिल पाई है। इस बस्ती में 10 से 12 घर हैं, जहां कई परिवार कई वर्षों से अपना जीवन यापन कर रहे हैं। गांव के लिए उपायुक्त जिला हमीरपुर की ओर से सड़क निर्माण के लिए पैसा दिया गया था। वर्ष 2016 में सड़क निर्माण किया गया था, लेकिन जब लोक निर्माण विभाग ने इसे पक्का करना शुरू किया तो एक व्यक्ति ने मलकीयत भूमि पर निर्माण कार्य को रोक दिया।
देश राज, सत्या देवी और पुरुषोत्तम का कहना है कि गांव में अगर कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाता है तो उसे चारपाई पर उठाकर ले जाना पड़ता है। वहीं, उनका कहना है कि गांव तक सड़क न होने से उन्हें अपने खेतों तक ट्रैक्टर ले जाने में भी दिक्कत होती है। बिजाई का समय नजदीक आ रहा है, ऐसे में उनके गांव तक ट्रैक्टर और एंबुलेंस योग्य सड़क सरकार की ओर से बनवाई जाए। उनका यह भी कहना है कि अगर किसी ने गांव में घर बनाना हो तो उसे महंगे दामों पर रेत-बजरी और सीमेंट ढुलवाना पड़ता है। लोक निर्माण विभाग बड़सर के अधिशाषी अभियंता राजिंद्र जुबलानी ने कि इस विषय में लोक निर्माण विभाग ने काफी बार कोशिश की लेकिन गांव के एक व्यक्ति की मलकीयत भूमि सड़क की अलाइनमेंट में आती है, उस व्यक्ति ने इसे लेकर स्टे लिया है, और जब तक कोर्ट का स्टे है, तब तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है। जैसे ही ये बाधा दूर होगी, उसके बाद सड़क को बनाने और पक्का करने का कार्य किया जा सकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़सर (हमीरपुर)। बड़सर उपमंडल के मसलाना कलां गांव में हरिजन बस्ती को आज तक सड़क सुविधा नहीं मिल पाई है। इस बस्ती में 10 से 12 घर हैं, जहां कई परिवार कई वर्षों से अपना जीवन यापन कर रहे हैं। गांव के लिए उपायुक्त जिला हमीरपुर की ओर से सड़क निर्माण के लिए पैसा दिया गया था। वर्ष 2016 में सड़क निर्माण किया गया था, लेकिन जब लोक निर्माण विभाग ने इसे पक्का करना शुरू किया तो एक व्यक्ति ने मलकीयत भूमि पर निर्माण कार्य को रोक दिया।
देश राज, सत्या देवी और पुरुषोत्तम का कहना है कि गांव में अगर कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाता है तो उसे चारपाई पर उठाकर ले जाना पड़ता है। वहीं, उनका कहना है कि गांव तक सड़क न होने से उन्हें अपने खेतों तक ट्रैक्टर ले जाने में भी दिक्कत होती है। बिजाई का समय नजदीक आ रहा है, ऐसे में उनके गांव तक ट्रैक्टर और एंबुलेंस योग्य सड़क सरकार की ओर से बनवाई जाए। उनका यह भी कहना है कि अगर किसी ने गांव में घर बनाना हो तो उसे महंगे दामों पर रेत-बजरी और सीमेंट ढुलवाना पड़ता है। लोक निर्माण विभाग बड़सर के अधिशाषी अभियंता राजिंद्र जुबलानी ने कि इस विषय में लोक निर्माण विभाग ने काफी बार कोशिश की लेकिन गांव के एक व्यक्ति की मलकीयत भूमि सड़क की अलाइनमेंट में आती है, उस व्यक्ति ने इसे लेकर स्टे लिया है, और जब तक कोर्ट का स्टे है, तब तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है। जैसे ही ये बाधा दूर होगी, उसके बाद सड़क को बनाने और पक्का करने का कार्य किया जा सकता है।
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