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हिमाचल: हमीरपुर ट्रस ब्रिज हादसे में एक्शन, निर्माण कंपनी जे-इंफ्राटेक के खिलाफ FIR; तकनीकी जांच से खुलेगा राज
Sun, 04 Oct 2026 10:37 AM IST
Ankesh Dogra
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 04 Oct 2026 10:37 AM IST
सार
हमीरपुर के मसयाणा में शिमला-मटौर फोरलेन के तहत निर्माणाधीन ट्रस ब्रिज का स्पैन टूटने के मामले में पुलिस ने निर्माण कंपनी जे-इंफ्राटेक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। हादसे में लेबर ठेकेदार अजय कुमार की मौत हुई थी, जबकि मजदूर कमल कुमार गंभीर रूप से घायल हुआ था। शिकायत में पुल के डिजाइन, निर्माण सामग्री और सुरक्षा इंतजामों में कथित खामियों के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस एफएसएल रिपोर्ट और तकनीकी जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
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हमीरपुर का क्षतिग्रस्त पुल।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
शिमला-मटौर फोरलेन परियोजना के तहत मसयाणा में निर्माणाधीन ट्रस ब्रिज का स्पैन टूटने के मामले में पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। हादसे में लेबर ठेकेदार अजय कुमार की मौत के बाद पुलिस ने निर्माण कार्य कर रही जे-इंफ्राटेक कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने यह मामला मृतक अजय कुमार के चचेरे भाई नरेंद्र कुमार की शिकायत के आधार पर दर्ज किया है। शिकायत में पुल के डिजाइन, निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री और काम के दौरान अपनाए गए सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125, 125(ए), 125(बी) और 106(1) के तहत एफआईआर दर्ज की है।
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पुल का आधा हिस्सा अचानक टूटा
शिकायत के अनुसार, 2 अक्टूबर को सुबह अजय कुमार मजदूरों के साथ हथली खड्ड पर फोरलेन के ऊपर बनाए जा रहे लोहे के पुल को जोड़ने का काम कर रहे थे। दोपहर करीब 1 बजे काम के दौरान अचानक निर्माणाधीन पुल का आधा हिस्सा टूटकर नीचे जा गिरा। हादसे की चपेट में अजय कुमार और मजदूर कमल कुमार आ गए और दोनों नीचे खाई में जा गिरे। वहीं, पांच अन्य मजदूर पुल के पिलर पर फंस गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बचाव दल और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया। अजय कुमार को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज हमीरपुर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल कमल कुमार को एम्स बिलासपुर रेफर किया गया।
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डिजाइन और निर्माण सामग्री पर उठे सवाल
मृतक के चचेरे भाई की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पुल के निर्माण में इंजीनियरिंग या डिजाइन से संबंधित खामी हो सकती है। इसके साथ ही निर्माण में कथित तौर पर घटिया सामग्री के इस्तेमाल और श्रमिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम नहीं किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही होगी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पुल का हिस्सा आखिर किन तकनीकी कारणों से टूटा और हादसे के लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।
एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य
हादसे के बाद शनिवार को एफएसएल टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस अब एफएसएल की रिपोर्ट के साथ तकनीकी जांच के निष्कर्षों का इंतजार कर रही है। जांच में पुल के डिजाइन, निर्माण प्रक्रिया, इस्तेमाल की गई सामग्री, सुरक्षा मानकों और काम की परिस्थितियों को शामिल किया जा सकता है। तकनीकी खामियां और जिम्मेदारी सामने आने के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। फिलहाल एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले की जांच आगे बढ़ गई है। हादसे में एक व्यक्ति की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने के कारण निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
मृतक के चचेरे भाई की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पुल के निर्माण में इंजीनियरिंग या डिजाइन से संबंधित खामी हो सकती है। इसके साथ ही निर्माण में कथित तौर पर घटिया सामग्री के इस्तेमाल और श्रमिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम नहीं किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही होगी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पुल का हिस्सा आखिर किन तकनीकी कारणों से टूटा और हादसे के लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।
एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य
हादसे के बाद शनिवार को एफएसएल टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस अब एफएसएल की रिपोर्ट के साथ तकनीकी जांच के निष्कर्षों का इंतजार कर रही है। जांच में पुल के डिजाइन, निर्माण प्रक्रिया, इस्तेमाल की गई सामग्री, सुरक्षा मानकों और काम की परिस्थितियों को शामिल किया जा सकता है। तकनीकी खामियां और जिम्मेदारी सामने आने के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। फिलहाल एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले की जांच आगे बढ़ गई है। हादसे में एक व्यक्ति की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने के कारण निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।