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Hamirpur (Himachal) News: एसआईआर के विरोध में माकपा ने किया प्रदर्शन
Sun, 04 Oct 2026 12:50 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 04 Oct 2026 12:50 AM IST
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गांधी चौक पर कम्यूनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) जिला इकाई के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आ
हमीरपुर। कम्यूनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने चुनाव आयोग की ओर से लागू विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में गांधी चौक पर प्रदर्शन किया। जिला कमेटी ने उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
जिला सचिव प्रताप राणा ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की ओर से देश के विभिन्न राज्यों में चुनावों के दौरान एसआईआर की प्रक्रिया मनमाने और असंवैधानिक तरीके से लागू की गई।
उन्होंने दावा किया कि निर्णय में अन्य चुनाव आयुक्तों को विश्वास में नहीं लिया गया और न ही चुनाव आयोग की किसी बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि इससे लाखों मतदाताओं के मताधिकार पर असर पड़ा है।
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उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर आपत्ति जताते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की।
इसके अलावा चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, विपक्ष के नेता और प्रधानमंत्री की समिति को फिर से बहाल करने तथा भाजपा सरकार द्वारा इस व्यवस्था को बदलने वाले कानून को रद्द करने की मांग उठाई। प्रदर्शन में पार्टी के काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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जिला सचिव प्रताप राणा ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की ओर से देश के विभिन्न राज्यों में चुनावों के दौरान एसआईआर की प्रक्रिया मनमाने और असंवैधानिक तरीके से लागू की गई।
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उन्होंने दावा किया कि निर्णय में अन्य चुनाव आयुक्तों को विश्वास में नहीं लिया गया और न ही चुनाव आयोग की किसी बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि इससे लाखों मतदाताओं के मताधिकार पर असर पड़ा है।
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उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर आपत्ति जताते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की।
इसके अलावा चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, विपक्ष के नेता और प्रधानमंत्री की समिति को फिर से बहाल करने तथा भाजपा सरकार द्वारा इस व्यवस्था को बदलने वाले कानून को रद्द करने की मांग उठाई। प्रदर्शन में पार्टी के काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।