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Hamirpur (Himachal) News: जीपीएस मैपिंग सर्वे का टेंडर फाइलों में दफन
Mon, 14 Apr 2025 05:40 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 14 Apr 2025 05:40 AM IST
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हमीरपुर। नगर निगम हमीरपुर के अंतर्गत नौ माह पूर्व जीपीएस मैपिंग सर्वे को लेकर हुआ टेंडर फाइलों में दफन हो गया है। नगर निगम की ओर से 11 वार्डों में गृहकर लेने को लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जीपीएस मैपिंग सर्वे करवाया जाना था ताकि क्षेत्रफल के आधार पर भवन मालिकों से कर लिया जा सके। सर्वे के लिए बाकायदा निगम की ओर से अगस्त 2024 में 18 लाख रुपये का टेंडर आवंटित किया गया। जिससे मार्च माह तक सर्वे प्रक्रिया पूर्ण करवाकर अप्रैल माह से 11 वार्डों में गृहकर को लेकर नई दरें शुरू करने का कार्य किया जा सके लेकिन टेंडर आवंटित होने के बाद सर्वे को लेकर कोई भी कार्य नहीं हो पाया है। जिससे टेंडर के लिए जारी बजट कहां खर्च हुआ।
इसको लेकर विभागीय अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। जीपीएस मैपिंग सर्वे नगर निगम के गठन से पूर्व नगर परिषद के कार्यकाल में शुरू हुआ था ताकि उच्च दर्जा मिलने के बाद शहर में गृहकर का कार्य भी आधुनिक माध्यम से करवाया जा सके। नगर निगम की ओर से मार्च माह मेें 11 वार्डों में गृहकर पर्ची काटकर लिया गया। निगम के कर्मचारियों ने वार्डों में घर-घर जाकर लोगों से पर्ची देकर गृहकर वसूला जबकि अधिकांश लोगों को कार्यालयों के चक्कर काटने पड़े। जीपीएस मैपिंग का मुख्य उद्देश्य मुख्यत: शहर में वर्षों से बन रहे भवनों का नए सिरे से रिकॉर्ड रखकर भवनों के अनुसार कर लेना है ताकि भवन के अनुसार ही गृहकर लिया जा सके। वर्तमान में शहर के अधिकांश ऐसे भवन हैं जो धरातल पर पांच मंजिला और निगम के कार्यालय में एक मंजिला ही हैं।
जीपीएस मैपिंग के लिए 18 लाख रुपये से टेंडर आवंटित किया गया है। सर्वे कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा। 11 वार्डों में सर्वे करवाया जाएगा। जिससे निगम के कर्मचारियों को गृहकर वसूलने और वार्डों में अन्य कार्य करवाने में काफी सुविधा मिलेगी।
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-राहुल चौहान, आयुक्त नगर निगम हमीरपुर
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इसको लेकर विभागीय अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। जीपीएस मैपिंग सर्वे नगर निगम के गठन से पूर्व नगर परिषद के कार्यकाल में शुरू हुआ था ताकि उच्च दर्जा मिलने के बाद शहर में गृहकर का कार्य भी आधुनिक माध्यम से करवाया जा सके। नगर निगम की ओर से मार्च माह मेें 11 वार्डों में गृहकर पर्ची काटकर लिया गया। निगम के कर्मचारियों ने वार्डों में घर-घर जाकर लोगों से पर्ची देकर गृहकर वसूला जबकि अधिकांश लोगों को कार्यालयों के चक्कर काटने पड़े। जीपीएस मैपिंग का मुख्य उद्देश्य मुख्यत: शहर में वर्षों से बन रहे भवनों का नए सिरे से रिकॉर्ड रखकर भवनों के अनुसार कर लेना है ताकि भवन के अनुसार ही गृहकर लिया जा सके। वर्तमान में शहर के अधिकांश ऐसे भवन हैं जो धरातल पर पांच मंजिला और निगम के कार्यालय में एक मंजिला ही हैं।
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जीपीएस मैपिंग के लिए 18 लाख रुपये से टेंडर आवंटित किया गया है। सर्वे कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा। 11 वार्डों में सर्वे करवाया जाएगा। जिससे निगम के कर्मचारियों को गृहकर वसूलने और वार्डों में अन्य कार्य करवाने में काफी सुविधा मिलेगी।
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-राहुल चौहान, आयुक्त नगर निगम हमीरपुर