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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Government should release pending financial benefits soon: Forum

लंबित वित्तीय लाभ शीघ्र जारी करे सरकार : फोरम

Sat, 07 Feb 2026 02:17 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 07 Feb 2026 02:17 AM IST
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फतेहपुर (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड पेंशनर फोरम फतेहपुर इकाई की बैठक शुक्रवार को एक निजी पैलेस में इकाई उपाध्यक्ष वीर सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। बैठक में इकाई के मुख्य सलाहकार एवं सेवानिवृत्त सहायक अभियंता धर्म कपूर विशेष अतिथि उपस्थित रहे। उन्होंने विद्युत बोर्ड प्रबंधन वर्ग और प्रदेश सरकार पर पेंशनरों को मिलने वाले वित्तीय लाभों को जारी करने में अनावश्यक देरी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बार-बार ज्ञापन सौंपने और मांगें उठाने के बावजूद पेंशनरों की जायज मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। इसको लेकर पेंशनर फोरम ने हिमाचल सरकार और विद्युत बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए सभी लंबित वित्तीय लाभ शीघ्र जारी करने की मांग की।
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पदाधिकारियों ने कहा कि मार्च 2024 के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अब तक लीव इन कैशमेंट और ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं किया गया है। वहीं, पहली जनवरी 2016 से 31 मार्च 2022 की अवधि के दौरान सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को भी संशोधित लीव इन कैशमेंट और ग्रेच्युटी की राशि आज तक नहीं मिली है। इसके अतिरिक्त 70 और 75 वर्ष आयु वर्ग के पेंशनरों की बकाया राशि भी लंबे समय से लंबित पड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से 25 जनवरी को 31 जनवरी तक एरियर जारी करने की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक उस पर अमल नहीं हो पाया है। वर्ष 2002 के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारी आज भी ओपीएस लागू होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
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बैठक में स्मार्ट मीटरों के मुद्दे पर पेंशनर फोरम ने दो टूक शब्दों में कहा कि किसी भी कीमत पर स्मार्ट मीटर प्रदेश में लागू नहीं होने दिए जाएंगे। पेंशनरों ने आरोप लगाया कि सरकार चहेती कंपनियों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से यह योजना थोप रही है, जिसका सीधा नुकसान आम उपभोक्ताओं को उठाना पड़ेगा। एक स्मार्ट मीटर की कीमत करीब 10 हजार रुपये है, जिसे उपभोक्ताओं से हर माह थोड़ी-थोड़ी राशि के रूप में वसूला जाएगा। यह पूरी तरह अनावश्यक है और इससे गरीब-मध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। पेंशनरों ने स्पष्ट किया कि जब पुराने मीटर सही ढंग से कार्य कर रहे हैं, तो उन्हें बदलने की कोई जरूरत नहीं है। स्मार्ट मीटर लगने से विभाग में कार्यरत कर्मचारियों के बेरोजगार होने का खतरा भी बना रहेगा। साथ ही रिचार्ज आधारित व्यवस्था के कारण ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इस दौरान यूनिट उपाध्यक्ष कुलवंत सिंह, जगदीश सिंह, जालम सिंह, राम लाल, सुदेश कुमारी सहित अन्य उपस्थित रहे।
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