नादौन (हमीरपुर)। डॉ. वाईएस परमार विश्वविद्यालय नौणी के खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से शुक्रवार को एआईसीआरपी परियोजना के तहत मैड़ पंचायत में एक प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। शिविर के प्रथम दिन किसानों को फलों के पल्प और पेय पदार्थ इत्यादि उत्पादों के बारे में प्रशिक्षण दिया गया।
परियोजना के तहत वैज्ञानिक डॉ. अनिल कुमार वर्मा ने कहा कि स्वयं सहायक समूह का गठन करके प्रसंस्करण के क्षेत्र में फलों और सब्जियां से उत्पाद तैयार करके आर्थिकी को मजबूत करने के साथ-साथ फसलों की बर्बादी को रोका जा सकता है। इसके उपरांत सरकार की विभिन्न कल्याणकारी प्रसंस्करण योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने नींबू प्रजाति के फलों का उपयोग करके विभिन्न पेय पदार्थ, अचार और छिलकों से कैंडी उत्पाद तैयार करने करके आय को दोगुना कर सकते हैं। इस प्रशिक्षण शिविर में प्रधान ग्राम पंचायत मैड़ रेनू शर्मा, दीप कुमार और तारा चंद सहित अन्य मौजूद रहे।