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Hamirpur (Himachal) News: कोलकाता से आए फूलों से महकेगा गसोता महादेव मंदिर
Sat, 14 Feb 2026 12:51 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 14 Feb 2026 12:51 AM IST
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महाशिवरात्रि पर्व के लिए सजाया जा रहा गसोता महादेव मंदिर। स्रोत : कमेटी
हमीरपुर। महाशिवरात्रि के पर्व पर गसोता महादेव मंदिर कोलकाता से आए फूलों से महकेगा। गसोता महादेव मंदिर की सजावट के लिए कोलकाता से 22 क्विंटल फूल लाए गए हैं। मंदिर को सजाने की तैयारी जोरों पर है।
कोलकाता से पीले व लाल गेंदें के फूल, अशोका पत्ता, गुलदाउदी, जरबेरा, रजनीगंधा और गुलाब के फूल लाए गए हैं। महाशिवरात्रि पर्व पर श्रद्धालु रात के 12 बजे ही मंदिर में पहुंच जाते हैं, लेकिन सुबह चार बजे आरती के बाद ही श्रद्धालु शिवलिंग पर जलाभिषेक कर सकेंगे। सुबह चार बजे से ही दर्शन होना शुरू हो जाएंगे।
महाशिवरात्रि के पर्व पर दिनभर मंदिर में भंडारा लगा रहेगा, जिसमें लोगों को चाय, फलाहार आदि दिए जाएंगे। दिनभर मंदिर में भजन-कीर्तन किया जाएगा। इस मंदिर में लोगों की गहरी आस्था है। प्रदेश के विभिन्न स्थानों से श्रद्धालु इस मंदिर में दर्शन करने के लिए आते हैं। गसोता महादेव मंदिर हजारों वर्ष पुराना है।
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दंत कथाओं के अनुसार एक बार एक किसान गसोता गांव में अपने खेत में हल जोत रहा था। उस दौरान हल किसी वस्तु से टकराया तो वहां जलधारा निकली। बाद में दोबारा हल टकराया तो दूध निकला। तीसरी बार जब हल टकराया तो खून निकला तो किसान की आंखों की रोशनी चली गई। बाद में किसान को सपना हुआ और सपने के अनुसार वहां स्वयंभू शिवलिंग निकला तथा उसे स्थापित करने को कहा।
गसोता महादेव मंदिर कमेटी के उपप्रधान संजीव कुमार ने कहा कि महाशिवरात्रि के पर्व के लिए गसोता महादेव मंदिर में तैयारियां की जा रही हैं। 22 क्विंटल फूल गसोता महादेव मंदिर की सजावट के लिए विधायक हमीरपुर आशीष शर्मा ने मंगवाए हैं। सुबह चार बजे आरती के बाद श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे।
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कोलकाता से पीले व लाल गेंदें के फूल, अशोका पत्ता, गुलदाउदी, जरबेरा, रजनीगंधा और गुलाब के फूल लाए गए हैं। महाशिवरात्रि पर्व पर श्रद्धालु रात के 12 बजे ही मंदिर में पहुंच जाते हैं, लेकिन सुबह चार बजे आरती के बाद ही श्रद्धालु शिवलिंग पर जलाभिषेक कर सकेंगे। सुबह चार बजे से ही दर्शन होना शुरू हो जाएंगे।
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महाशिवरात्रि के पर्व पर दिनभर मंदिर में भंडारा लगा रहेगा, जिसमें लोगों को चाय, फलाहार आदि दिए जाएंगे। दिनभर मंदिर में भजन-कीर्तन किया जाएगा। इस मंदिर में लोगों की गहरी आस्था है। प्रदेश के विभिन्न स्थानों से श्रद्धालु इस मंदिर में दर्शन करने के लिए आते हैं। गसोता महादेव मंदिर हजारों वर्ष पुराना है।
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दंत कथाओं के अनुसार एक बार एक किसान गसोता गांव में अपने खेत में हल जोत रहा था। उस दौरान हल किसी वस्तु से टकराया तो वहां जलधारा निकली। बाद में दोबारा हल टकराया तो दूध निकला। तीसरी बार जब हल टकराया तो खून निकला तो किसान की आंखों की रोशनी चली गई। बाद में किसान को सपना हुआ और सपने के अनुसार वहां स्वयंभू शिवलिंग निकला तथा उसे स्थापित करने को कहा।
गसोता महादेव मंदिर कमेटी के उपप्रधान संजीव कुमार ने कहा कि महाशिवरात्रि के पर्व के लिए गसोता महादेव मंदिर में तैयारियां की जा रही हैं। 22 क्विंटल फूल गसोता महादेव मंदिर की सजावट के लिए विधायक हमीरपुर आशीष शर्मा ने मंगवाए हैं। सुबह चार बजे आरती के बाद श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे।

महाशिवरात्रि पर्व के लिए सजाया जा रहा गसोता महादेव मंदिर। स्रोत : कमेटी