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Hamirpur (Himachal) News: पन्याला से जंदली गुजरां सड़क के लिए एफआरए की स्वीकृति
Tue, 30 Apr 2024 05:41 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 30 Apr 2024 05:41 AM IST
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रंगस (हमीरपुर)। उपमंडल नादौन के पन्याला से जंदली गुजरां के लिए प्रस्तावित सड़क के लिए वन विभाग से एफआरए (वन अधिकार अधिनियम) के तहत मंजूरी मिल गई है। वन विभाग की 0.2954 हेक्टेयर भूमि को सड़क निर्माण के लिए स्थानांतरित किया जाएगा। इसके बाद क्षेत्र के लोगों की सड़क मांग को आचार संहिता समाप्त होते ही पूरा किया जा सकेगा।
ग्राम पंचायत रंगस के तहत आने वाले पन्याला गांव में कई वर्षों से पक्की सड़क की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है। यह गांव जंगल के बीच में काफी ऊंचाई वाले क्षेत्र में वसा है। गांव में अधिकतर अल्पसंख्यक समुदाय के लोग ही अपना गुजर बसर करते हैं। ऐसी स्थिति में गांव के छोटे बच्चों को स्कूल जाने के लिए जंगली रास्ते को पैदल तय करना पड़ता है। बुजुर्गों को भी आवाजाही करना मुश्किल होता है।
समस्या को ध्यान में रखते ही इस प्रस्तावित सड़क के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग के माध्यम से वन विभाग की अनुमति मांगी गई थी। अनुमति मिलने के बाद अब सड़क निर्माण का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
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कनिष्ठ अभियंता सुशील कुमार ने कहा कि एक किलोमीटर लंबी सड़क के लिए एफआरए के तहत वन विभाग की अनुमति मिल गई है। चुनाव आचार संहिता के बाद सभी औपचारिकताओं को पूरा करके सड़क निर्माण के लिए टेंडर लगाया जाएगा। जब मेडिकल कॉलेज के समीप थाईं मोड़ से प्रस्तावित जंदली सड़क के लिए एफसीए के तहत अनुमति मिल जाएगी तो मेडिकल कॉलेज से पन्याला की दूरी मात्र दो किलोमीटर रह जाएगी।
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ग्राम पंचायत रंगस के तहत आने वाले पन्याला गांव में कई वर्षों से पक्की सड़क की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है। यह गांव जंगल के बीच में काफी ऊंचाई वाले क्षेत्र में वसा है। गांव में अधिकतर अल्पसंख्यक समुदाय के लोग ही अपना गुजर बसर करते हैं। ऐसी स्थिति में गांव के छोटे बच्चों को स्कूल जाने के लिए जंगली रास्ते को पैदल तय करना पड़ता है। बुजुर्गों को भी आवाजाही करना मुश्किल होता है।
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समस्या को ध्यान में रखते ही इस प्रस्तावित सड़क के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग के माध्यम से वन विभाग की अनुमति मांगी गई थी। अनुमति मिलने के बाद अब सड़क निर्माण का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
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कनिष्ठ अभियंता सुशील कुमार ने कहा कि एक किलोमीटर लंबी सड़क के लिए एफआरए के तहत वन विभाग की अनुमति मिल गई है। चुनाव आचार संहिता के बाद सभी औपचारिकताओं को पूरा करके सड़क निर्माण के लिए टेंडर लगाया जाएगा। जब मेडिकल कॉलेज के समीप थाईं मोड़ से प्रस्तावित जंदली सड़क के लिए एफसीए के तहत अनुमति मिल जाएगी तो मेडिकल कॉलेज से पन्याला की दूरी मात्र दो किलोमीटर रह जाएगी।