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Hamirpur (Himachal) News: किसान, बागवान मंडियों में न जाकर अपने उत्पाद सीधे ग्राहक को बेच सकेंगे
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कृषि उपज मंडी समिति ने ग्रामीण हाट स्थापित करने का लिया निर्णय
सब्जी मंडियों में निर्माण कार्यों को जल्द पूरा करवाएगी एपीएमसी : अजय
समिति ने वित्तीय वर्ष 2023-24 की कुल आय और व्यय को किया अनुमोदित
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। कृषि उपज मंडी समिति (एपीएमसी) हमीरपुर की बैठक शनिवार को समिति के अध्यक्ष अजय शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें मंडी समिति से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर व्यापक चर्चा की गई। समिति की ओर से पिछली बैठक में पारित बजट को बोर्ड कार्यालय से स्वीकृति के बाद इस बैठक में पुन: अनुमोदन के लिए रखा गया। बैठक में मंडी समिति ने वर्ष 2023-24 में प्राप्त कुल 1,90,76,289 रुपये की आय और 1,40,65,900 रुपये के व्यय का अनुमोदन किया। इसके साथ-साथ वर्ष 2024-25 में जून तक प्राप्त कुल 49,48,254 रुपये की आय और 39,92,254 रुपये के व्यय का भी अनुमोदन कर दिया।
समिति ने हिमाचल प्रदेश कृषि एवं उद्यानिकीय उपज विपणन (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 2005 की धारा 45(2) के अंतर्गत 14 दिन के भीतर देय मंडी शुल्क को जमा करवाने के लिए व्यापारियों की सुविधा के लिए नादौन, सुजानपुर, जाहू और बड़सर में एक-एक दिन अपने कर्मचारियों की डयूटी लगाने का निर्णय भी लिया। अजय शर्मा ने कहा कि कृषि उपज मंडी समिति हमीरपुर के अंतर्गत कार्यरत मंडियों में लंबित पड़े विभिन्न निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा करने के लिए तकनीकी शाखा को निर्देश दिए गए हैं। बैठक में विशेष तौर पर मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के सहयोग से जिला हमीरपुर के किसानों और बागवानों के उत्पादों के विपणन के लिए ग्रामीण हाट (अपनी मंडी) स्थापित करने का निर्णय लिया गया, ताकि किसान और बागवान मंडियों में न जाकर अपने उत्पाद को सीधे ग्राहक को बेचकर उचित मूल्य प्राप्त कर सकें। अजय शर्मा ने कहा कि जिला हमीरपुर में स्वयं सहायता समूहों की ओर से तैयार किए जाने वाले उत्पादों जैसे- शीरा, अचार, बड़ियां इत्यादि को ग्रामीण हाट (अपनी मंडी) में सीधे उपभोक्ताओं को बेचने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इस योजना से केवल किसानों व बागवानों को ही लाभ नहीं होगा, बल्कि ग्राहकों को भी उचित मूल्य पर फल, सब्जियां इत्यादि एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे। समिति ने सब्जी मंडी जाहू, सुजानपुर और हमीरपुर में खाली पड़ी दुकानों के आवंटन पर भी प्रस्ताव पारित किया। इससे संबंधित क्षेत्रों के किसानों व बागवानों को मंडियों में अधिक व्यापारी उपलब्ध होने पर उनके उत्पादों को अच्छे दाम मिल सकेंगे। बैठक में समिति के व्यापारी सदस्य नीलम कु मार, विजय बन्याल, रमेश चंद पराशर, सुनील कुमार, संतोष कुमार, उत्पादक सदस्य, सरकारी सदस्यों में कृ षि उपनिदेशक डॉ. शशि पाल अत्री, विषय वाद विशेषज्ञ डॉ. मोना, डॉ. सतीश वर्मा, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. सतीश वर्मा, नायब तहसीलदार जगदीश चंद, समिति की सचिव अरुणा शर्मा और अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
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सब्जी मंडियों में निर्माण कार्यों को जल्द पूरा करवाएगी एपीएमसी : अजय
समिति ने वित्तीय वर्ष 2023-24 की कुल आय और व्यय को किया अनुमोदित
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। कृषि उपज मंडी समिति (एपीएमसी) हमीरपुर की बैठक शनिवार को समिति के अध्यक्ष अजय शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें मंडी समिति से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर व्यापक चर्चा की गई। समिति की ओर से पिछली बैठक में पारित बजट को बोर्ड कार्यालय से स्वीकृति के बाद इस बैठक में पुन: अनुमोदन के लिए रखा गया। बैठक में मंडी समिति ने वर्ष 2023-24 में प्राप्त कुल 1,90,76,289 रुपये की आय और 1,40,65,900 रुपये के व्यय का अनुमोदन किया। इसके साथ-साथ वर्ष 2024-25 में जून तक प्राप्त कुल 49,48,254 रुपये की आय और 39,92,254 रुपये के व्यय का भी अनुमोदन कर दिया।
समिति ने हिमाचल प्रदेश कृषि एवं उद्यानिकीय उपज विपणन (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 2005 की धारा 45(2) के अंतर्गत 14 दिन के भीतर देय मंडी शुल्क को जमा करवाने के लिए व्यापारियों की सुविधा के लिए नादौन, सुजानपुर, जाहू और बड़सर में एक-एक दिन अपने कर्मचारियों की डयूटी लगाने का निर्णय भी लिया। अजय शर्मा ने कहा कि कृषि उपज मंडी समिति हमीरपुर के अंतर्गत कार्यरत मंडियों में लंबित पड़े विभिन्न निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा करने के लिए तकनीकी शाखा को निर्देश दिए गए हैं। बैठक में विशेष तौर पर मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के सहयोग से जिला हमीरपुर के किसानों और बागवानों के उत्पादों के विपणन के लिए ग्रामीण हाट (अपनी मंडी) स्थापित करने का निर्णय लिया गया, ताकि किसान और बागवान मंडियों में न जाकर अपने उत्पाद को सीधे ग्राहक को बेचकर उचित मूल्य प्राप्त कर सकें। अजय शर्मा ने कहा कि जिला हमीरपुर में स्वयं सहायता समूहों की ओर से तैयार किए जाने वाले उत्पादों जैसे- शीरा, अचार, बड़ियां इत्यादि को ग्रामीण हाट (अपनी मंडी) में सीधे उपभोक्ताओं को बेचने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इस योजना से केवल किसानों व बागवानों को ही लाभ नहीं होगा, बल्कि ग्राहकों को भी उचित मूल्य पर फल, सब्जियां इत्यादि एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे। समिति ने सब्जी मंडी जाहू, सुजानपुर और हमीरपुर में खाली पड़ी दुकानों के आवंटन पर भी प्रस्ताव पारित किया। इससे संबंधित क्षेत्रों के किसानों व बागवानों को मंडियों में अधिक व्यापारी उपलब्ध होने पर उनके उत्पादों को अच्छे दाम मिल सकेंगे। बैठक में समिति के व्यापारी सदस्य नीलम कु मार, विजय बन्याल, रमेश चंद पराशर, सुनील कुमार, संतोष कुमार, उत्पादक सदस्य, सरकारी सदस्यों में कृ षि उपनिदेशक डॉ. शशि पाल अत्री, विषय वाद विशेषज्ञ डॉ. मोना, डॉ. सतीश वर्मा, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. सतीश वर्मा, नायब तहसीलदार जगदीश चंद, समिति की सचिव अरुणा शर्मा और अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
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