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Hamirpur (Himachal) News: नायरा के इंतजार में सूखे परिजनों की आंखों के आंसू
Thu, 07 May 2026 12:49 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 07 May 2026 12:49 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
मैहरे (हमीरपुर)। ग्राम पंचायत कड़साई के गांव कलवाड़ा से लापता सात वर्षीय नायरा के इंतजार में अब परिजनों के आंखों से आंसू सूखते नजर आ रहे हैं। तीन सप्ताह के बाद भी लापता नायरा का सुराग नहीं लग पाया है।
समय के साथ परिजनों की उम्मीदें कमजोर पड़ती जा रही हैं, वहीं पुलिस और प्रशासन के लिए यह मामला लगातार चुनौती बनता जा रहा है। नायरा 15 अप्रैल को घर के आंगन से लापता हो गई थी।
नायरा के लापता होने के बाद से ही पुलिस, एसडीआरएफ, वन विभाग और स्थानीय लोगों की संयुक्त टीमों ने जंगल का कोना-कोना छान मारा, लेकिन हाथ कुछ नहीं लगा। ड्रोन के जरिए भी पूरे क्षेत्र में नायरा की तलाश की गई, लेकिन हर बार टीमें खाली हाथ ही लौटी। जमीनी स्तर पर तलाश के सभी प्रयास विफल रहे तो पुलिस ने आसपास के घरों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
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फुटेज से भी कोई ऐसा सुराग हाथ नहीं लगा, जिससे नायरा तक पहुंचा जा सके। घटना के बाद इलाके में भय और चिंता का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे प्रशासन से लगातार अपनी बेटी को जल्द से जल्द ढूंढ निकालने की गुहार लगा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। बावजूद इसके तीन हफ्ते बाद भी कोई ठोस सुराग न मिलना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
इस संबंध में एएसपी लालमन शर्मा ने बताया कि सर्च अभियान जारी है। अभी तक लापता नायरा का पता नहीं चल पाया है।
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मैहरे (हमीरपुर)। ग्राम पंचायत कड़साई के गांव कलवाड़ा से लापता सात वर्षीय नायरा के इंतजार में अब परिजनों के आंखों से आंसू सूखते नजर आ रहे हैं। तीन सप्ताह के बाद भी लापता नायरा का सुराग नहीं लग पाया है।
समय के साथ परिजनों की उम्मीदें कमजोर पड़ती जा रही हैं, वहीं पुलिस और प्रशासन के लिए यह मामला लगातार चुनौती बनता जा रहा है। नायरा 15 अप्रैल को घर के आंगन से लापता हो गई थी।
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नायरा के लापता होने के बाद से ही पुलिस, एसडीआरएफ, वन विभाग और स्थानीय लोगों की संयुक्त टीमों ने जंगल का कोना-कोना छान मारा, लेकिन हाथ कुछ नहीं लगा। ड्रोन के जरिए भी पूरे क्षेत्र में नायरा की तलाश की गई, लेकिन हर बार टीमें खाली हाथ ही लौटी। जमीनी स्तर पर तलाश के सभी प्रयास विफल रहे तो पुलिस ने आसपास के घरों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
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फुटेज से भी कोई ऐसा सुराग हाथ नहीं लगा, जिससे नायरा तक पहुंचा जा सके। घटना के बाद इलाके में भय और चिंता का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे प्रशासन से लगातार अपनी बेटी को जल्द से जल्द ढूंढ निकालने की गुहार लगा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। बावजूद इसके तीन हफ्ते बाद भी कोई ठोस सुराग न मिलना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
इस संबंध में एएसपी लालमन शर्मा ने बताया कि सर्च अभियान जारी है। अभी तक लापता नायरा का पता नहीं चल पाया है।