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Hamirpur (Himachal) News: डीपीसी के बावजूद पदोन्नति आदेश जारी न होने पर जताया रोष
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कहा, फील्ड में दो-दो कर्मचारियों के हवाले हैं 35-40 ट्रांसफार्मर
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर दत्त शर्मा ने प्रेस बयान में कहा कि प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड में डीपीसी के बावजूद पदोन्नति आदेश जारी नहीं हो पाए हैं। पिछले सात-आठ माह से फोरमैन लाइन, फोरमैन पावर हाउस, जेई सबस्टेशन, विभिन्न श्रेणियों के पदोन्नति आदेश जारी नहीं हुए हैं। यूनियन की ओर से बार-बार विद्युत बोर्ड के प्रबंधक वर्ग के साथ संपर्क करने के बाद यही जवाब मिलता है कि यह सभी फाइलें मुख्यमंत्री कार्यालय में मंगवाई गई हैं और वहीं पर लंबित पड़ी हैं। मुख्यमंत्री के कार्यालय के आदेश के बिना कर्मचारियों की पदोन्नति होना संभव नहीं है।
बिजली बोर्ड लिमिटेड में विभिन्न श्रेणियों के प्रथम श्रेणी अधिकारियों के पदोन्नति आदेश धड़ाधड़ जारी हो रहे हैं लेकिन जो कर्मचारी फील्ड में दिन-रात बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और अधिक काम के बोझ के चलते विभिन्न दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं, उन श्रेणियों के कर्मचारियों की पदोन्नति आदेश जारी न करके इनके साथ घोर अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के साथ हो रहे भेदभावपूर्ण रवैये से निजात दिलवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि आज फील्ड में दो-दो कर्मचारियों के हवाले 35-40 ट्रांसफार्मर हैं और कई-कई किलोमीटर एलटी और एचटी लाइनें हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर दत्त शर्मा ने प्रेस बयान में कहा कि प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड में डीपीसी के बावजूद पदोन्नति आदेश जारी नहीं हो पाए हैं। पिछले सात-आठ माह से फोरमैन लाइन, फोरमैन पावर हाउस, जेई सबस्टेशन, विभिन्न श्रेणियों के पदोन्नति आदेश जारी नहीं हुए हैं। यूनियन की ओर से बार-बार विद्युत बोर्ड के प्रबंधक वर्ग के साथ संपर्क करने के बाद यही जवाब मिलता है कि यह सभी फाइलें मुख्यमंत्री कार्यालय में मंगवाई गई हैं और वहीं पर लंबित पड़ी हैं। मुख्यमंत्री के कार्यालय के आदेश के बिना कर्मचारियों की पदोन्नति होना संभव नहीं है।
बिजली बोर्ड लिमिटेड में विभिन्न श्रेणियों के प्रथम श्रेणी अधिकारियों के पदोन्नति आदेश धड़ाधड़ जारी हो रहे हैं लेकिन जो कर्मचारी फील्ड में दिन-रात बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और अधिक काम के बोझ के चलते विभिन्न दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं, उन श्रेणियों के कर्मचारियों की पदोन्नति आदेश जारी न करके इनके साथ घोर अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के साथ हो रहे भेदभावपूर्ण रवैये से निजात दिलवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि आज फील्ड में दो-दो कर्मचारियों के हवाले 35-40 ट्रांसफार्मर हैं और कई-कई किलोमीटर एलटी और एचटी लाइनें हैं।
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