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Hamirpur (Himachal) News: शिक्षा प्रयोगशाला कर्मियों ने 2012 से ग्रेड पे और पे बैंड मांगा
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हमीरपुर। प्रदेश शिक्षा प्रयोगशाला कर्मचारी संघ की ऑनलाइन बैठक वीरवार को हुई। इसकी अध्यक्षता पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश गौतम ने की। इस दौरान सरकार और शिक्षा विभाग से आग्रह किया गया कि जिला परिषद कैडर कर्मियों की तर्ज पर प्रदेश शिक्षा प्रयोगशाला कर्मियों को भी 2012 से ग्रेड पे और पे बैंड का लाभ शीघ्र प्रदान किया जाए। वर्ष 2012 में प्रदेश की लगभग सभी श्रेणियाें को पे बैंड व ग्रेड पे के लाभ दिए गए थे लेकिन प्रयोगशाला कर्मचारियों को इससे वंचित रखा गया था। इसके बाद प्रदेश के सैकड़ों कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल तत्कालीन प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग से अपने हक की मांग करते रहे।
उम्मीद की कोई भी किरण नजर न आने पर 2014 में प्रदेश के हजारों कर्मचारियों ने प्रदेशस्तरीय बैठक में उच्च न्यायालय में हक की लड़ाई लड़ने का फैसला लिया। संघ का कहना है कि जनवरी 2015 के न्यायालय के फैसले में सरकार और शिक्षा विभाग को छह सप्ताह का समय प्रयोगशाला कर्मचारियों की वेतन विसंगति सुलझाने को दिया था तथा फैसला मान्य न होने पर कर्मचारियों को दोबारा न्यायालय आने को कहा गया था। शिक्षा विभाग के फैसले से असंतुष्ट कर्मचारियों ने दोबारा कोर्ट जाने का फैसला किया। अब सितंबर 2023 को कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया कि शिक्षा विभाग में कार्यरत कर्मचारियों के साथ नाइंसाफी हुई है। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि न्यायालय ने प्रदेश सरकार को आठ सप्ताह में वेतन विसंगति निपटने को कहा है। प्रदेश में कार्यरत इस श्रेणी के हजारों कर्मचारी हिमाचल प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग के फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। बैठक में सभी कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि प्रदेश की कर्मचारी हितैषी सरकार की ओर से शीघ्र ही वेतन विसंगति का मामला वित्त विभाग की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। बैठक में भूप सिंह, केडी शर्मा, अशोक, देवदत्त, वीर सिंह, सुरेश ठाकुर, जीतराम, संतोष शर्मा आदि ने भाग लिया।
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उम्मीद की कोई भी किरण नजर न आने पर 2014 में प्रदेश के हजारों कर्मचारियों ने प्रदेशस्तरीय बैठक में उच्च न्यायालय में हक की लड़ाई लड़ने का फैसला लिया। संघ का कहना है कि जनवरी 2015 के न्यायालय के फैसले में सरकार और शिक्षा विभाग को छह सप्ताह का समय प्रयोगशाला कर्मचारियों की वेतन विसंगति सुलझाने को दिया था तथा फैसला मान्य न होने पर कर्मचारियों को दोबारा न्यायालय आने को कहा गया था। शिक्षा विभाग के फैसले से असंतुष्ट कर्मचारियों ने दोबारा कोर्ट जाने का फैसला किया। अब सितंबर 2023 को कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया कि शिक्षा विभाग में कार्यरत कर्मचारियों के साथ नाइंसाफी हुई है। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि न्यायालय ने प्रदेश सरकार को आठ सप्ताह में वेतन विसंगति निपटने को कहा है। प्रदेश में कार्यरत इस श्रेणी के हजारों कर्मचारी हिमाचल प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग के फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। बैठक में सभी कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि प्रदेश की कर्मचारी हितैषी सरकार की ओर से शीघ्र ही वेतन विसंगति का मामला वित्त विभाग की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। बैठक में भूप सिंह, केडी शर्मा, अशोक, देवदत्त, वीर सिंह, सुरेश ठाकुर, जीतराम, संतोष शर्मा आदि ने भाग लिया।
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