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Hamirpur (Himachal) News: आपातकालीन वार्ड में ईसीजी मशीन खराब
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हृदय रोगियों को झेलनी पड़ रही दिक्कत
ईसीजी करवाने के लिए निजी लैब की ओर करना पड़ रहा रुख
मेडिसिन वार्ड में भी ईसीजी मशीन खराब, मरीज हो रहे हैं खासे परेशान
ईसीजी न होने से महंगे दामों पर निजी लैब में जाने के लिए मरीज मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में आपातकाल वार्ड में ईसीजी मशीन खराब हो गई है। इससे मंगलवार रात्रि हृदय रोगियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अस्पताल में कई दिन से ईसीजी मशीनें खराब चल रही हैं लेकिन जब आपातकाल वार्ड में ही मशीनें खराब होंगी तो अस्पताल में किस तरह से इलाज होगा। आपातकाल वार्ड में वही मरीज आते हैं जिन्हें तुरंत इलाज की आवश्यकता होती हैं। वहीं, मेडिसिन वार्ड में भी गंभीर बीमार मरीजों को दाखिल किया जाता है। दोनों ही जगह पर ईसीजी मशीनें खराब हैं। मरीजों को ईसीजी करवाने के लिए निजी लैब की ओर रुख करना पड़ रहा है। निजी लैब में ईसीजी करवाने के लिए 500 से हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। मरीजों इंदु, कविता, दीक्षा, अजय, आशीष, संतोष आदि ने कहा कि ईसीजी मशीन खराब होने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मेडिसिन वार्ड में भी ईसीजी नहीं हो पा रही है तथा आपातकाल में भी यही समस्या है। निजी लैब में जाना पड़ता है। इससे आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस बारे में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि मशीन की मरम्मत के लिए विभागों को अवगत करवाया गया है।
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ईसीजी करवाने के लिए निजी लैब की ओर करना पड़ रहा रुख
मेडिसिन वार्ड में भी ईसीजी मशीन खराब, मरीज हो रहे हैं खासे परेशान
ईसीजी न होने से महंगे दामों पर निजी लैब में जाने के लिए मरीज मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में आपातकाल वार्ड में ईसीजी मशीन खराब हो गई है। इससे मंगलवार रात्रि हृदय रोगियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अस्पताल में कई दिन से ईसीजी मशीनें खराब चल रही हैं लेकिन जब आपातकाल वार्ड में ही मशीनें खराब होंगी तो अस्पताल में किस तरह से इलाज होगा। आपातकाल वार्ड में वही मरीज आते हैं जिन्हें तुरंत इलाज की आवश्यकता होती हैं। वहीं, मेडिसिन वार्ड में भी गंभीर बीमार मरीजों को दाखिल किया जाता है। दोनों ही जगह पर ईसीजी मशीनें खराब हैं। मरीजों को ईसीजी करवाने के लिए निजी लैब की ओर रुख करना पड़ रहा है। निजी लैब में ईसीजी करवाने के लिए 500 से हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। मरीजों इंदु, कविता, दीक्षा, अजय, आशीष, संतोष आदि ने कहा कि ईसीजी मशीन खराब होने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मेडिसिन वार्ड में भी ईसीजी नहीं हो पा रही है तथा आपातकाल में भी यही समस्या है। निजी लैब में जाना पड़ता है। इससे आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस बारे में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि मशीन की मरम्मत के लिए विभागों को अवगत करवाया गया है।