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Hamirpur (Himachal) News: 30 लाख की अल्ट्रासाउंड मशीन पर जम रही धूल
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भोरंज (हमीरपुर)। सिविल अस्पताल भोरंज में स्थापित 30 लाख की अल्ट्रासाउंड मशीन पर धूल जम रही है। रेडियोलॉजिस्ट न होने से मरीजों को यहां डेढ़ माह से अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिल पा रही है। पहले अस्पताल में प्रतिनियुक्ति पर रेडियोलॉजिस्ट भेजा जाता था और सप्ताह में एक-दो बार अल्ट्रासाउंड हो जाते थे। अब यह सुविधा भी बंद है। इससे गर्भवती महिलाओं को अधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में प्रतिदिन 400 से 450 के करीब ओपीडी होती है।
इनमें से करीब 50 मरीजों को अल्ट्रासाउंड का टेस्ट लिखा जाता है। स्थानीय लोगों अजय चंदेल, वीना देवी, गीता देवी, संजय कुमार, पवन कुमार, सुरेंद्र कुमार इत्यादि का कहना है कि भोरंज की विधायक कमलेश कुमारी ने विधायक बनते ही भोरंज में अल्ट्रासाउंड की पुरानी मशीन बदल कर 30 लाख की नई मशीन स्थापित करवाई थी। भोरंज अस्पताल में सप्ताह में एक दिन या दो दिन अल्ट्रासाउंड हुआ करते थे, लेकिन पिछले डेढ़ माह से भोरंज में अल्ट्रासाउंड सुविधा पूर्ण रूप से बंद है और लाखों रुपये की मशीन धूल फांक रही है। इससे क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं एवं अन्य मरीजों को अधिक पैसे खर्च कर निजी लैबों में अल्ट्रासाउंड करवाने पड़ रहे हैं। अस्पताल में सुविधाएं न मिलने से लोग इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। भोरंज अस्पताल में 39 पंचायतों के लोग उपचार करवाने आते हैं, लेकिन अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा न होने से लोगों को आपातकालीन स्थिति में मेडिकल कॉलेज हमीरपुर और निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। इससे उन्हें आर्थिक तंगी भी झेलनी पड़ रही है। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा प्रदान करने की मांग की है, ताकि उन्हें सुविधा मिल सके। इस संदर्भ में बीएमओ भोरंज डॉ. ललित कालिया ने कहा कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड न होने से मरीजों को परेशानी हो रही है। समस्या के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है। आगामी माह से अस्पताल में नियमित अल्ट्रासाउंड होंगे।
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इनमें से करीब 50 मरीजों को अल्ट्रासाउंड का टेस्ट लिखा जाता है। स्थानीय लोगों अजय चंदेल, वीना देवी, गीता देवी, संजय कुमार, पवन कुमार, सुरेंद्र कुमार इत्यादि का कहना है कि भोरंज की विधायक कमलेश कुमारी ने विधायक बनते ही भोरंज में अल्ट्रासाउंड की पुरानी मशीन बदल कर 30 लाख की नई मशीन स्थापित करवाई थी। भोरंज अस्पताल में सप्ताह में एक दिन या दो दिन अल्ट्रासाउंड हुआ करते थे, लेकिन पिछले डेढ़ माह से भोरंज में अल्ट्रासाउंड सुविधा पूर्ण रूप से बंद है और लाखों रुपये की मशीन धूल फांक रही है। इससे क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं एवं अन्य मरीजों को अधिक पैसे खर्च कर निजी लैबों में अल्ट्रासाउंड करवाने पड़ रहे हैं। अस्पताल में सुविधाएं न मिलने से लोग इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। भोरंज अस्पताल में 39 पंचायतों के लोग उपचार करवाने आते हैं, लेकिन अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा न होने से लोगों को आपातकालीन स्थिति में मेडिकल कॉलेज हमीरपुर और निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। इससे उन्हें आर्थिक तंगी भी झेलनी पड़ रही है। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा प्रदान करने की मांग की है, ताकि उन्हें सुविधा मिल सके। इस संदर्भ में बीएमओ भोरंज डॉ. ललित कालिया ने कहा कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड न होने से मरीजों को परेशानी हो रही है। समस्या के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है। आगामी माह से अस्पताल में नियमित अल्ट्रासाउंड होंगे।
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