{"_id":"666713a229026e74450e798e","slug":"drinking-water-crisis-in-52-panchayats-of-dhatwal-area-taps-not-dripping-for-a-week-in-ambota-bunani-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1004-129377-2024-06-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: ढटवाल क्षेत्र की 52 पंचायतों में पेयजल संकट, अंबोटा, बुणानी में एक हफ्ते से नहीं टपके नल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: ढटवाल क्षेत्र की 52 पंचायतों में पेयजल संकट, अंबोटा, बुणानी में एक हफ्ते से नहीं टपके नल
Tue, 11 Jun 2024 08:21 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 11 Jun 2024 08:21 AM IST
विज्ञापन
बिझड़ी पंचायत के अंबोटा गांव में पेयजल आपूर्ति न होने पर दूर दराज से स्थित प्राकृ तिक पेयजल स्र
बिझड़ी (हमीरपुर)। उपमंडल बड़सर के ढटवाल क्षेत्र की 52 पंचायतों में पेयजल संकट गहराने लगा है। बारिश न होने से सूखे के कारण पेयजल योजनाओं में लगातार जल स्तर गिर रहा है। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ढटवाल क्षेत्र की बिझड़ी पंचायत के अंबोटा, बुणानी गांवों में पिछले एक सप्ताह से पेयजल की आपूर्ति ही नहीं हो सकी है।
पूरे बड़सर उपमंडल में जल शक्ति विभाग की 36 पेयजल योजनाएं हैं। इसमें से 20 योजनाओं में जल स्तर काफी गिर चुका है। मगर इसमें से पांच पेयजल योजनाएं, माकन खड्ड जल परियोजना, 99 ग्राम जल पेयजल योजना, महारल दिख्योड़ा, घंगोटा और सहेली भेबड़ ऐसी हैं, जहां पर पेयजल स्तर 25 फीसदी तक रह गया है। ऐसे में ग्रामीण दूर-दराज स्थित प्राचीन प्राकृतिक स्रोतों से पानी ढोने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों में निक्का सिंह, राकेश कुमार, महेंद्र राणा, पूनम और विमला आदि ने कहा कि सूखे कारण पूर्व में इस योजना से 18 घंटे पानी उठाया जाता था। मगर अब विभाग दिन में चार या पांच घंटे ही पानी उठा पा रहा है। इससे क्षेत्रों में पेयजल किल्लत बनी हुई है। पहले रोजाना पेयजल की सप्लाई होती थी, अब चार दिन बाद पानी आ रहा है।
विज्ञापन
उधर, जल शक्ति विभाग बड़सर के अधिशासी अभियंता देवराज चौहान ने कहा कि बड़सर क्षेत्र में कार्यशील पेयजल योजनाओं में भूमिगत जलस्तर काफी गिर चुका है। इस कारण क्षेत्र में पेयजल संकट उत्पन्न हो रहा है। भाखड़ा पेयजल योजना का काम जल्द शुरू होने वाला है, इससे क्षेत्र में पेयजल समस्या नहीं रहेगी।
विज्ञापन
पूरे बड़सर उपमंडल में जल शक्ति विभाग की 36 पेयजल योजनाएं हैं। इसमें से 20 योजनाओं में जल स्तर काफी गिर चुका है। मगर इसमें से पांच पेयजल योजनाएं, माकन खड्ड जल परियोजना, 99 ग्राम जल पेयजल योजना, महारल दिख्योड़ा, घंगोटा और सहेली भेबड़ ऐसी हैं, जहां पर पेयजल स्तर 25 फीसदी तक रह गया है। ऐसे में ग्रामीण दूर-दराज स्थित प्राचीन प्राकृतिक स्रोतों से पानी ढोने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
ग्रामीणों में निक्का सिंह, राकेश कुमार, महेंद्र राणा, पूनम और विमला आदि ने कहा कि सूखे कारण पूर्व में इस योजना से 18 घंटे पानी उठाया जाता था। मगर अब विभाग दिन में चार या पांच घंटे ही पानी उठा पा रहा है। इससे क्षेत्रों में पेयजल किल्लत बनी हुई है। पहले रोजाना पेयजल की सप्लाई होती थी, अब चार दिन बाद पानी आ रहा है।
विज्ञापन
उधर, जल शक्ति विभाग बड़सर के अधिशासी अभियंता देवराज चौहान ने कहा कि बड़सर क्षेत्र में कार्यशील पेयजल योजनाओं में भूमिगत जलस्तर काफी गिर चुका है। इस कारण क्षेत्र में पेयजल संकट उत्पन्न हो रहा है। भाखड़ा पेयजल योजना का काम जल्द शुरू होने वाला है, इससे क्षेत्र में पेयजल समस्या नहीं रहेगी।