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Hamirpur (Himachal) News: हमीरपुर से नेरी की दूरी चार किमी होगी कम, इंटरमीडिएट बनेगा रोड
Sat, 23 Nov 2024 02:21 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 23 Nov 2024 02:21 AM IST
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कमलेश रतन भारद्वाज
हमीरपुर। जिला मुख्यालय से सटे पक्का भरो से खग्गल सड़क को अब इंटरमीडिएट के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए नाबार्ड के तहत 17 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है।
इस योजना के प्रपोजल को मंजूरी के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से नाबार्ड को भेजा गया है। खास बात यह है कि यह सड़क निर्माणधीन शिमला-मटौर फोरलेन पर खग्गल में हमीरपुर और नादौन विधानसभा को कनेक्ट करेगी। इस सड़क के निर्माण से औद्योनिकी एवं वाणिकी महाविद्यालय नेरी की दूरी जिला मुख्यालय से चार किमी कम हो जाएगी।
वर्तमान में हमीरपुर से नेरी पहुंचने के लिए वाया अमरोह चौक होकर 14 किमी की दूरी तय करनी पड़ी हैए लेकिन तकनीकी विश्वविद्यालय दड़ूही की कैंपस से होते हुए यह दूरी अब महज दस किमी रहेगी। इससे जहां एक ओर तकनीकी विश्वविद्यालय दड़ूही पहुंचने का सफर सुविधाजनक होगा, वहीं नेरी कॉलेज पहुंचने में कम समय खर्च होगा। खास बात यह है कि खग्गल सहित बुरनाड और अन्य कुछ गांवों को इस सड़क से जोड़ा जाना प्रस्तावित है। ऐसे में इस इंटरमीडिएट सड़क के निर्माण से हीररानगर, पक्का भरो, मटाहणी और एक दर्जन के करीब गांव के लोगों को खग्गल में शिमला-मटौर फोरलेन तक पहुंचने में आसानी रहेगी। इस प्रोजेक्ट पर 17 करोड़ रुपये का खर्च प्रस्तावित है।
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यातायात दवाब से मिलेगी राहत, बढ़ेगी सड़क की चौड़ाई
पक्का भरो से खग्गल तक इंटरमीडिएट सड़क के दायरे में तकनीकी विश्वविद्यालय, नेरी शोध संस्थान और औद्योनिकी एवं वाणिकी महाविद्यालय आते हैं। ऐसे में यहां पर यातायात का दबाव रहता है, लेकिन अब सड़क को इंटरमीडिएट किए जाने से यातायात के दबाव से राहत मिलेगी। वाहनों को पास लेने में कोई दिक्कत पेश नहीं आएगी। इंटरमीडिएट सड़क की चौड़ाई आठ मीटर रहती है, जबकि पांच मीटर की चौड़ाई तक इसे पक्का किया जाता है। वहीं, सिंगल सड़कों को महज तीन मीटर की चौड़ाई में पक्का किया जाता है।
कोट
लोक निर्माण विभाग हमीरपुर के अधिशाषी अभियंता दीपक कपिल ने कहा कि इंटरमीडिएट सड़क के रूप में नाबार्ड के तहत इस रोड को विकसित किया जाएगा। इस सड़क के निर्माण से नेरी कॉलेज की हमीरपुर से दूरी भी कम होगी। उन्होंने कहा कि इस सड़क से बुरनाड गांव को भी जोड़ा जाएगा। पक्का भरो, हीरानगर सहित क्षेत्र के अन्य गांवों को यह शिमला-मटौर फोरलेन से भी कनेक्ट करेगा।
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हमीरपुर। जिला मुख्यालय से सटे पक्का भरो से खग्गल सड़क को अब इंटरमीडिएट के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए नाबार्ड के तहत 17 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है।
इस योजना के प्रपोजल को मंजूरी के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से नाबार्ड को भेजा गया है। खास बात यह है कि यह सड़क निर्माणधीन शिमला-मटौर फोरलेन पर खग्गल में हमीरपुर और नादौन विधानसभा को कनेक्ट करेगी। इस सड़क के निर्माण से औद्योनिकी एवं वाणिकी महाविद्यालय नेरी की दूरी जिला मुख्यालय से चार किमी कम हो जाएगी।
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वर्तमान में हमीरपुर से नेरी पहुंचने के लिए वाया अमरोह चौक होकर 14 किमी की दूरी तय करनी पड़ी हैए लेकिन तकनीकी विश्वविद्यालय दड़ूही की कैंपस से होते हुए यह दूरी अब महज दस किमी रहेगी। इससे जहां एक ओर तकनीकी विश्वविद्यालय दड़ूही पहुंचने का सफर सुविधाजनक होगा, वहीं नेरी कॉलेज पहुंचने में कम समय खर्च होगा। खास बात यह है कि खग्गल सहित बुरनाड और अन्य कुछ गांवों को इस सड़क से जोड़ा जाना प्रस्तावित है। ऐसे में इस इंटरमीडिएट सड़क के निर्माण से हीररानगर, पक्का भरो, मटाहणी और एक दर्जन के करीब गांव के लोगों को खग्गल में शिमला-मटौर फोरलेन तक पहुंचने में आसानी रहेगी। इस प्रोजेक्ट पर 17 करोड़ रुपये का खर्च प्रस्तावित है।
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यातायात दवाब से मिलेगी राहत, बढ़ेगी सड़क की चौड़ाई
पक्का भरो से खग्गल तक इंटरमीडिएट सड़क के दायरे में तकनीकी विश्वविद्यालय, नेरी शोध संस्थान और औद्योनिकी एवं वाणिकी महाविद्यालय आते हैं। ऐसे में यहां पर यातायात का दबाव रहता है, लेकिन अब सड़क को इंटरमीडिएट किए जाने से यातायात के दबाव से राहत मिलेगी। वाहनों को पास लेने में कोई दिक्कत पेश नहीं आएगी। इंटरमीडिएट सड़क की चौड़ाई आठ मीटर रहती है, जबकि पांच मीटर की चौड़ाई तक इसे पक्का किया जाता है। वहीं, सिंगल सड़कों को महज तीन मीटर की चौड़ाई में पक्का किया जाता है।
कोट
लोक निर्माण विभाग हमीरपुर के अधिशाषी अभियंता दीपक कपिल ने कहा कि इंटरमीडिएट सड़क के रूप में नाबार्ड के तहत इस रोड को विकसित किया जाएगा। इस सड़क के निर्माण से नेरी कॉलेज की हमीरपुर से दूरी भी कम होगी। उन्होंने कहा कि इस सड़क से बुरनाड गांव को भी जोड़ा जाएगा। पक्का भरो, हीरानगर सहित क्षेत्र के अन्य गांवों को यह शिमला-मटौर फोरलेन से भी कनेक्ट करेगा।