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Hamirpur (Himachal) News: एनआईटी हमीरपुर में मोबाइल और साइबर सुरक्षा पर किया मंथन
Thu, 12 Mar 2026 12:56 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 12 Mar 2026 12:56 AM IST
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एनआईटी हमीरपुर में राष्ट्रीय हैकाथॉन के शुभारंभ पर मौजूद संस्थान के निदेशक और अधिकारी। संस्थान।
हमीरपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर में 10 और 11 मार्च को आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय स्तरीय मोबाइल सुरक्षा हैकाथॉन में देशभर के प्रतिभागियों ने साइबर और मोबाइल सुरक्षा से जुड़े नवाचार प्रस्तुत किए।
प्रतियोगिता में विभिन्न तकनीकी संस्थानों से आए छात्र-छात्राओं ने मोबाइल सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए कई व्यावहारिक समाधान तैयार किए। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के निदेशक प्रो. एचएम सूर्यवंशी, कुलसचिव डॉ. अर्चना संतोष नानोटी और डीन (रिसर्च एंड कंसल्टेंसी) प्रो. रवि कुमार ने किया।
हैकाथॉन के लिए देशभर से कुल 965 आवेदन प्राप्त हुए थे। कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद 39 टीमों और 128 प्रतिभागियों को अंतिम चरण के लिए एनआईटी हमीरपुर में आमंत्रित किया गया। प्रतियोगिता में आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और अन्य प्रमुख तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
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दो दिन तक चले इस हैकाथॉन में प्रतिभागियों ने लाइटवेट मोबाइल नेटवर्क ट्रैफिक विश्लेषक, स्मार्ट एसएमएस और कॉल धोखाधड़ी पहचान प्रणाली, मोबाइल ऐप कमजोरियों का स्कैनर, सुरक्षित पीयर-टू-पीयर चैट मॉड्यूल और मोबाइल सेंसर व ऐप उपयोग के लिए प्राइवेसी गार्जियन जैसे विषयों पर काम करते हुए प्रोजेक्ट तैयार किए। 11 मार्च को प्रतिभागियों ने अपने प्रोजेक्ट्स की अंतिम प्रस्तुति निर्णायक मंडल के समक्ष दी।
प्रतियोगिता में तैयार प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन बाहरी विशेषज्ञ डॉ. अनिल सैनी और डॉ. सुनील कुमार ने नवाचार, तकनीकी कार्यान्वयन, उपयोगिता और सुरक्षा प्रभाव के आधार पर किया। गुजरात स्थित नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी की टीम ने सर्वश्रेष्ठ ओवरऑल प्रोजेक्ट के लिए 50 हजार रुपये का पुरस्कार हासिल किया। आयोजन मुख्य अन्वेषक डॉ. टीपी शर्मा और सह-मुख्य अन्वेषक डॉ. नवीन चौहान के मार्गदर्शन में हुआ।
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प्रतियोगिता में विभिन्न तकनीकी संस्थानों से आए छात्र-छात्राओं ने मोबाइल सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए कई व्यावहारिक समाधान तैयार किए। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के निदेशक प्रो. एचएम सूर्यवंशी, कुलसचिव डॉ. अर्चना संतोष नानोटी और डीन (रिसर्च एंड कंसल्टेंसी) प्रो. रवि कुमार ने किया।
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हैकाथॉन के लिए देशभर से कुल 965 आवेदन प्राप्त हुए थे। कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद 39 टीमों और 128 प्रतिभागियों को अंतिम चरण के लिए एनआईटी हमीरपुर में आमंत्रित किया गया। प्रतियोगिता में आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और अन्य प्रमुख तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
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दो दिन तक चले इस हैकाथॉन में प्रतिभागियों ने लाइटवेट मोबाइल नेटवर्क ट्रैफिक विश्लेषक, स्मार्ट एसएमएस और कॉल धोखाधड़ी पहचान प्रणाली, मोबाइल ऐप कमजोरियों का स्कैनर, सुरक्षित पीयर-टू-पीयर चैट मॉड्यूल और मोबाइल सेंसर व ऐप उपयोग के लिए प्राइवेसी गार्जियन जैसे विषयों पर काम करते हुए प्रोजेक्ट तैयार किए। 11 मार्च को प्रतिभागियों ने अपने प्रोजेक्ट्स की अंतिम प्रस्तुति निर्णायक मंडल के समक्ष दी।
प्रतियोगिता में तैयार प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन बाहरी विशेषज्ञ डॉ. अनिल सैनी और डॉ. सुनील कुमार ने नवाचार, तकनीकी कार्यान्वयन, उपयोगिता और सुरक्षा प्रभाव के आधार पर किया। गुजरात स्थित नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी की टीम ने सर्वश्रेष्ठ ओवरऑल प्रोजेक्ट के लिए 50 हजार रुपये का पुरस्कार हासिल किया। आयोजन मुख्य अन्वेषक डॉ. टीपी शर्मा और सह-मुख्य अन्वेषक डॉ. नवीन चौहान के मार्गदर्शन में हुआ।