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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Diarrhea spread during election season, public will demand answers from leaders

Hamirpur (Himachal) News: चुनावी मौसम में फैला डायरिया, जनता नेताओं से मांगेगी जवाब

Fri, 15 Mar 2024 08:30 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 15 Mar 2024 08:30 PM IST
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17 पंचायतों में 600 के करीब लोग डायरिया की चपेट में आए
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विभागीय कार्रवाई महज सैंपलिंग तक सीमित, लोग हुए परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। चुनावी मौसम में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के गृह जिले को डायरिया ने जकड़ लिया है। स्वास्थ्य विभाग की सैंपल रिपोर्ट में इसका कारण दूषित पेयजल बताया जा रहा है। 12 में से चार पेयजल सैंपल रिपोर्ट मानकों पर खरी नहीं उतरी हैं। पिछले छह दिन में टौणी देवी और भोरंज स्वास्थ्य खंड की 17 पंचायतों के 600 लोग डायरिया की चपेट में आ चुके हैं। हालात ऐसे हैं कि 14 माह के भीतर जिले में चौथी बार सैकड़ों लोग जलजनित रोग से जूझ रहे हैं।
प्रदेश स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जांच के लिए बेशक टीम का गठन कर प्रभावित क्षेत्र में जांच की गई है लेकिन अभी डायरिया फैलने के कोई सटीक नतीजे सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। पिछले साल मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के गृह विधानसभा क्षेत्र नादौन के रंगस में डायरिया ने एक हजार लोगों को चपेट में ले लिया था। इस दौरान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने प्रभावित पेयजल योजनाओं का दौरा कर यहां पर करोड़ों की लागत से हाईटेक क्लोरीनेशन सिस्टम स्थापित करने के निर्देश दिए थे। यहां पर यह सिस्टम स्थापित कर लिए गए हैं, लेकिन टौणीदेवी क्षेत्र में छह से आठ माह के भीतर पीलिया और डायरिया ने कहर बरपाया है। हर बार जलशक्ति और स्वास्थ्य विभाग की पेयजल सैंपलिंग की उलझनों में लोगों को यह पता ही नहीं चल पा रहा है कि जिले में बार-बार डायरिया फैलने के क्या कारण हैं। इस बार जलशक्ति विभाग अपनी जांच में पानी को सही बता रहा है, वहीं स्वास्थ्य विभाग की जांच में पेयजल योजनाओं के टैंक की रिपोर्ट फेल पाई गई है। ऐसे में अब नेताओं से लोग सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर क्यों मामले में जवाबदेही तय नहीं हो रही है।
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गांवों से लेकर शहरों तक कूड़े का उचित निष्पादन न होने के कारण लोग खूले में कचरा फेंक रहे हैं। यह कचरा पानी के साथ नदी-नालों में पहुंच रहा है। ऐसे में पानी से प्रत्येक वर्ष जनजनित रोग फैल रहे हैं। जल भंडारण टैंकों की सफाई में भी विभागीय अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं।
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अजय चंदेल प्रधान, प्रधान एसोसिएशन भोरंज।

पहले बारीं पंचायत में ही डायरिया के मामले आ रहे थे। अब भोरंज ब्लॉक की भी कुछेक पंचायतें भी डायरिया की चपेट में हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पांच दिन पूर्व भरे गए सैंपलों की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है।




रविंद ठाकुर, प्रधान, बारी पंचायत।

-पहले नादौन विधानसभा क्षेत्र, अब भोरंज और सुजानपुर के टौणी देवी में डायरिया फैल रहा है। विभागीय अधिकारियों के सर्वे करने के बाद भी डायरिया के मामलों में कमी नहीं आ रही है। पेयजल सप्लाई को बंद नहीं किया गया है। ऐसे में लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।



अमरदीप राणा, प्रभारी, भाजपा सह मंडल सुजानपुर


स्वास्थ्य और जलशक्ति विभाग को इस तरफ गोर करना चाहिए। इतने दिन बीत जाने के बाद भी कोई प्रभावी कदम न उठाया जाना विभागीय लापरवाही को दर्शाता है।
देशराज चंदेल पंचायत प्रधान बगवाड़ा
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