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ध्यानू भक्त समाधी मट्टां दियां पौडिय़ां ऐतिहासिक धरोहर चढ़ा दी मल निकासी योजना की भेंटध्यानू भक्त समाधि की सीढ़ियां चढ़ा दी सीवरेज योजना की भेंट
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ध्यानू भक्त समाधि की सीढ़ियों को खोद कर डाली जा रही सीवरेज लाइन।
- फोटो : Hamirpur-HP
नादौन। नगर पंचायत नादौन के वार्ड नंबर एक में माता जगदंबा के भक्त ध्यानू की पावन समाधि की ओर जाने वाली ऐतिहासिक धरोहर सीढ़ियों को सीवरेज निर्माण करने के लिए आधुनिकता की भेंट चढ़ा दिया गया। प्रशासन के इस कार्य से शहर की जनता में रोष व्याप्त है। लोगों ने कहा कि सीवरेज पाइप दबाने के लिए अन्य कई रास्ते वैकल्पिक तौर पर मौजूद होते हुए भी जल शक्ति विभाग ने इस विश्व प्रसिद्ध धरोहर को खंडित करके श्रद्धालुओं व लोगों के दिलों को गहरी चोट पहुंचाई है।
वहीं, ऐतिहासिक धरोहर से छेड़छाड़ करने पर लोगों ने इसके लिए पुरातत्व विभाग से तुरंत कार्रवाई करने की मांग उठाई है। नगर पंचायत प्रधान तरुण कपिल ने कहा कि जल शक्ति विभाग ने इसके लिए नगर पंचायत से सहमति लिए बिना ही यह कार्य किया है और न ही विभाग ने इस बारे में नगर पंचायत को विश्वास में लिया है।
कपिल ने इस बारे में जब जल शक्ति विभाग के एसडीओ से पूछा तो उन्होंने कहा कि इन सीढ़ियों को दोबारा बनवा दिया जाएगा, लेकिन क्या इस धरोहर को वह पुराना रूप दिया जा सकेगा, इस बात का कोई उत्तर विभाग के पास नहीं है। ध्यानू भगत ने अपने जीवन के करीब 20 वर्ष इसी स्थल के पास थाना नाथ गोस्वामी के मठ में बिताए थे और वह इन्हीं पावन सीढ़ियों को उतरकर ब्यास नदी को नाव से पार करके उस पार बंधे घोड़े पर सवार होकर प्रतिदिन छह मील दूर ज्वालाजी मंदिर में पूजा अर्चना करने जाया करते थे। तभी से यह धरोहर लोगों की आस्था का स्थल रही है। लोगों ने कहा कि वर्तमान में भी बाहरी राज्यों के लोग विश्व विख्यात प्रसिद्ध शक्ति पीठ माता ज्वालामुखी के दर्शन करने के उपरांत नादौन में स्थित श्री ध्यानू भक्त की समाधि में पूजा-अर्चना करने आते हैं और इस ऐतिहासिक धरोहर को देखकर अपने आप को धन्य समझते हैं।। लोगों ने पुरातत्व विभाग से इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की है। उपमंडलाधिकारी नादौन विजय धीमान ने कहा कि मामले की छानबीन की जाएगी।
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वहीं, ऐतिहासिक धरोहर से छेड़छाड़ करने पर लोगों ने इसके लिए पुरातत्व विभाग से तुरंत कार्रवाई करने की मांग उठाई है। नगर पंचायत प्रधान तरुण कपिल ने कहा कि जल शक्ति विभाग ने इसके लिए नगर पंचायत से सहमति लिए बिना ही यह कार्य किया है और न ही विभाग ने इस बारे में नगर पंचायत को विश्वास में लिया है।
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कपिल ने इस बारे में जब जल शक्ति विभाग के एसडीओ से पूछा तो उन्होंने कहा कि इन सीढ़ियों को दोबारा बनवा दिया जाएगा, लेकिन क्या इस धरोहर को वह पुराना रूप दिया जा सकेगा, इस बात का कोई उत्तर विभाग के पास नहीं है। ध्यानू भगत ने अपने जीवन के करीब 20 वर्ष इसी स्थल के पास थाना नाथ गोस्वामी के मठ में बिताए थे और वह इन्हीं पावन सीढ़ियों को उतरकर ब्यास नदी को नाव से पार करके उस पार बंधे घोड़े पर सवार होकर प्रतिदिन छह मील दूर ज्वालाजी मंदिर में पूजा अर्चना करने जाया करते थे। तभी से यह धरोहर लोगों की आस्था का स्थल रही है। लोगों ने कहा कि वर्तमान में भी बाहरी राज्यों के लोग विश्व विख्यात प्रसिद्ध शक्ति पीठ माता ज्वालामुखी के दर्शन करने के उपरांत नादौन में स्थित श्री ध्यानू भक्त की समाधि में पूजा-अर्चना करने आते हैं और इस ऐतिहासिक धरोहर को देखकर अपने आप को धन्य समझते हैं।। लोगों ने पुरातत्व विभाग से इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की है। उपमंडलाधिकारी नादौन विजय धीमान ने कहा कि मामले की छानबीन की जाएगी।
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