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बाबा बालकनाथ मंदिर में ट्रकों में भरकर आ रहे बाहरी राज्यों से श्रद्धालु
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माल वाहक वाहनों में मंदिर आते श्रद्धालु। -संवाद
- फोटो : Hamirpur-HP
बिझड़ी (हमीरपुर)। उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में बाहरी राज्यों से श्रद्धालु मालवाहक वाहनों ट्रकों और ट्रालों में सवार होकर पहुंच रहे हैं। दूसरी ओर गाड़ियों के लिए बनाई पार्किंग में श्रद्धालु विश्राम कर रहे हैं। इससे दुर्घटना का अंदेशा बना हुआ है। पिछले कुछ समय से श्रद्धालुओं की लापरवाही के कारण दुर्घटनाओं का आंकड़ा बढ़ा है। श्रद्धालु लगातार मनमानी करते आ रहे हैं।
मंदिर परिसर में बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिर ट्रस्ट की ओर 12 सरायों का निर्माण किया गया है। वहीं, श्रद्धालुओं के लिए लंगर की उचित व्यवस्था भी की गई है। इसके बावजूद श्रद्धालु पार्किंग स्थल में गेट नंबर वन के पास बनी पार्किंग में रात्रि ठहराव कर रहे हैं। बरसात के दिनों में मंदिर के आसपास घने पेड़ और घास उगी हुई है। इससे जमीन पर सोए श्रद्धालुओं को कोई भी जहरीला जीव जंतु काट सकता है।
प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं को पार्किंग स्थल में सोए हुए देखा जा सकता है, परंतु प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
इस संदर्भ में एसडीएम बड़सर शशि पाल शर्मा ने कहा कि श्रद्धालुओं के रात्रि ठहराव और आराम करने के लिए सराय का निर्माण किया गया है। खुले आसमान के नीचे या फिर पार्किंग स्थल में रात्रि में सोने पर बिल्कुल मनाही है। मामले की जांच कर इस संदर्भ में उचित कदम उठाए जाएंगे। पुलिस को निर्देश दिए जाएंगे।
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मंदिर परिसर में बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिर ट्रस्ट की ओर 12 सरायों का निर्माण किया गया है। वहीं, श्रद्धालुओं के लिए लंगर की उचित व्यवस्था भी की गई है। इसके बावजूद श्रद्धालु पार्किंग स्थल में गेट नंबर वन के पास बनी पार्किंग में रात्रि ठहराव कर रहे हैं। बरसात के दिनों में मंदिर के आसपास घने पेड़ और घास उगी हुई है। इससे जमीन पर सोए श्रद्धालुओं को कोई भी जहरीला जीव जंतु काट सकता है।
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प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं को पार्किंग स्थल में सोए हुए देखा जा सकता है, परंतु प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
इस संदर्भ में एसडीएम बड़सर शशि पाल शर्मा ने कहा कि श्रद्धालुओं के रात्रि ठहराव और आराम करने के लिए सराय का निर्माण किया गया है। खुले आसमान के नीचे या फिर पार्किंग स्थल में रात्रि में सोने पर बिल्कुल मनाही है। मामले की जांच कर इस संदर्भ में उचित कदम उठाए जाएंगे। पुलिस को निर्देश दिए जाएंगे।
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