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कोरोना से 33 वर्षीय युवक की मौत, बहन ने दी मुखाग्नि
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हमीरपुर। जिला मुख्यालय हमीरपुर से सटी ग्राम पंचायत अणु कलां के रहने वाले एक 33 वर्षीय युवक की कोरोना से मौत हो गई। युवक की चिता को उसकी बहन ने मुखाग्नि दी। युवक और उसकी पत्नी व छोटा बेटा चार मई को सोनीपत से अपने घर आए थे। कोरोना जांच में तीनों पॉजिटिव पाए गए थे। युवक पिछले कुछ समय से कोविड अस्पताल हमीरपुर में भर्ती था, लेकिन तबीयत खराब होने पर उसे उपचार के लिए नेरचौक अस्पताल रेफर किया गया था।
जहां पर उसने दम तोड़ दिया। पंचायत के पूर्व प्रधान सुरेंद्र मिन्हास राजू ने कहा कि उन्होंने इसकी सूचना प्रशासन को दी। जिसके बाद प्रशासन की मदद से युवक का शव लाने के लिए यहां से गाड़ी नेरचौक भेजी गई। अंतिम संस्कार के लिए वह खुद मौके पर मौजूद रहे। इसके अलावा एसडीएम हमीरपुर डॉ. चिरंजी लाल चौहान, बीडीओ हमीरपुर अस्मिता ठाकुर, पंचायत की सचिव बिंतो ठाकुर भी हथेली पुल पर स्थित शमशानघाट पर मौजूद रहे।
अंतिम संस्कार के लिए प्रशासन ने पूरा योगदान दिया, मगर सबसे विचलित करने वाली बात यह रही कि लोगों का सहयोग अभी भी नहीं मिल पा रहा है। पूर्व प्रधान ने आग्रह किया है कि ऐसे हालात में एक-दूसरे की सहायता जरूर करें। यह घटना जो आज किसी और के परिवार में घटी है, कल को हो सकता है हमारे साथ हो। कोरोना एक महामारी है, मगर इतनी भी घातक नहीं है कि हम अंतिम संस्कार के लिए भी बाहर न आएं।
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जहां पर उसने दम तोड़ दिया। पंचायत के पूर्व प्रधान सुरेंद्र मिन्हास राजू ने कहा कि उन्होंने इसकी सूचना प्रशासन को दी। जिसके बाद प्रशासन की मदद से युवक का शव लाने के लिए यहां से गाड़ी नेरचौक भेजी गई। अंतिम संस्कार के लिए वह खुद मौके पर मौजूद रहे। इसके अलावा एसडीएम हमीरपुर डॉ. चिरंजी लाल चौहान, बीडीओ हमीरपुर अस्मिता ठाकुर, पंचायत की सचिव बिंतो ठाकुर भी हथेली पुल पर स्थित शमशानघाट पर मौजूद रहे।
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अंतिम संस्कार के लिए प्रशासन ने पूरा योगदान दिया, मगर सबसे विचलित करने वाली बात यह रही कि लोगों का सहयोग अभी भी नहीं मिल पा रहा है। पूर्व प्रधान ने आग्रह किया है कि ऐसे हालात में एक-दूसरे की सहायता जरूर करें। यह घटना जो आज किसी और के परिवार में घटी है, कल को हो सकता है हमारे साथ हो। कोरोना एक महामारी है, मगर इतनी भी घातक नहीं है कि हम अंतिम संस्कार के लिए भी बाहर न आएं।
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