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कोर्ट ने नैनी जेल को भेजा तलबी वारंट

Sat, 18 May 2019 12:09 AM IST
hamirpur Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sat, 18 May 2019 12:09 AM IST
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हमीरपुर। छात्र नेता और उसके साथी की हत्या के मामले में नैनी सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काटकर इसी साल फरवरी के पहले पखवाड़े मेेें अच्छे चाल-चलन के चलते रिहा किए गए श्याम सिंह को अब फिर से 22 साल पहले हुए चर्चित पांच लोगों की हत्या के मामले में नौवें सजायाफ्ता के रूप में सलाखों के पीछे भेजने की कवायद शुरू कर दी गई है। अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय अनिल कुमार शुक्ला की कोर्ट ने शुक्रवार को सेंट्रल जेल नैनी, प्रयागराज को श्याम सिंह के मामले में तलबी वारंट भेजकर सूचना मांगी है। कोर्ट ने यथाशीघ्र सूचना उपलब्ध कराने के भी आदेश दिए हैं।
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गौरतलब हो कि 19 अप्रैल को हाईकोर्ट ने 26 जनवरी 1997 को मुख्यालय के सुभाष बाजार मोहल्ले में हुए पांच लोगों की सामूहिक हत्याकांड के मामले में भाजपा के सदर विधायक अशोक चंदेल सहित नौ लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट के आदेश पर स्थानीय कोर्ट ने छह मई को आठ अभियुक्तों को वारंट जारी किया था, जिसमें पुलिस को 13 मई तक कोर्ट में पेश करने को कहा था। इसके बाद भाजपा के सदर विधायक अशोक चंदेल समेत आठ अभियुक्तों ने अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय की अदालत में पांच दिन पूर्व आत्मसमर्पण कर दिया था, जहां से सभी को जिला जेल भेज दिया गया था। हाईकोर्ट में नौवें सजायाफ्ता श्याम सिंह निवासी भरुआसुमेरपुर का नैनी जेल में बंद होने का प्रमाण पत्र जेल अधीक्षक द्वारा देने पर गिरफ्तारी वारंट का आदेश जारी नहीं किया गया था। 19 फरवरी को हाईकोर्ट में सामूहिक हत्याकांड की सुनवाई पूरी हुई। हाईकोर्ट ने ठीक दो माह बाद 19 अप्रैल को फैसला सुनाया। पिछले 26 जनवरी को शासन से जारी आदेश पर सजायाफ्ता श्याम सिंह की करीब 70 वर्ष उम्र होने के साथ अच्छे चाल चलन पर सजा माफ कर दी गई।
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इसके बाद फरवरी के प्रथम पखवाड़े में श्याम सिंह को रिहा कर दिया गया था। श्याम सिंह के मामले में सामूहिक हत्याकांड के वादी राजीव शुक्ला ने स्थानीय अदालत में जेल से बाहर होने का प्रार्थना पत्र पिछले बुधवार को दिया था। इस पर अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय अनिल कुमार शुक्ला ने 15 मई को तलबी वारंट जिला जेल भेजा था। प्रभारी जेल अधीक्षक विनय प्रकाश श्रीवास्तव ने श्याम सिंह नाम के कैदी के जेल में न होने की सूचना अदालत दी और कहा था कि करीब आठ साल पहले श्याम सिंह को नैनी जेल भेजा गया था। इस पर शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश ने सेंट्रल जेल नैनी को तलबी वारंट भेजा है। उधर, सुमेरपुर इंस्पेक्टर गिरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि अभी उनके पास गिरफ्तारी वारंट नहीं आया है। वारंट आते ही अभियुक्त को गिरफ्तार का कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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2008 में नैनी सेंट्रल जेल भेजा गया था श्याम सिंह
सुमेरपुर कस्बे में वर्ष 1995 में छात्रसंघ अध्यक्ष शिवनारायण मिश्रा व उसके साथी संजय शुक्ला की फैक्टरी एरिया के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में उम्रकैद की सजा पाए अभियुक्त श्याम सिंह पुत्र वीरबल निवासी भरुआसुमेरपुर को वर्ष 2008 में जिला जेल से सेंट्रल जेल नैनी भेजा गया था। जेलर प्रमोद त्रिपाठी ने बताया कि निचली अदालत से 12 मार्च 2007 को श्याम सिंह को उम्रकैद की सजा होने पर वर्ष 2008 तक जिला जेल में निरुद्ध रहा। इसके बाद उसे प्रशासनिक आधार पर सेंट्रल जेल नैनी प्रयागराज भेजा गया था।

श्याम सिंह की रिहाई की लोगों को नहीं लगी भनक
सामूहिक हत्याकांड के नौवें अभियुक्त श्याम सिंह की इतनी खामोशी से रिहाई हो गई कि किसी को भनक तक नहीं लग सकी। छात्रसंघ अध्यक्ष और उनके साथी की हत्या के मामले में श्याम सिंह व उसके भाई मान सिंह को 12 मार्च 2007 को निचली अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। शासन ने अच्छे चाल चलन पर 14 वर्ष की जेल काट चुकी महिला व 16 वर्ष की सजा काट चुके पुरुष को रिहा करने का आदेश जारी किया था। कहा था कि अगर संबंधित कैदी पर एक से ज्यादा उम्रकैद के मामले हैं तो उसे रिहा नहीं किया जाएगा। श्याम सिंह की उम्र 70 वर्ष है, जबकि उसके भाई अभियुक्त मान सिंह की उम्र 60 वर्ष है।


श्याम का भाई काट रहा उम्रकैद की सजा
वर्ष 1995 में सुमेरपुर कस्बे में छात्र नेताओं की हत्या में श्याम सिंह का भाई मान सिंह अभी भी उम्रकैद की सजा काट रहा है। श्याम सिंह की उम्र 70 वर्ष होने और चाल चलन अच्छा होने पर उसे सरकार ने रिहा किया है। वहीं मान सिंह की उम्र भी 60 वर्ष के करीब है। शासन से कैदियों की रिहाई के लिए जारी आदेश को देखें तो मान सिंह भी अपने भाई के साथ सजा काटता रहा, लेकिन उसकी रिहाई नहीं हुई है।
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