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मुंडखर हत्याकांड : पॉलीग्राफ टेस्ट को शिमला भेजे दो संदिग्ध
Updated Thu, 12 Jul 2018 11:03 PM IST
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जाहू (हमीरपुर)। मुंडखर हत्याकांड को दो माह बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। पुलिस ने हर पहलू पर जांच की लेकिन, कुछ भी हाथ नहीं लगा। अब पुलिस ने क्षेत्र के करीब नौ संदिग्ध व्यक्तियों का पॉलीग्राफ टेस्ट करवाने का निर्णय लिया। मुंडखर में हुए टैक्सी चालक हत्याकांड में पुलिस की जांच अब पॉलीग्राफ टेस्ट पर टिकी हुई है। पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए मुंडखर के ही दो लोगों को शिमला बुलाया गया है और उनका पॉलीग्राफ टेस्ट लिया जा रहा है। दूसरी तरफ अगर पॉलीग्राफ टेस्ट से हत्या का मामला नहीं सुलझा तो पुलिस के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू करने की योजना ग्रामीण बना रहे हैं।
उपमंडल भोरंज की मुंडखर पंचायत के नैली गांव के टैक्सी चालक प्रदीप कुमार उर्फ सोनी की हत्या 13 मई को तेज हथियार से हुई थी। हत्या को दो माह का समय बीत जाने के बाद भी पुलिस हत्या आरोपी को पकड़ने में नाकाम साबित हुई है। हालांकि, पुलिस के उच्च अधिकारियों और कर्मचारियों ने रात दिन एक करके खड्डों, नालों, झाड़ियों और सड़कों के किनारे चप्पा-चप्पा छान दिया है और क्षेत्र के दुकानदारों, टैक्सी और ट्रक चालकों तथा स्थानीय लोगों से पूछताछ की है। इस पूछताछ पर संदेह के आधार पर नौ लोगों का पॉलीग्राफ टेस्ट करवाया जा रहा है। पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए दो लोगों को शिमला बुलाया गया है। इसके बाद बारी-बारी शिमला में पॉलीग्राफ टेस्ट होगा। पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण पहले ही हत्या की गुत्थी न सुलझाने पर जिला प्रशासन को बड़ा आंदोलन करने के लिए सचेत कर चुके हैं। वहीं महिलाओं ने भी स्थानीय पंचायत प्रधान को ज्ञापन देकर उनके परिजनों और घरवालों को बार-बार तंग करने की लिखित शिकायत की है। हालांकि टैक्सी चालक हत्या मामले की जांच अभी तक दो पुलिस अधीक्षक, तीन डीएसपी, एक थाना प्रभारी और एक एनजीओ कर रहे हैं। फिर भी पुलिस के पास कोई अहम सुराग नहीं लगा है। जांच अधिकारी एवं बड़सर के डीएसपी जसवीर ठाकुर का कहना है कि पॉलीग्राफ टेस्ट शुरू हो गया है। सभी लोगों का बार-बारी पॉलीग्राफ टेस्ट होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस अन्य तरीके से भी जांच करने में जुटी हुई है।
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उपमंडल भोरंज की मुंडखर पंचायत के नैली गांव के टैक्सी चालक प्रदीप कुमार उर्फ सोनी की हत्या 13 मई को तेज हथियार से हुई थी। हत्या को दो माह का समय बीत जाने के बाद भी पुलिस हत्या आरोपी को पकड़ने में नाकाम साबित हुई है। हालांकि, पुलिस के उच्च अधिकारियों और कर्मचारियों ने रात दिन एक करके खड्डों, नालों, झाड़ियों और सड़कों के किनारे चप्पा-चप्पा छान दिया है और क्षेत्र के दुकानदारों, टैक्सी और ट्रक चालकों तथा स्थानीय लोगों से पूछताछ की है। इस पूछताछ पर संदेह के आधार पर नौ लोगों का पॉलीग्राफ टेस्ट करवाया जा रहा है। पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए दो लोगों को शिमला बुलाया गया है। इसके बाद बारी-बारी शिमला में पॉलीग्राफ टेस्ट होगा। पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण पहले ही हत्या की गुत्थी न सुलझाने पर जिला प्रशासन को बड़ा आंदोलन करने के लिए सचेत कर चुके हैं। वहीं महिलाओं ने भी स्थानीय पंचायत प्रधान को ज्ञापन देकर उनके परिजनों और घरवालों को बार-बार तंग करने की लिखित शिकायत की है। हालांकि टैक्सी चालक हत्या मामले की जांच अभी तक दो पुलिस अधीक्षक, तीन डीएसपी, एक थाना प्रभारी और एक एनजीओ कर रहे हैं। फिर भी पुलिस के पास कोई अहम सुराग नहीं लगा है। जांच अधिकारी एवं बड़सर के डीएसपी जसवीर ठाकुर का कहना है कि पॉलीग्राफ टेस्ट शुरू हो गया है। सभी लोगों का बार-बारी पॉलीग्राफ टेस्ट होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस अन्य तरीके से भी जांच करने में जुटी हुई है।
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