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Hamirpur (Himachal) News: पशुओं की 25 फरवरी तक होगी गणना, अब तक 40 फीसदी हुई
Thu, 16 Jan 2025 12:26 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 16 Jan 2025 12:26 AM IST
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25 फरवरी तक पशुगणना कार्य को संपन्न करने का है लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिले में पशुओं की गणना का कार्य जारी है। अब तक करीब चालीस फीसदी पशुओं की गणना की जा चुकी है।
पशुपालन विभाग की ओर से 25 फरवरी तक पशुगणना कार्य को संपन्न करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला में पशुगणना में 250 से अधिक कर्मी जुटे हुए हैं। मोबाइल एप के माध्यम से पशुओं की गणना की जा रही है। पशुगणना में गाय, बैल, भैंस सहित अन्य पशुओं की गणना की जा रही है, ताकि पशुओं के सही आंकड़े विभाग के पास उपलब्ध हो सकें। हालांकि पशुगणना का कार्य अगस्त-सितंबर 2024 में शुरू किया गया था, लेकिन एप में तकनीकी दिक्कत के चलते डाटा अपलोड करने में दिक्कतें आ रही थीं। उसके बाद समस्या का समाधान किया गया और अक्तूबर-2024 से कार्य बिना किसी तकनीकी रुकावट के आरंभ हो गया।
पशुओं की गणना प्रत्येक पांच वर्ष बाद करवाई जाती है। इससे पूर्व वर्ष 2019 में प्रदेशभर में 20वीं पशुगणना हुई थी। उसके बाद अब विभाग की ओर से 21वीं पशुगणना करवाई जा रही है, ताकि पशुगणना के माध्यम से पशुओं के आंकड़े का सही पता लगाया जा सके कि पांच वर्षों में कौन सी प्रजाति के पशुओं की संख्या में कमी और बढ़ौतरी हुई है।
कोट
जिले में पशुगणना कार्य जारी है। अब तक चालीस फीसदी पशुओं की गणना की गई है। 25 फरवरी तक सभी पशुओं की गणना के कार्य को समाप्त कर लिया जाएगा। पशुगणना कार्य में मोबाइल एप का प्रयोग किया जा रहा है। पशुओं की सही जानकारी उपलब्ध होने पर पशुओं के बारे में योजनाएं बनाने में सहायता मिलती है।
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-डॉ. अजय सिंह, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग, हमीरपुर
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संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिले में पशुओं की गणना का कार्य जारी है। अब तक करीब चालीस फीसदी पशुओं की गणना की जा चुकी है।
पशुपालन विभाग की ओर से 25 फरवरी तक पशुगणना कार्य को संपन्न करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला में पशुगणना में 250 से अधिक कर्मी जुटे हुए हैं। मोबाइल एप के माध्यम से पशुओं की गणना की जा रही है। पशुगणना में गाय, बैल, भैंस सहित अन्य पशुओं की गणना की जा रही है, ताकि पशुओं के सही आंकड़े विभाग के पास उपलब्ध हो सकें। हालांकि पशुगणना का कार्य अगस्त-सितंबर 2024 में शुरू किया गया था, लेकिन एप में तकनीकी दिक्कत के चलते डाटा अपलोड करने में दिक्कतें आ रही थीं। उसके बाद समस्या का समाधान किया गया और अक्तूबर-2024 से कार्य बिना किसी तकनीकी रुकावट के आरंभ हो गया।
पशुओं की गणना प्रत्येक पांच वर्ष बाद करवाई जाती है। इससे पूर्व वर्ष 2019 में प्रदेशभर में 20वीं पशुगणना हुई थी। उसके बाद अब विभाग की ओर से 21वीं पशुगणना करवाई जा रही है, ताकि पशुगणना के माध्यम से पशुओं के आंकड़े का सही पता लगाया जा सके कि पांच वर्षों में कौन सी प्रजाति के पशुओं की संख्या में कमी और बढ़ौतरी हुई है।
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कोट
जिले में पशुगणना कार्य जारी है। अब तक चालीस फीसदी पशुओं की गणना की गई है। 25 फरवरी तक सभी पशुओं की गणना के कार्य को समाप्त कर लिया जाएगा। पशुगणना कार्य में मोबाइल एप का प्रयोग किया जा रहा है। पशुओं की सही जानकारी उपलब्ध होने पर पशुओं के बारे में योजनाएं बनाने में सहायता मिलती है।
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-डॉ. अजय सिंह, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग, हमीरपुर