{"_id":"678d47ae0ffa0d145c07cba7","slug":"corruption-allegations-tarnish-the-governments-credibility-rana-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1005-146189-2025-01-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"भ्रष्टाचार के आरोप सरकार की साख पर बट्टा : राणा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भ्रष्टाचार के आरोप सरकार की साख पर बट्टा : राणा
Mon, 20 Jan 2025 12:12 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 20 Jan 2025 12:12 AM IST
विज्ञापन
प्रदेश में सातवें वेतन आयोग का पैसा कर्मचारियों को नहीं मिला
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। विधानसभा क्षेत्र सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री कार्यालय पर तीखा जुबानी हमला किया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खुलेआम आरोपों ने सरकार की साख पर बट्टा लगा दिया है।
प्रदेश के इतिहास में ऐसी घटनाएं पहले कभी नहीं देखी गईं। यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने खनन माफिया से जुड़े आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री कार्यालय की भूमिका बेनकाव हो रही है। राज्य में ठेकेदारों को उनके काम की पेमेंट नहीं हो रही है और कर्मचारियों को एरियर का भुगतान तक नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि बैंकों से कर्ज उठाकर ठेकेदारों ने विकास के काम पूरे किए थे, लेकिन उनका भुगतान रुका पड़ा है। जब केंद्र सरकार आठवें वेतन आयोग की घोषणा कर चुकी है, तब हिमाचल में सातवें वेतन आयोग का भी पैसा कर्मचारियों को नहीं मिला है। यह सरकार की नाकामी का स्पष्ट प्रमाण है। पिछले दो वर्षों में सुक्खू सरकार 35,000 करोड़ रुपये का कर्ज उठा चुकी है। प्रदेश की जनता अब इस सरकार पर से भरोसा खो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। विधानसभा क्षेत्र सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री कार्यालय पर तीखा जुबानी हमला किया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खुलेआम आरोपों ने सरकार की साख पर बट्टा लगा दिया है।
प्रदेश के इतिहास में ऐसी घटनाएं पहले कभी नहीं देखी गईं। यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने खनन माफिया से जुड़े आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री कार्यालय की भूमिका बेनकाव हो रही है। राज्य में ठेकेदारों को उनके काम की पेमेंट नहीं हो रही है और कर्मचारियों को एरियर का भुगतान तक नहीं मिला है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि बैंकों से कर्ज उठाकर ठेकेदारों ने विकास के काम पूरे किए थे, लेकिन उनका भुगतान रुका पड़ा है। जब केंद्र सरकार आठवें वेतन आयोग की घोषणा कर चुकी है, तब हिमाचल में सातवें वेतन आयोग का भी पैसा कर्मचारियों को नहीं मिला है। यह सरकार की नाकामी का स्पष्ट प्रमाण है। पिछले दो वर्षों में सुक्खू सरकार 35,000 करोड़ रुपये का कर्ज उठा चुकी है। प्रदेश की जनता अब इस सरकार पर से भरोसा खो चुकी है।
विज्ञापन