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कोविड केयर सेंटर में कार्यरत कोरोना योद्धा क्वारंटीन के लिए भटके
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हमीरपुर। दुनिया को कोरोना महामारी से बचाने वाले कोरोना योद्धा हमीरपुर में खुद के क्वारंटीन के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। जिला मुख्यालय पर कोविड केयर सेंटर में सात दिन तक ड्यूटी देने वाले कोरोना योद्धाओं को 14 दिन तक क्वारंटीन के लिए मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर भोरंज स्थित सरकारी विश्रामगृह में भेज दिया। लेकिन, यहां पर एक रात बिताने के बाद अगले दिन सुबह ही उन्हें विश्रामगृह खाली करने के फरमान जारी कर दिए गए।
भोरंज विश्राम गृह में क्वारंटीन मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ को सुजानपुर उपमंडल के पटलांदर स्थित सरकारी विश्रामगृह में शिफ्ट करने के लिए कहा गया। आधी रात को सारा स्टाफ पटलांदर पहुंचा तो वहां पर विश्रामगृह की खस्ताहालत देख सारे स्टाफ ने यहां रहने से इंकार कर दिया और सारा स्टाफ सड़क पर ही बैठ गया। यहां न तो स्टाफ के भोजन की व्यवस्था थी और न ही कमरों में साफ-सफाई। इस दौरान कोरोना सेंटर के स्टाफ की बदहाली को बयां करता वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो देख प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटी और पटलांदर से सारे स्टाफ को हमीरपुर से लंबलू सड़क मार्ग पर स्थित छियोड़ी विश्रामगृह में शिफ्ट करने के आदेश जारी किए गए। हमीरपुर कोविड केयर सेंटर से भोरंज की दूरी 35 किलोमीटर और भोरंज से पटलांदर करीब 20 किलोमीटर है जबकि, पटलांदर से छियोड़ी की दूरी 25 किलोमीटर है। कोरोना स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल के तहत संक्रमण से बचने के लिए क्वारंटीन स्टाफ को किसी ठोस वजह के बगैर एक सेंटर से दूसरे सेंटर शिफ्ट नहीं किया जा सकता। लेकिन, हमीरपुर में एसओपी की भी सरेआम धज्जियां उड़ाई गईं। उधर, हिमाचल प्रदेश मेडिकल एसोसिएशन के महासचिव डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने बताया कि कोरोना योद्धाओं को क्वारंटीन करने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन, प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। उन्होंने सरकार से कोविड-19 सेंटर में ड्यूटी देने वाले स्टाफ को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग की है।
उधर, सीएमओ हमीरपुर डॉ. अर्चना सोनी ने बताया कि कोविड केयर सेंटर के स्टाफ को हल्की परेशानी झेलनी पड़ी है। बाद में उनके क्वारंटीन के लिए उचित व्यवस्था करवा दी गई है।
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गायनी वार्ड में ड्यूटी देेने वाले पैरा मेडिकल स्टाफ ने भी उठाई क्वारंटीन की मांग
डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर के गायनी वार्ड में ड्यूटी देने वाले सारे पैरा मेडिकल स्टाफ ने अपने परिवार की सुरक्षा के लिए क्वारंटीन पीरियड उपलब्ध करवाने की मांग की है। मेडिकल कॉलेज में 20 अगस्त को आपरेशन के बाद टांडा रेफर एक महिला मरीज की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव निकली थी। उसके संपर्क में आए मेडिकल कॉलेज में भर्ती चार अन्य महिला मरीज भी बुधवार देर शाम कोरोना पॉजिटिव पाए गए। अस्पताल प्रशासन ने गायनी वार्ड में ड्यूटी देने वाले मेडिकल स्टाफ को क्वारंटीन के आदेश दिए हैं। लेकिन, नर्सें व अन्य स्टाफ अभी भी अस्पताल में ड्यूटी दे रहा है। जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर नर्सिंग एसोसिएशन ने अस्पताल प्रशासन से कोरोना संक्रमित मरीज के संपर्क में आए सभी स्टाफ को क्वारंटीन या आईसोलेट करने की मांग उठाई है।
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भोरंज विश्राम गृह में क्वारंटीन मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ को सुजानपुर उपमंडल के पटलांदर स्थित सरकारी विश्रामगृह में शिफ्ट करने के लिए कहा गया। आधी रात को सारा स्टाफ पटलांदर पहुंचा तो वहां पर विश्रामगृह की खस्ताहालत देख सारे स्टाफ ने यहां रहने से इंकार कर दिया और सारा स्टाफ सड़क पर ही बैठ गया। यहां न तो स्टाफ के भोजन की व्यवस्था थी और न ही कमरों में साफ-सफाई। इस दौरान कोरोना सेंटर के स्टाफ की बदहाली को बयां करता वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो देख प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटी और पटलांदर से सारे स्टाफ को हमीरपुर से लंबलू सड़क मार्ग पर स्थित छियोड़ी विश्रामगृह में शिफ्ट करने के आदेश जारी किए गए। हमीरपुर कोविड केयर सेंटर से भोरंज की दूरी 35 किलोमीटर और भोरंज से पटलांदर करीब 20 किलोमीटर है जबकि, पटलांदर से छियोड़ी की दूरी 25 किलोमीटर है। कोरोना स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल के तहत संक्रमण से बचने के लिए क्वारंटीन स्टाफ को किसी ठोस वजह के बगैर एक सेंटर से दूसरे सेंटर शिफ्ट नहीं किया जा सकता। लेकिन, हमीरपुर में एसओपी की भी सरेआम धज्जियां उड़ाई गईं। उधर, हिमाचल प्रदेश मेडिकल एसोसिएशन के महासचिव डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने बताया कि कोरोना योद्धाओं को क्वारंटीन करने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन, प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। उन्होंने सरकार से कोविड-19 सेंटर में ड्यूटी देने वाले स्टाफ को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग की है।
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उधर, सीएमओ हमीरपुर डॉ. अर्चना सोनी ने बताया कि कोविड केयर सेंटर के स्टाफ को हल्की परेशानी झेलनी पड़ी है। बाद में उनके क्वारंटीन के लिए उचित व्यवस्था करवा दी गई है।
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गायनी वार्ड में ड्यूटी देेने वाले पैरा मेडिकल स्टाफ ने भी उठाई क्वारंटीन की मांग
डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर के गायनी वार्ड में ड्यूटी देने वाले सारे पैरा मेडिकल स्टाफ ने अपने परिवार की सुरक्षा के लिए क्वारंटीन पीरियड उपलब्ध करवाने की मांग की है। मेडिकल कॉलेज में 20 अगस्त को आपरेशन के बाद टांडा रेफर एक महिला मरीज की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव निकली थी। उसके संपर्क में आए मेडिकल कॉलेज में भर्ती चार अन्य महिला मरीज भी बुधवार देर शाम कोरोना पॉजिटिव पाए गए। अस्पताल प्रशासन ने गायनी वार्ड में ड्यूटी देने वाले मेडिकल स्टाफ को क्वारंटीन के आदेश दिए हैं। लेकिन, नर्सें व अन्य स्टाफ अभी भी अस्पताल में ड्यूटी दे रहा है। जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर नर्सिंग एसोसिएशन ने अस्पताल प्रशासन से कोरोना संक्रमित मरीज के संपर्क में आए सभी स्टाफ को क्वारंटीन या आईसोलेट करने की मांग उठाई है।