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Hamirpur (Himachal) News: क्लस्टर स्कूलों में मिड-डे मील के लिए समिति बनाएगी योजना
Wed, 03 Apr 2024 01:13 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 03 Apr 2024 01:13 AM IST
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हमीरपुर। जिला के 635 क्लस्टर स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2024-25 में मिड-डे मील बनाने के लिए अब अलग से रणनीति तैयार की जाएगी। क्लस्टर स्कूल प्रबंधन समिति तय करेगी कि स्कूलों में मिड-डे मील एक साथ बनाया जाएगा या अलग। शैक्षणिक सत्र 2023-24 के दौरान स्कूलों में क्लस्टर प्रणाली शुरू की गई थी, लेकिन उस वक्त मिड-डे मील को लेकर कोई प्लान तैयार नहीं किया था।
एक दर्जन के करीब स्कूलों ने सुविधाओं और स्कूल परिसरों के एक साथ होने के बाद एक साथ मिड-डे मील बनाना शुरू किया था, लेकिन अब क्लस्टर प्रणाली का दायरा बढ़ने से स्कूल प्रमुखों के लिए एक साथ प्री-प्राइमरी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए मिड-डे मील बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
स्कूल प्रमुखों में नरेश शर्मा, राजीव, अर्चना, सविता राणा, रेखा, रेणुका शर्मा आदि ने कहा कि प्राथमिक स्कूलों में विद्यार्थियों को मिड-डे मील बनाने के लिए प्रति छात्र 5.45 रुपये, जबकि माध्यमिक स्कूलों में प्रति छात्र 8.17 रुपये अलग-अलग ग्रांट मिलती है। वहीं, स्कूलों में मिड-डे मील का प्रति छात्र अलग-अलग रिकॉर्ड दर्ज किया जाता है। ऐसे में दोनों स्कूलों के मिड-डे मील प्रभारियों को विद्यार्थियों का डाटा एक साथ रखने में चुनौतीपूर्ण होगी।
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स्कूल प्रभारियों ने कहा कि कुछेक स्कूल क्लस्टर प्रणाली से जुड़े हैं, लेकिन स्कूलों की दूरी ज्यादा होने से विद्यार्थियों को एक साथ भोजन कराने और उन्हें क्लस्टर प्रमुख स्कूल में ले जाने में असमर्थ हैं। इसके अतिरिक्त स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या भी अधिक है। ऐसे में अब शिक्षकों की मांग पर शिक्षा विभाग ने क्लस्टर स्कूल प्रबंधन समिति को मिड-डे मील को लेकर योजना बनाने के निर्देश दिए हैं।
अब क्लस्टर स्कूलों में गठित समिति के अनुसार ही विद्यार्थियों के लिए योजना तैयार की जाएगी और संबंधित निर्णय लिए जाएगे। इसके साथ ही स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जा सके। क्लस्टर समिति के सदस्य में दोनों स्कूलों के स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों को शामिल किया जाएगा। इससे दोनों स्कूलों की एक सामान भागीदारी रहेगी।
क्लस्टर स्कूलों में मिड-डे मील तैयार करने के लिए क्लस्टर समिति ही निर्णय लेगी कि एक साथ तैयार होगा या अलग-अलग। कुछेक स्कूल प्रमुखों ने एक साथ मिड-डे मील बनाने को लेकर असमर्थ जताई है। इसके बाद क्लस्टर समिति को योजना बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
अशोक कुमार, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक हमीरपुर
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एक दर्जन के करीब स्कूलों ने सुविधाओं और स्कूल परिसरों के एक साथ होने के बाद एक साथ मिड-डे मील बनाना शुरू किया था, लेकिन अब क्लस्टर प्रणाली का दायरा बढ़ने से स्कूल प्रमुखों के लिए एक साथ प्री-प्राइमरी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए मिड-डे मील बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
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स्कूल प्रमुखों में नरेश शर्मा, राजीव, अर्चना, सविता राणा, रेखा, रेणुका शर्मा आदि ने कहा कि प्राथमिक स्कूलों में विद्यार्थियों को मिड-डे मील बनाने के लिए प्रति छात्र 5.45 रुपये, जबकि माध्यमिक स्कूलों में प्रति छात्र 8.17 रुपये अलग-अलग ग्रांट मिलती है। वहीं, स्कूलों में मिड-डे मील का प्रति छात्र अलग-अलग रिकॉर्ड दर्ज किया जाता है। ऐसे में दोनों स्कूलों के मिड-डे मील प्रभारियों को विद्यार्थियों का डाटा एक साथ रखने में चुनौतीपूर्ण होगी।
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स्कूल प्रभारियों ने कहा कि कुछेक स्कूल क्लस्टर प्रणाली से जुड़े हैं, लेकिन स्कूलों की दूरी ज्यादा होने से विद्यार्थियों को एक साथ भोजन कराने और उन्हें क्लस्टर प्रमुख स्कूल में ले जाने में असमर्थ हैं। इसके अतिरिक्त स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या भी अधिक है। ऐसे में अब शिक्षकों की मांग पर शिक्षा विभाग ने क्लस्टर स्कूल प्रबंधन समिति को मिड-डे मील को लेकर योजना बनाने के निर्देश दिए हैं।
अब क्लस्टर स्कूलों में गठित समिति के अनुसार ही विद्यार्थियों के लिए योजना तैयार की जाएगी और संबंधित निर्णय लिए जाएगे। इसके साथ ही स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जा सके। क्लस्टर समिति के सदस्य में दोनों स्कूलों के स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों को शामिल किया जाएगा। इससे दोनों स्कूलों की एक सामान भागीदारी रहेगी।
क्लस्टर स्कूलों में मिड-डे मील तैयार करने के लिए क्लस्टर समिति ही निर्णय लेगी कि एक साथ तैयार होगा या अलग-अलग। कुछेक स्कूल प्रमुखों ने एक साथ मिड-डे मील बनाने को लेकर असमर्थ जताई है। इसके बाद क्लस्टर समिति को योजना बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
अशोक कुमार, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक हमीरपुर