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Hamirpur (Himachal) News: भुक्कड़ स्कूल में जांचा बच्चों का स्वास्थ्य, आठ छात्र रेफर
Thu, 10 Jul 2025 05:33 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 10 Jul 2025 05:33 AM IST
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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भुक्कड़ में डॉ. चंद्रकांत बच्चों का स्वास्थ्य जांच करते हुए। स्रो
जाहू (हमीरपुर)। भुक्कड़ स्कूल में चार बच्चे दांत संबंधी रोग, एक बच्चा विटामिन-डी की कमी, एक बच्चा चर्म रोग और दो बच्चे किशोरावस्था संबंधी समस्याओं से ग्रस्त पाए गए। इन बच्चों को आगामी जांच और उपचार के लिए रेफर किया गया।
नागरिक अस्पताल भोरंज की टीम ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भुक्कड़ में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जांच शिविर लगाया। इस दौरान स्कूल में पढ़ने वाले 79 विद्यार्थियों की आंख, कान, नाक, दांत और सामान्य स्वास्थ्य की जांच की।
टीम में शामिल डॉ. मंजूल भारती ने कहा कि बच्चों में जंक फूड खाने की आदत खतरनाक रूप लेती जा रही है। पौष्टिक आहार के अभाव में बच्चों को कम उम्र में ही दांत, पेट दर्द और चक्कर आने जैसी समस्याएं हो रही हैं। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे कुरकुरे, चिप्स जैसे तैलीय व पैकेज्ड खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएं और घर का बना पौष्टिक भोजन करें।
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आयुष विभाग के मेडिकल ऑफिसर डॉ. चंद्रकांत ने कहा कि मौसमी फलों, विशेषकर आम का सेवन बच्चों के लिए बहुत लाभकारी है। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्वच्छता, संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या पर ध्यान देना चाहिए। इस अवसर पर प्रधानाचार्य देशराज कमल ने भी बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा दी।
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नागरिक अस्पताल भोरंज की टीम ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भुक्कड़ में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जांच शिविर लगाया। इस दौरान स्कूल में पढ़ने वाले 79 विद्यार्थियों की आंख, कान, नाक, दांत और सामान्य स्वास्थ्य की जांच की।
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टीम में शामिल डॉ. मंजूल भारती ने कहा कि बच्चों में जंक फूड खाने की आदत खतरनाक रूप लेती जा रही है। पौष्टिक आहार के अभाव में बच्चों को कम उम्र में ही दांत, पेट दर्द और चक्कर आने जैसी समस्याएं हो रही हैं। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे कुरकुरे, चिप्स जैसे तैलीय व पैकेज्ड खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएं और घर का बना पौष्टिक भोजन करें।
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आयुष विभाग के मेडिकल ऑफिसर डॉ. चंद्रकांत ने कहा कि मौसमी फलों, विशेषकर आम का सेवन बच्चों के लिए बहुत लाभकारी है। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्वच्छता, संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या पर ध्यान देना चाहिए। इस अवसर पर प्रधानाचार्य देशराज कमल ने भी बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा दी।