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Hamirpur (Himachal) News: नादौन अस्पताल में नहीं हो रहा बच्चों का इलाज, परिजन भी परेशान
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बाल रोग विशेषज्ञ का पद एक साल से खाली
निजी अस्पतालों का रुख करने के लिए मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
नादौन/कांगू (हमीरपुर)। सिविल अस्पताल नादौन में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नादौन अस्पताल में कुछ समय पहले सरकार ने बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति करके लोगों को थोड़ी राहत पहुंचाई थी, लेकिन कुछ ही माह बाद बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक को अन्य जगह स्थानांतरित कर दिया। ऐसे में अब लोगों को अपने बच्चों के रोगों की मर्ज के लिए अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
इन दिनों गर्मियों के मौसम में उल्टी-दस्त के काफी मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं और ऐसे रोगों से बच्चे भी ज्यादा पीड़ित हैं। ऐसे मरीजों को हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया जा रहा है। लगभग एक साल से बाल रोग चिकित्सक का पद खाली पड़ा हुआ है। बच्चों के इलाज के लिए अस्पताल में पहुंच रहे लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सक न मिलने पर निराश होकर लौटना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों खेमराज, मीना कुमारी, राकेश कुमार, दीनानाथ आदि ने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सक न होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना ओपीडी में जितने मरीज आते हैं, उनमें से लगभग दो दर्जन से अधिक मरीज बाल रोग से जुड़े होते हैं। अस्पताल में हर दिन 300 के करीब ओपीडी होती है। उन्हें यहां पर इलाज नहीं मिलने के कारण मजबूरी में बैरंग लौटना पड़ता है। जब इसके बारे में बीएमओ नादौन केके शर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि नादौन अस्पताल में बाल रोग के चिकित्सक के खाली पद के बारे में सरकार को अवगत करवाया जा चुका है।
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निजी अस्पतालों का रुख करने के लिए मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
नादौन/कांगू (हमीरपुर)। सिविल अस्पताल नादौन में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नादौन अस्पताल में कुछ समय पहले सरकार ने बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति करके लोगों को थोड़ी राहत पहुंचाई थी, लेकिन कुछ ही माह बाद बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक को अन्य जगह स्थानांतरित कर दिया। ऐसे में अब लोगों को अपने बच्चों के रोगों की मर्ज के लिए अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
इन दिनों गर्मियों के मौसम में उल्टी-दस्त के काफी मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं और ऐसे रोगों से बच्चे भी ज्यादा पीड़ित हैं। ऐसे मरीजों को हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया जा रहा है। लगभग एक साल से बाल रोग चिकित्सक का पद खाली पड़ा हुआ है। बच्चों के इलाज के लिए अस्पताल में पहुंच रहे लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सक न मिलने पर निराश होकर लौटना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों खेमराज, मीना कुमारी, राकेश कुमार, दीनानाथ आदि ने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सक न होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना ओपीडी में जितने मरीज आते हैं, उनमें से लगभग दो दर्जन से अधिक मरीज बाल रोग से जुड़े होते हैं। अस्पताल में हर दिन 300 के करीब ओपीडी होती है। उन्हें यहां पर इलाज नहीं मिलने के कारण मजबूरी में बैरंग लौटना पड़ता है। जब इसके बारे में बीएमओ नादौन केके शर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि नादौन अस्पताल में बाल रोग के चिकित्सक के खाली पद के बारे में सरकार को अवगत करवाया जा चुका है।
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