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ग्रामीण मतदान करेंगे या नहीं, चकमोह में आज होगा फैसला
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गारली (हमीरपुर)। चकमोह पंचायत में प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्यों के सभी नामांकन वापस लेने और चुनाव के बहिष्कार के निर्णय के बाद अब जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव को लेकर भी ग्रामीण मुखर हो गए हैं। ग्राम पंचायत चकमोह के बाशिंदे मतदान करेंगे या नहीं, इसका फैसला 17 जनवरी को ग्रामीणों की होने वाली बैठक में होगा। यहां पंचायत चुनाव 19 जनवरी को होंगे। हालांकि, शनिवार को भी मतदान करने या न करने का फैसला करने के लिए ग्रामीणों की बैठक हुई थी, लेकिन वह बेनतीजा रही। बताया जा रहा है कि पंचायत में मतदान करने और न करने को लेकर दो धड़े बन गए हैं। प्रधान, उपप्रधान, वार्ड सदस्यों का नामांकन वापस लेने के बाद यहां महज बीडीसी और जिला परिषद के ही चुनाव होंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी सरकार ने उनकी अस्पताल की समस्या को दूर करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। पंचायत वासियों का कहना है कि उन्होंने क्षेत्र में कॉलेज, स्कूल और अस्पताल के लिए कई कनाल भूमि बिना किसी शर्त के सरकार को दी थी। लेकिन, किसी भी सरकार ने समस्या को नहीं समझा और आज भी स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। 1980 में उन्होंने अपनी मलकीयत भूमि से 15 कनाल भूमि अस्पताल के लिए दान में दी थी और उसमें पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने 100 बेड के अस्पताल का शिलान्यास किया था।
उसके बाद कई सरकारें आईं व गईं परंतु उन्हें अस्पताल की सुविधा आज तक नहीं मिल पाई। इस कारण चकमोह पंचायत के प्रधान, उपप्रधान, वार्ड सदस्यों उम्मीदवारों ने अपने नामांकन वापस लेकर चुनाव का बहिष्कार किया है। हालांकि, अब इस संबंध में जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार ने भी संज्ञान लिया है। पंचायत की निवर्तमान प्रधान फूलां देवी ने कहा कि ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। रविवार को पंचायत के ग्रामीण चुनाव में मतदान करेंगे या नहीं यह फैसला बैठक के बाद लिया जाएगा।
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ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी सरकार ने उनकी अस्पताल की समस्या को दूर करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। पंचायत वासियों का कहना है कि उन्होंने क्षेत्र में कॉलेज, स्कूल और अस्पताल के लिए कई कनाल भूमि बिना किसी शर्त के सरकार को दी थी। लेकिन, किसी भी सरकार ने समस्या को नहीं समझा और आज भी स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। 1980 में उन्होंने अपनी मलकीयत भूमि से 15 कनाल भूमि अस्पताल के लिए दान में दी थी और उसमें पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने 100 बेड के अस्पताल का शिलान्यास किया था।
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उसके बाद कई सरकारें आईं व गईं परंतु उन्हें अस्पताल की सुविधा आज तक नहीं मिल पाई। इस कारण चकमोह पंचायत के प्रधान, उपप्रधान, वार्ड सदस्यों उम्मीदवारों ने अपने नामांकन वापस लेकर चुनाव का बहिष्कार किया है। हालांकि, अब इस संबंध में जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार ने भी संज्ञान लिया है। पंचायत की निवर्तमान प्रधान फूलां देवी ने कहा कि ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। रविवार को पंचायत के ग्रामीण चुनाव में मतदान करेंगे या नहीं यह फैसला बैठक के बाद लिया जाएगा।
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