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Hamirpur (Himachal) News: संघर्ष विराम अच्छा निर्णय, भरोसे लायक नहीं है पाकिस्तान
Sun, 11 May 2025 06:50 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 11 May 2025 06:50 AM IST
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हमीरपुर। भारत-पाकिस्तान के बीच युद्धविराम का एलान हो गया है। दोनों ही देशों ने गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई है। पूर्व सैनिकों ने संघर्ष विराम को अच्छा निर्णय बताया है लेकिन आगाह भी किया है कि पाकिस्तान कभी भी भरोसे लायक नहीं रहा है। हर बार पाकिस्तान ने धोखा दिया है और आतंकवाद को पनाह दी है। आतंकवाद और शांति वार्ता साथ-साथ नहीं चल सकती है। पाकिस्तान को आतंकवाद और शांति वार्ता में से एक को चुनना होगा। यह पाकिस्तान पर निर्भर करेगा कि वह सीज फायर की स्थिति को बनाए रखेगा कि नहीं। कुछ सैनिकों ने कहा कि पाक अधिकृत कश्मीर को अपने कब्जे लेने की शर्त को भी जोड़ा जाना चाहिए। पाक अधिकृत कश्मीर में ही आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।
-अपनी शर्तों पर सीज फायर किया जाना चाहिए। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को खाली करने की शर्त भी इसमें शामिल होनी चाहिए। अधिकतर आतंकवादी गतिविधियां यहीं से बढ़ती हैं। इतिहास गवाह है कि जब-जब भारत ने पाकिस्तान पर भरोसा किया है, उसने भरोसे को केवल तोड़ा है। 1948, 1965, 1971 और 1999 के युद्ध इसके प्रमाण हैं। पाकिस्तान पर कभी भरोसा नहीं किया जा सकता है।
-कैप्टन जगदीश वर्मा
सीज फायर का निर्णय अच्छा है। कई लोगों की जान बच सकेगी। सीज फायर में तीसरे देश की भूमिका नहीं होनी चाहिए।
-कैप्टन धर्म चंद राणा
दोनों देशों के बीच सीज फायर हुआ है। निर्णय अच्छा है। पाकिस्तान पर और दबाव बनाना चाहिए था ताकि वह पुन: ऐसी हिमाकत न कर सके।
-रघुनाथ चंदेल, सेवानिवृत्त सूबेदार
पाकिस्तान हमेशा से आतंकवाद का पनाहगार बना है। उसे अपनी हार दिख रही थी, जिस कारण वह सीज फायर के लिए मान गया।
-मिल्खी राम, सेवानिवृत्त सूबेदार
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-अपनी शर्तों पर सीज फायर किया जाना चाहिए। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को खाली करने की शर्त भी इसमें शामिल होनी चाहिए। अधिकतर आतंकवादी गतिविधियां यहीं से बढ़ती हैं। इतिहास गवाह है कि जब-जब भारत ने पाकिस्तान पर भरोसा किया है, उसने भरोसे को केवल तोड़ा है। 1948, 1965, 1971 और 1999 के युद्ध इसके प्रमाण हैं। पाकिस्तान पर कभी भरोसा नहीं किया जा सकता है।
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-कैप्टन जगदीश वर्मा
सीज फायर का निर्णय अच्छा है। कई लोगों की जान बच सकेगी। सीज फायर में तीसरे देश की भूमिका नहीं होनी चाहिए।
-कैप्टन धर्म चंद राणा
दोनों देशों के बीच सीज फायर हुआ है। निर्णय अच्छा है। पाकिस्तान पर और दबाव बनाना चाहिए था ताकि वह पुन: ऐसी हिमाकत न कर सके।
-रघुनाथ चंदेल, सेवानिवृत्त सूबेदार
पाकिस्तान हमेशा से आतंकवाद का पनाहगार बना है। उसे अपनी हार दिख रही थी, जिस कारण वह सीज फायर के लिए मान गया।
-मिल्खी राम, सेवानिवृत्त सूबेदार