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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Beyond the age of 84, millions are earning from the business of honey, Gwalpathar's elder is doing beekeeping business for 29 years, Annual income of more than three lakhs, giving training to others, hamirpur news

उम्र 84 के पार, शहद के कारोबार से कमा रहे लाखों

Sat, 19 Jun 2021 10:45 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Jun 2021 10:45 PM IST
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Beyond the age of 84, millions are earning from the business of honey, Gwalpathar's elder is doing beekeeping business for 29 years, Annual income of more than three lakhs, giving training to others, hamirpur news
मधुमक्खी पालक गोपाल कपूर शहद निकालते हुए। - फोटो : Hamirpur-HP
हमीरपुर। कभी कच्चे मकान में रात बिताने वाला किसान आज अपना 32 कमरों वाले आलीशान पक्के मकान में ठाठ से रह रहा है। हम बात कर रहे हैं धनेटा के अंतर्गत आने वाले गांव ग्वालपत्थर के रहने वाले 84 वर्षीय प्रगतिशील किसान गोपाल कपूर की। महज आठवीं पास गोपाल कपूर मधुमक्खी पालन से सालाना तीन से चार लाख रुपये कमा रहे हैं। सेहत के लिए गुणकारी शहद के कारोबार से वह मालामाल हो रहे हैं। साथ ही अपना रोजगार शुरू करने के इच्छुक लोगों को भी मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण दे रहे हैं।
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वर्ष 1992 में खादी बोर्ड की ओर से आयोजित प्रशिक्षण में भाग लेने के बाद उन्होंने पांच डिब्बों से मधुमक्खी पालन का व्यवसाय शुरू किया था। शिवा ग्रामोद्योग के नाम से वे अपने घर पर मधुमक्खी पालन का यूनिट चला रहे हैं। वर्तमान में उनके पास करीब 50 डिब्बों में इटालियन और इंडिका प्रजाति की मधुमक्खियां हैं। इसके साथ ही वह मधुमक्खी पालन के लिए डिब्बे भी बनाते हैं। शहद का थोक भाव 400 रुपये प्रति किलो है। व्यापारी गोपाल कपूर से थोक में शहद खरीद कर बाजार में 500 से 600 रुपये प्रति किलो बेच रहे हैं। इसके अलावा अगर कोई अपना रोजगार शुरू करना चाहता है तो उसे वह मधुमक्खी की ट्रे के साथ प्रति डिब्बा 2500 रुपये में बेच रहे हैं। गोपाल का कहना है कि कोई बड़ा कारोबारी शहद खरीदने के लिए एग्रीमेंट करना चाहे तो वह 500 डिब्बों के साथ मधुमक्खी पालन का काम शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा उन्होंने रेशम कीट पालन का व्यवसाय भी शुरू किया है। प्रतिवर्ष 15 से 20 किलोग्राम रेशम बेचते हैं। वर्तमान में स्थानीय बाजार में रेशम की कीमत 800 रुपये प्रति किलो है। उधर, उद्यानिकी विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक डॉ. रामलाल संधू ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से मधुमक्खी पालन के लिए 80 फीसदी सब्सिडी प्रदान की जा रही है।
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दिल्ली के प्रगति मैदान में आठ साल तक लगाई प्रदर्शनी और स्टॉल
गोपाल कपूर कहते हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री रहे शांता कुमार के मार्गदर्शन पर वह दिल्ली के प्रगति मैदान में करीब आठ साल तक मेले में प्रदर्शनी और स्टॉल लगा चुके हैं। यहां पर देसी शहद, अदरक, हल्दी, पापड़, सेवियां और अन्य घरेलू उत्पाद बेच चुके हैं।
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शॉर्टकट तरीका नहीं, ईमानदारी से हासिल करें मुकाम : गोपाल
गोपाल कपूर कहते हैं कि पैसे कमाने के लिए युवा वर्ग शॉर्टकट तरीका छोड़ ईमानदारी की राह पर चलें तो मुकाम हासिल हो सकता है। उन्होंने कहा कि अपने कारोबार से पूर्व जेब में दस रुपये नहीं थे, लेकिन वर्तमान में वह गांव में ही समाजसेवा व विकास कार्यों के लिए कई बार दो से तीन लाख रुपये दान दे चुके हैं।
प्रदेश के बेरोजगार युवा मधुमक्खी पालन से अपना स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं। प्रदेश सरकार की योजना के तहत इसमें अनुदान भी मिलता है। घर पर रहकर अच्छी आमदन प्राप्त की जा सकती है। धनेटा ग्वालपत्थर के किसान गोपाल कपूर के फार्महाउस पर उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय के विद्यार्थियों का समय-समय पर शैक्षणिक भ्रमण करवाया जाता है।

प्रो. कमल शर्मा, डीन, डॉ. यशवंत सिंह परमार राजकीय उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय नेरी, हमीरपुर।
शहद से बढ़ती है रोग प्रतिरोधक क्षमता : डॉ. चौधरी
आयुर्वेदिक विभाग के मेडिसन विशेषज्ञ डॉ. अशोक चौधरी का कहना है कि शहद में एंटी बैक्टीरियल और एंटी एलर्जिक तत्व होते हैं। शहद के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। विशेषकर पोस्ट कोविड मरीजों के लिए यह रामबाण का काम करती है।
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