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Hamirpur (Himachal) News: उफान पर ब्यास, दस पेयजल योजनाएं अभी भी ठप, आज भी पानी आने की उम्मीद नहीं
Fri, 29 Aug 2025 12:33 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 29 Aug 2025 12:33 AM IST
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हमीरपुर। जिला मुख्यालय सहित 10 पेयजल योजनाओं के तहत जलापूर्ति वीरवार को भी प्रभावित रही। इन 10 पेयजल योजनाओं के तहत 10 हजार के करीब परिवारों को वीरवार को भी पानी की सप्लाई नहीं मिल सकी है।
ब्यास पर स्थित हमीरपुर टाउन की उठाऊ पेयजल योजना प्लाही की राइजिंग मेन पाइपलाइन का फॉल्ट विभाग ने तलाश लिया है, लेकिन ब्यास नदी प्रचंड उफान पर है। ऐसे में नदी में पोकलेन उतारने से ठेकेदार कतरा रहे हैं। इस योजना को वैकल्पिक राइजिंग मेन से जोड़ने पर भी विचार किया जा रहा है। विभागीय प्रयासों के बीच सात पेयजल योजनाएं वीरवार को बहाल हुई हैं, लेकिन 10 अभी तक ठप हैं।
हमीरपुर मंडल की पांच पेयजल योजनाएं अभी भी प्रभावित हैं। मुख्य योजना हमीरपुर शहर की है। ब्यास नदी से हमीरपुर शहर को पानी सप्लाई होता है। बीते दिनों से शहर में जलापूर्ति नहीं हुई है। हर दिन 90 लाख लीटर पानी की मांग शहर में है। प्लाही स्थित हमीरपुर टाउन की योजना की राइजिंग मेन टूट गई है।
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वीरवार को विभाग ने यहां पर पोकलेन पहुंचा दी है, लेकिन ब्यास के जलस्तर के कम होने का इंतजार किया जा रहा है। हालांकि, पोकलेन को ब्यास में उतारने से पूर्व जल शक्ति विभाग एक दफा वैकल्पिक राइजिंग मेन का प्रयोग करने का प्रयास करेगा। इसके चलते शुक्रवार को भी सप्लाई बहाल होने की उम्मीद नहीं है।
वहीं, कुणाह खड्ड पर स्थित बस्सी झनियारा और खग्गल बरवाड़ा योजना की राइजिंग मेन भी क्षतिग्रस्त है। सुजानपुर और भोरंज की सभी पेयजल योजनाओं को बहाल कर दिया गया है, लेकिन बड़सर की दो और नादौन की तीन पेयजल योजनाएं अभी तक ठप हैं।
कोट
हमीरपुर टाउन की योजना को बहाल करने के लिए अन्य वैकल्पिक राइजिंग मेनलाइन के प्रयोग की संभावना को भी देखा जा रहा है। जलस्तर कम होते ही यहां पर क्षतिग्रस्त राइजिंग मेनलाइन की मरम्मत भी की जाएगी। पोकलेन नदी में उतारने के लिए बहाव को मोड़ने के प्रयास किए गए हैं। इसके अलावा अन्य 9 पेजयल योजनाओं को बहाल करने के प्रयास जारी हैं।
-नीरज भोगल, अधीक्षण अभियंता, जल शक्ति विभाग हमीरपुर
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ब्यास पर स्थित हमीरपुर टाउन की उठाऊ पेयजल योजना प्लाही की राइजिंग मेन पाइपलाइन का फॉल्ट विभाग ने तलाश लिया है, लेकिन ब्यास नदी प्रचंड उफान पर है। ऐसे में नदी में पोकलेन उतारने से ठेकेदार कतरा रहे हैं। इस योजना को वैकल्पिक राइजिंग मेन से जोड़ने पर भी विचार किया जा रहा है। विभागीय प्रयासों के बीच सात पेयजल योजनाएं वीरवार को बहाल हुई हैं, लेकिन 10 अभी तक ठप हैं।
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हमीरपुर मंडल की पांच पेयजल योजनाएं अभी भी प्रभावित हैं। मुख्य योजना हमीरपुर शहर की है। ब्यास नदी से हमीरपुर शहर को पानी सप्लाई होता है। बीते दिनों से शहर में जलापूर्ति नहीं हुई है। हर दिन 90 लाख लीटर पानी की मांग शहर में है। प्लाही स्थित हमीरपुर टाउन की योजना की राइजिंग मेन टूट गई है।
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वीरवार को विभाग ने यहां पर पोकलेन पहुंचा दी है, लेकिन ब्यास के जलस्तर के कम होने का इंतजार किया जा रहा है। हालांकि, पोकलेन को ब्यास में उतारने से पूर्व जल शक्ति विभाग एक दफा वैकल्पिक राइजिंग मेन का प्रयोग करने का प्रयास करेगा। इसके चलते शुक्रवार को भी सप्लाई बहाल होने की उम्मीद नहीं है।
वहीं, कुणाह खड्ड पर स्थित बस्सी झनियारा और खग्गल बरवाड़ा योजना की राइजिंग मेन भी क्षतिग्रस्त है। सुजानपुर और भोरंज की सभी पेयजल योजनाओं को बहाल कर दिया गया है, लेकिन बड़सर की दो और नादौन की तीन पेयजल योजनाएं अभी तक ठप हैं।
कोट
हमीरपुर टाउन की योजना को बहाल करने के लिए अन्य वैकल्पिक राइजिंग मेनलाइन के प्रयोग की संभावना को भी देखा जा रहा है। जलस्तर कम होते ही यहां पर क्षतिग्रस्त राइजिंग मेनलाइन की मरम्मत भी की जाएगी। पोकलेन नदी में उतारने के लिए बहाव को मोड़ने के प्रयास किए गए हैं। इसके अलावा अन्य 9 पेजयल योजनाओं को बहाल करने के प्रयास जारी हैं।
-नीरज भोगल, अधीक्षण अभियंता, जल शक्ति विभाग हमीरपुर