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Hamirpur (Himachal) News: श्रीराम के धनुष तोड़ते ही देवताओं ने की पुष्पवर्षा
Sat, 27 Sep 2025 09:06 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 27 Sep 2025 09:06 PM IST
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उपमंडल नादौन के बड़ा में वर्तमान में होने वाली रामलीला मंचन का दृश्य : स्रोत राम क्लब
नादौन (हमीरपुर)। उपमंडल स्तर पर चल रही रामलीला में शुक्रवार को कलाकारों ने सीता स्वयंवर के दृश्य का मंचन किया गया। रामलीला के निर्देशक यशपाल भाटिया ने बताया कि दृश्य में दिखाया गया कि भगवान राम स्वयंवर में जैसे ही प्रवेश करते हैं, सब उनके मनमोहक रूप को देखकर मोहित हो उठते हैं। स्वयंवर में महाराजा जनक घोषणा करते हुए कहते हैं कि जो भी राजा धनुष को खंडित करेगा, उस राजा से अपनी पुत्री सीता का विवाह करेंगे।
राजा जनक की घोषणा को सुनकर संसार के विभिन्न राज्यों से आए राजाओं ने एक-एक करके धनुष को खंडित करने का प्रयास किया लेकिन सभी राजा विफल रहे। यह सब देखकर महाराजा जनक भरी सभा में एलान करते हैं कि विश्व में कोई भी वीर नहीं बचा जो इस धनुष को खंडित करेगा। उनकी बात को सुनकर लक्ष्मण क्रोधित होते हैं। लक्ष्मण को क्रोधित होता देख भगवान राम ने उनको शांत किया। मुनि विश्वामित्र ने श्रीराम को धनुष खंडित करने का आदेश दिया। भगवान श्री राम ने धनुष को तिनके के समान उठा कर उसका खंडन कर दिया। भगवान श्री राम द्वारा धनुष का खंडित करते ही देवताओं ने पुष्प वर्षा के साथ अभिनंदन किया। धनुष तोड़ने के बाद सीता ने भगवान राम के गले में जयमाला डाल दी। रामलीला मंचन में राम विवाह का उत्सव मनाया गया।
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राजा जनक की घोषणा को सुनकर संसार के विभिन्न राज्यों से आए राजाओं ने एक-एक करके धनुष को खंडित करने का प्रयास किया लेकिन सभी राजा विफल रहे। यह सब देखकर महाराजा जनक भरी सभा में एलान करते हैं कि विश्व में कोई भी वीर नहीं बचा जो इस धनुष को खंडित करेगा। उनकी बात को सुनकर लक्ष्मण क्रोधित होते हैं। लक्ष्मण को क्रोधित होता देख भगवान राम ने उनको शांत किया। मुनि विश्वामित्र ने श्रीराम को धनुष खंडित करने का आदेश दिया। भगवान श्री राम ने धनुष को तिनके के समान उठा कर उसका खंडन कर दिया। भगवान श्री राम द्वारा धनुष का खंडित करते ही देवताओं ने पुष्प वर्षा के साथ अभिनंदन किया। धनुष तोड़ने के बाद सीता ने भगवान राम के गले में जयमाला डाल दी। रामलीला मंचन में राम विवाह का उत्सव मनाया गया।
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