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Hamirpur (Himachal) News: अवाहदेवी में बाबा बालकनाथ मंदिर का किया उद्घाटन
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अब माता के दर्शनों के साथ श्रद्धालु पौणाहारी के भी कर सकेंगे दर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
अवाहदेवी (हमीरपुर)। उपमंडल भोरंज के अंतर्गत अवाहदेवी माता मंदिर में अब श्रद्धालु माता के साथ पौणाहारी के दर्शन भी कर सकेंगे। वीरवार को मंदिर परिसर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ दियोटसिद्ध के महंत राजेंद्र गिरी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने नव निर्मित बाबा बालक नाथ मंदिर अवाहदेवी का उद्घाटन कर लोकार्पण किया गया। इस दौरान मंदिर कमेटी के प्रधान सुरजीत सिंह व कमेटी के समस्त पदाधिकारियों ने मुख्यातिथि को माता का चित्र देकर सम्मानित किया। महंत की ओर से इस हवन यज्ञ में पूर्णाहुति डालने के बाद मंदिर के कपाट खोलकर श्रद्धालुओं के लिए समर्पित कर दिया गया। मंदिर कमेटी के प्रधान सुरजीत सिंह ने कहा कि मंदिर आज से करीब 50 वर्ष पूर्व पंजाब के लुधियाना के एक भक्त की ओर से बनवाया गया था। इससे पहले लोग खुले में ही बाबा की पूजा-अर्चना करते थे। फिर सिद्ध बाबा सरबन नाथ के आदेश से भक्त ने मंदिर बनाया था। चार वर्ष पूर्व अवाहदेवी माता मंदिर कमेटी ने मंदिर को बनाने का बीड़ा उठाया। इस मौके पर मंदिर कमेटी के उपप्रधान कुलदीप सिंह, कोषाध्यक्ष विपन शर्मा, सचिव ओम चंद पठानिया और पूर्व के प्रधान बक्शी राम गुलेरिया, सचिव रमेश चंद गुलेरिया आदि सहित कमेटी के सदस्य उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अवाहदेवी (हमीरपुर)। उपमंडल भोरंज के अंतर्गत अवाहदेवी माता मंदिर में अब श्रद्धालु माता के साथ पौणाहारी के दर्शन भी कर सकेंगे। वीरवार को मंदिर परिसर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ दियोटसिद्ध के महंत राजेंद्र गिरी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने नव निर्मित बाबा बालक नाथ मंदिर अवाहदेवी का उद्घाटन कर लोकार्पण किया गया। इस दौरान मंदिर कमेटी के प्रधान सुरजीत सिंह व कमेटी के समस्त पदाधिकारियों ने मुख्यातिथि को माता का चित्र देकर सम्मानित किया। महंत की ओर से इस हवन यज्ञ में पूर्णाहुति डालने के बाद मंदिर के कपाट खोलकर श्रद्धालुओं के लिए समर्पित कर दिया गया। मंदिर कमेटी के प्रधान सुरजीत सिंह ने कहा कि मंदिर आज से करीब 50 वर्ष पूर्व पंजाब के लुधियाना के एक भक्त की ओर से बनवाया गया था। इससे पहले लोग खुले में ही बाबा की पूजा-अर्चना करते थे। फिर सिद्ध बाबा सरबन नाथ के आदेश से भक्त ने मंदिर बनाया था। चार वर्ष पूर्व अवाहदेवी माता मंदिर कमेटी ने मंदिर को बनाने का बीड़ा उठाया। इस मौके पर मंदिर कमेटी के उपप्रधान कुलदीप सिंह, कोषाध्यक्ष विपन शर्मा, सचिव ओम चंद पठानिया और पूर्व के प्रधान बक्शी राम गुलेरिया, सचिव रमेश चंद गुलेरिया आदि सहित कमेटी के सदस्य उपस्थित रहे।