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बारूद के ढेर पर बाबा बालक नाथ मंदिर परिसर
प्रवीण कुमार/अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Wed, 01 Jun 2016 06:12 PM IST
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उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर में नहीं अग्निशमन केंद्र।
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तरी भारत का प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर परिसर बारूद के ढेर पर है। जिला हमीरपुर के बड़सर उपमंडल में स्थित मंदिर के आसपास दूर-दूर तक अग्निशमन केंद्र नहीं है। बाबा बालक नाथ मंदिर के चढ़ावे से मंदिर ट्रस्ट को हर साल करोड़ों रुपये का राजस्व मिलता है।
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चैत्र मास के मेलों में लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर पर शीश नवाने पहुंचते हैं। महीने के हर रविवार को श्रद्धालु मंदिर में माथा टेकने आते हैं। सोना-चांदी के अलावा करोड़ों रुपये के चढ़ावे के बावजूद श्रद्धालुुओं और यहां मंदिर परिसर में कारोबार करने वालों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं।
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आग से निपटने के लिए 45 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय से ही दमकल वाहन मौके लिए रवाना होते हैं। बुधवार सुबह मंदिर मार्ग बनी दुकानों में लगी आग ने मंदिर ट्रस्ट और जिला प्रशासन के बेहतर सुरक्षा प्रबंधों की पोल खोल दी है।
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बताया जा रह है कि प्रदेश सरकार से बड़सर उपमंडल में फायर स्टेशन खोलने की सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। हालांकि, प्रशासन अभी तक फायर स्टेशन के लिए जमीन नहीं ढूंढ पाया है।
पहले भी लग चुकी आग
बुधवार को एक दर्जन दुकानों में लगी आग को बुझाने के लिए हमीरपुर से एक दमकल विभाग की एक गाड़ी, बिलासपुर और घुमारवीं से दो गाड़ियां मौके के लिए रवाना करनी पड़ी। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। दो साल पहले भी मंदिर मार्ग पर आधा दर्जन दुकानों में काफी नुकसान हुआ था। बड़सर के जंगलों में हर साल करोड़ों की वन संपदा को आग से नुकसान पहुंच रहा है।
बाबा बालक नाथ मंदिर मार्ग पर एक दर्जन दुकानों में आग लगी है। मैंने मौके पर पहुंचकर प्रभावितों को 5-5 हजार रुपये की फौरी राहत दी। उपमंडल के लिए स्वीकृत फायर स्टेशन के लिए रिकॉर्ड देखना पड़ेगा।
- अक्षय सूद, एसडीएम एवं चेयरमैन, बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट, बड़सर