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Hamirpur (Himachal) News: एनआईटी हमीरपुर में स्थापित होगी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रयोगशाला
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हमीरपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर (एनआईटी) के कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग को विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) की ओर से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए 2.23 करोड़ रुपये का अनुदान प्राप्त करने के लिए चुना गया है। यह अनुदान उच्च शिक्षा संस्थानों और विश्वविद्यालयों के लिए एफआईएसटी (फंड फोर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट वाय साइंस एंड टेक्नोलॉजी) कार्यक्रम के तहत विज्ञान और प्रौद्योगिकी के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए एक फंड के रूप में विभाग से प्राप्त हुआ है। प्रस्ताव अप्रैल 2023 के महीने में तैयार किया गया था।
इसे सितंबर 2023 के महीने में डीएसटी की ओर से प्रस्तुति के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। पूरी तरह से जांच के बाद और प्रस्ताव की व्यवहार्यता के आधार पर अंततः प्रस्ताव को वित्तीय अनुदान देने के लिए डीएसटी की ओर से चुना गया। एनआईटी हमीरपुर के निदेशक प्रोफेसर एचएम सूर्यवंशी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स की प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए प्रतिष्ठित अनुदान प्राप्त करना एनआईटी हमीरपुर के लिए गर्व का क्षण है। इससे संस्थान की अनुसंधान गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा उन्होंने कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख डॉ. नवीन चौहान और विभाग के संकाय सदस्यों को एफआईएसटी (फंड फोर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट वाय साइंस एंड टेक्नोलॉजी) प्रस्ताव तैयार करने और उसे विषय विशेषज्ञ पैनल के समक्ष सफलतापूर्वक प्रस्तुत करने में उनकी कड़ी मेहनत के लिए बधाई दी है। प्रोफेसर सूर्यवंशी ने आगे कहा कि एफआईएसटी (फंड फोर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट वाय साइंस एंड टेक्नोलॉजी) अनुदान के माध्यम से बनाई गई अनुसंधान सुविधाओं से न केवल एनआईटी हमीरपुर को मदद मिलेगी, बल्कि इससे स्टार्टअप ईको सिस्टम सहित राज्य के अन्य संस्थानों और विश्वविद्यालयों को भी मदद मिलेगी।
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इसे सितंबर 2023 के महीने में डीएसटी की ओर से प्रस्तुति के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। पूरी तरह से जांच के बाद और प्रस्ताव की व्यवहार्यता के आधार पर अंततः प्रस्ताव को वित्तीय अनुदान देने के लिए डीएसटी की ओर से चुना गया। एनआईटी हमीरपुर के निदेशक प्रोफेसर एचएम सूर्यवंशी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स की प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए प्रतिष्ठित अनुदान प्राप्त करना एनआईटी हमीरपुर के लिए गर्व का क्षण है। इससे संस्थान की अनुसंधान गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
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इसके अलावा उन्होंने कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख डॉ. नवीन चौहान और विभाग के संकाय सदस्यों को एफआईएसटी (फंड फोर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट वाय साइंस एंड टेक्नोलॉजी) प्रस्ताव तैयार करने और उसे विषय विशेषज्ञ पैनल के समक्ष सफलतापूर्वक प्रस्तुत करने में उनकी कड़ी मेहनत के लिए बधाई दी है। प्रोफेसर सूर्यवंशी ने आगे कहा कि एफआईएसटी (फंड फोर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट वाय साइंस एंड टेक्नोलॉजी) अनुदान के माध्यम से बनाई गई अनुसंधान सुविधाओं से न केवल एनआईटी हमीरपुर को मदद मिलेगी, बल्कि इससे स्टार्टअप ईको सिस्टम सहित राज्य के अन्य संस्थानों और विश्वविद्यालयों को भी मदद मिलेगी।
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