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यूक्रेन से सकुशल घर लौटे अमन, परिजनों ने केक काटा मनाया जश्न
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यूक्रेन से लौटे अमन शर्मा का केट काटकर स्वागत करते परिवार के सदस्य।
- फोटो : Hamirpur-HP
हमीरपुर। यूक्रेन में फंसे हमीरपुर के अमन शर्मा सकुशल घर लौट आए हैं। शुक्रवार को सुबह साढ़े छह बजे वह दिल्ली से हमीरपुर बस स्टैंड वोल्वो बस से पहुंचे। घर पहुंचने पर माता-पिता समेत परिजनों ने उनका फूल माला के साथ स्वागत किया। घर पर केक काटकर बेटे की सकुशल वापसी का जश्न मनाया गया।
बता दें कि नगर परिषद हमीरपुर के वार्ड नंबर चार के अमन शर्मा वर्ष 2020 से यूक्रेन की व्यूकोवियन स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी चेरनवसी में एमबीबीएस कर रहे हैं। वर्तमान में उनका एमबीबीएस में द्वितीय वर्ष चल रहा था। उन्होंने चंबा जिला के डीपीएस स्कूल से बारहवीं कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण की है। जिसके बाद वह यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं।
अमन ने बताया कि वे 26 फरवरी को विवि के हॉस्टल को छोड़ रोमानिया बॉर्डर तक पहुंचे। उन्हें करीब आठ किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। 27 फरवरी को बॉर्डर पर पहुंचने के बाद पासपोर्ट और वीजा वेरिफिकेशन के लिए 18 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। बॉर्डर पर पहले ही करीब तीन हजार से अधिक लोग खड़े थे। इस बीच भारतीय दूतावास के अधिकारी भी वहां मौजूद थे। उन्होंने उन्हें रोमानिया के रास्ते पहले 3 मार्च को पहले मुंबई और बाद में दिल्ली पहुंचाया। वीरवार रात करीब पौने नौ बजे उन्हें दिल्ली में हमीरपुर आने वाली वोल्वो बस में बिठाया गया।
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अमन के पिता संजीव शर्मा हमीरपुर में इलेक्ट्रिकल की दुकान करते हैं। अमन की बहन चंडीगढ़ में डाक्टर हैं। माता गृहिणी हैं। अमन शर्मा ने कहा कि भारत सरकार ने यूक्रेन में फंसे लोगों को निकालने में काफी मदद की है। व्यापार मंडल के प्रधान अनिल सोनी ने भी अमन का स्वागत किया।
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बता दें कि नगर परिषद हमीरपुर के वार्ड नंबर चार के अमन शर्मा वर्ष 2020 से यूक्रेन की व्यूकोवियन स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी चेरनवसी में एमबीबीएस कर रहे हैं। वर्तमान में उनका एमबीबीएस में द्वितीय वर्ष चल रहा था। उन्होंने चंबा जिला के डीपीएस स्कूल से बारहवीं कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण की है। जिसके बाद वह यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं।
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अमन ने बताया कि वे 26 फरवरी को विवि के हॉस्टल को छोड़ रोमानिया बॉर्डर तक पहुंचे। उन्हें करीब आठ किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। 27 फरवरी को बॉर्डर पर पहुंचने के बाद पासपोर्ट और वीजा वेरिफिकेशन के लिए 18 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। बॉर्डर पर पहले ही करीब तीन हजार से अधिक लोग खड़े थे। इस बीच भारतीय दूतावास के अधिकारी भी वहां मौजूद थे। उन्होंने उन्हें रोमानिया के रास्ते पहले 3 मार्च को पहले मुंबई और बाद में दिल्ली पहुंचाया। वीरवार रात करीब पौने नौ बजे उन्हें दिल्ली में हमीरपुर आने वाली वोल्वो बस में बिठाया गया।
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अमन के पिता संजीव शर्मा हमीरपुर में इलेक्ट्रिकल की दुकान करते हैं। अमन की बहन चंडीगढ़ में डाक्टर हैं। माता गृहिणी हैं। अमन शर्मा ने कहा कि भारत सरकार ने यूक्रेन में फंसे लोगों को निकालने में काफी मदद की है। व्यापार मंडल के प्रधान अनिल सोनी ने भी अमन का स्वागत किया।