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Hamirpur (Himachal) News: शिक्षण संस्थानों में एल्बेंडाजोल और विटामिन ए की दवाई खिलाई
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दिम्मी पंचायत में बच्चों को दवाई पिलाती आशा कार्यकर्ता।(संवाद)
हमीरपुर। जिले में बुधवार को स्वास्थ्य विभाग ने राष्ट्रीय कृमि रोग मुक्ति दिवस पर सभी स्कूलों के छात्रों और आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को एल्बेंडाजोल और विटामिन ए की दवाई खिलाई गई। बाल गुरुकुल पब्लिक स्कूल कांगू में नोडल अध्यापक पुष्पा देवी की अध्यक्षता में एलकेजी से 12वीं कक्षा तक के बच्चों को विटामिन-ए और कृमि मुक्ति एल्बेंडाजोल की दवाई दी गई। ज्योत्सना आईटीआई और जय भारती कॉलेज लोहारीं, राजकीय प्राथमिक पाठशाला भरठ्यान में मुख्याध्यापक मैडम कंचन की अध्यक्षता में डॉक्टर संजीव की ओर से बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवाई खिलाई गई। इसके साथ ही राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हमीरपुर से कृमि रोग मुक्ति दिवस का शुभारंभ किया।
डॉ. आरके अग्निहोत्री मुख्य चिकित्सा अधिकारी हमीरपुर ने पाठशाला के छात्रों को एल्बेंडाजोल की दवाई खिलाकर इसकी शुरुआत की। कृमि रोग मुक्ति दिवस के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए डा. आरके अग्निहोत्री ने बताया कि हमारे देश के बच्चों में कुपोषण एक गंभीर समस्या है। कुपोषण की एक मुख्य वजह बच्चों में आंत कृमि संक्रमण है। इस कृमि संक्रमण के चलते ये बच्चे कुपोषण के चक्कर से बाहर नहीं निकल पाते हैं तथा समय-समय पर अनेक अन्य बीमारियों जैसे दस्त, उल्टी, आंत्रशोथ, पीलिया टायफाइड, टीबी और त्वचा संबंधी रोगों से पीड़ित होते रहते हैं। आंत कृमि का संक्रमण बच्चों में मिट्टी में खेलने व काम करने से, संक्रमित भोजन और पेयजल के सेवन तथा व्यक्तिगत एवं पर्यावरण स्वच्छता की कमी के कारण लगातार चलता रहता है। इसलिए 1-19 वर्ष तक के बच्चों को साल में 2 बार कृमि नाशक दवाई एल्बेंडाजोल दी जाती है। एक से दो वर्ष के बच्चों को 200 मिली ग्राम यानी आधी गोली तथा 2 वर्ष से 19 तक के बच्चों को पूरी गोली यानी 400 मिलीग्राम एल्बेंडाजोल दी जाती है। इस अभियान के अंतर्गत जिलेभर के लगभग 1,35,759 बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवाई खिलाई जा रही है, जो बच्चे किसी कारणवश दवाई नहीं ले पाएंगे, उन्हें 5 दिसंबर के दिन विशेष राउंड में यह दवाई दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस मौके पर पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को विटामिन ए की भी दवाई साथ-साथ में पिलाई जाएगी।
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डॉ. आरके अग्निहोत्री मुख्य चिकित्सा अधिकारी हमीरपुर ने पाठशाला के छात्रों को एल्बेंडाजोल की दवाई खिलाकर इसकी शुरुआत की। कृमि रोग मुक्ति दिवस के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए डा. आरके अग्निहोत्री ने बताया कि हमारे देश के बच्चों में कुपोषण एक गंभीर समस्या है। कुपोषण की एक मुख्य वजह बच्चों में आंत कृमि संक्रमण है। इस कृमि संक्रमण के चलते ये बच्चे कुपोषण के चक्कर से बाहर नहीं निकल पाते हैं तथा समय-समय पर अनेक अन्य बीमारियों जैसे दस्त, उल्टी, आंत्रशोथ, पीलिया टायफाइड, टीबी और त्वचा संबंधी रोगों से पीड़ित होते रहते हैं। आंत कृमि का संक्रमण बच्चों में मिट्टी में खेलने व काम करने से, संक्रमित भोजन और पेयजल के सेवन तथा व्यक्तिगत एवं पर्यावरण स्वच्छता की कमी के कारण लगातार चलता रहता है। इसलिए 1-19 वर्ष तक के बच्चों को साल में 2 बार कृमि नाशक दवाई एल्बेंडाजोल दी जाती है। एक से दो वर्ष के बच्चों को 200 मिली ग्राम यानी आधी गोली तथा 2 वर्ष से 19 तक के बच्चों को पूरी गोली यानी 400 मिलीग्राम एल्बेंडाजोल दी जाती है। इस अभियान के अंतर्गत जिलेभर के लगभग 1,35,759 बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवाई खिलाई जा रही है, जो बच्चे किसी कारणवश दवाई नहीं ले पाएंगे, उन्हें 5 दिसंबर के दिन विशेष राउंड में यह दवाई दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस मौके पर पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को विटामिन ए की भी दवाई साथ-साथ में पिलाई जाएगी।
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