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पहले बीएड प्रवेश परीक्षा में ड्यूटी दी, उसके बाद दिया धरना
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हमीरपुर। राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर में प्राध्यापकों का मांगों को लेकर पांचवें दिन भी धरना-प्रदर्शन जारी रहा। शुक्रवार को बीएड प्रवेश परीक्षा के चलते धरना-प्रदर्शन एक घंटा देरी से 1:30 से 2:30 बजे तक हुआ। प्राध्यापकों ने पहले बीएड प्रवेश परीक्षा में ड्यूटी दी उसके बाद एक घंटे के प्रदर्शन में भाग लिया। हालांकि प्राध्यापकों को उम्मीद थी कि वीरवार को हुई प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में मांगों पर चर्चा होगी, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।
एचजीसीटीए स्थानीय इकाई के अध्यक्ष डॉ. एमएस मिश्रा ने कहा कि प्राध्यापकों में निराशा है। यूजीसी के सातवें वेतनमान को कॉलेज और विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों के लिए लागू करवाने की निरंतर मांग की जा रही है। पुरानी पेंशन बहाली के लिए सरकार से आग्रह किया जा रहा है। एमफिल व पीएचडी की वेतन वृद्धि बहाल की जानी अपेक्षित है। अधिकांश कॉलेज बिना प्राचार्य के चल रहे हैं। कॉलेज प्राचार्य पद के लिए डीपीसी किए जाने की मांग लंबित है। प्राध्यापकों का यह एक घंटे का धरना प्रदर्शन 30 मई तक शांतिप्रिय तरीके से जारी रहेगा। इस अवसर पर उपाध्यक्ष डॉ. अमरजीत, सचिव डॉ. पुष्पेंद्र सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
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एचजीसीटीए स्थानीय इकाई के अध्यक्ष डॉ. एमएस मिश्रा ने कहा कि प्राध्यापकों में निराशा है। यूजीसी के सातवें वेतनमान को कॉलेज और विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों के लिए लागू करवाने की निरंतर मांग की जा रही है। पुरानी पेंशन बहाली के लिए सरकार से आग्रह किया जा रहा है। एमफिल व पीएचडी की वेतन वृद्धि बहाल की जानी अपेक्षित है। अधिकांश कॉलेज बिना प्राचार्य के चल रहे हैं। कॉलेज प्राचार्य पद के लिए डीपीसी किए जाने की मांग लंबित है। प्राध्यापकों का यह एक घंटे का धरना प्रदर्शन 30 मई तक शांतिप्रिय तरीके से जारी रहेगा। इस अवसर पर उपाध्यक्ष डॉ. अमरजीत, सचिव डॉ. पुष्पेंद्र सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
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